Home > बिज्ञान और तकनीक > पोखरण में भारत ने किया १००० किलोग्राम के ग्‍लाइड बम का सफल परीक्षण, जानिए इस कि खासियत

पोखरण में भारत ने किया १००० किलोग्राम के ग्‍लाइड बम का सफल परीक्षण, जानिए इस कि खासियत

glide bomb

जयपुर। डीआरडीओ ने पहली बार लेजर बीम टेक्निक वाले ग्लाइड बम का परीक्षण किया है और ये परीक्षण पुर्णत: सफल रहा है। गरुड़ और गुरुथमा नाम के ग्लाइड बम को वायुसेना के लड़ाकू विमान सुखोई से दागा गया। इस की रेंज 100 किलोमीटर है। इन्हें इस साल के अंत तक एयरफोर्स में शामिल कर लिया जाएगा। दोनों ग्लाइड बम स्वदेशी हैं।


दोनों की रेंज में पाकिस्तान का लगभग 100 किलोमीटर का दायरा शामिल होगा।

यह इन ग्लाइड बम का तीसरा परीक्षण था। इस परीक्षण में डीआरडीओ और वायुसेना के अधिकारी सम्मिलित थे। ग्लाइड बम को डीआरडीओ ने पुणे व हैदराबाद की लैब में तैयार किया है। उड़ीसा के चांदीपुर रेंज के समुद्र में 2015 में ग्लाइड बम का परीक्षण किया गया था। १००० किलोग्राम के गुरुथमा ने १०० किलोमीटर दूर टारगेट को निशाना बनाया और गरुड़ ने ३० किलोमीटर दूर के टारगेट को निशाना बनाया। इन ग्लाइड बमों की विशेषता ये है की इन से दुश्मनों के ठिकानों को निशाना बनाना और उन्हें नष्ट करना बहुत आसान है।

सबसे पहले जर्मनी ने इसका इस्तेमाल किया था। जिसके बाद ब्रिटेन, अमेरिका, फ्रांस और रूस में भी इन्हें विकसित किया। हमें मिली जानकारी के तहत, इस बम का परीक्षण दो दिन पहले किया गया, परंतु सुरक्षा कारणों से इसकी किसी भी जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया गया।


इस न्यूज़ को अपने मित्रों के साथ शेयर करना न भूलें। आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए हैं।

सब्सक्राइब करें हमारा यू-ट्यूब चैनल


हिंदी न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें


फेसबुक पेज लाइक करें

loading...

Comments