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प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ सीएम योगी का सबसे बड़ा फैसला, सड़क पर आये शिक्षा माफिया

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लखनऊ : पिछले काफी वक़्त से लोगों की शिकायत थी कि प्राइवेट स्कूल शिक्षा के नाम पर अवैध वसूली कर रहे हैं. लोगों की गुहार सुनकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने बेहद ऐतिहासिक निर्णय ले लिया है, जिससे देशभर में लोग उनके गुणगान करते नहीं थक रहे हैं. यूपी से दिल्ली तक सीएम योगी के इस जबरदस्त फैसले से हिल गया है.


सिटीजन चार्टर लागू !

प्राइवेट स्कूलों और कॉलेजों द्वारा अवैध वसूली, मनमानी फीस तथा कॉलेज मैनेजमेंट द्वारा अलग-अलग तरीके से धन उगाही पर रोक लगाने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने बेहद कड़ा कदम उठाते हुए राजधानी लखनऊ में सिटीजन चार्टर लागू किए जाने का फैसला लिया है.

मुख्यमंत्री के इस आदेश के बाद शिक्षा के नाम पर लूट करने वालों को सख्त लहजे में हिदायत दी गयी है कि या तो अब वो अपनी लूट बंद कर दें या फिर जनपद छोड़ दें. सीएम योगी के सिटीजन चार्टर लागू किए जाने के फैसले के बाद प्राइवेट स्कूलों द्वारा मनमानी फीस और अवैध वसूली नहीं की जा सकेगी.

फीस के साथ-साथ किताबों-कॉपियों, स्कूल यूनिफार्म इत्यादि के नाम पर भी लूट अब नहीं की जा सकेगी क्योंकि सिटीजन चार्टर लागू होने के बाद स्कूलों से किताब,कॉपी और स्टेशनरी की खरीद पूरी तरह से बंद हो जायेगी. योगी सरकार के इस फैसले को शुरूआती दौर में लखनऊ के 51 राजकीय और 101 सहायता प्राप्त स्कूलों में लागू किया गया है. इसके साथ-साथ 123 सीबीएससी स्कूलों में भी ये फैसला लागू होगा.


स्टेशनरी बेचने पर दर्ज होगा केस !

अब यदि किसी भी स्कूल ने मार्कशीट और टीसी देने के नाम पर बच्चों के अभिभावकों से धन उगाही की कोशिश की तो उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा. केवल इतना ही नहीं बल्कि अब स्कूल में हर साल री-एडमिशन करने पर भी कोई पैसा नहीं लिया जाएगा.

स्कूलों द्वारा ज्यादा फीस वसूलने, स्टेशनरी या यूनिफार्म, किताबों-कॉपियों के नाम पर अवैध वसूली करने और शिक्षा के व्यवसायीकरण पर रोक होगी. अभिभावकों को स्कूलों से जबरदस्ती किताबें-कॉपियां खरीदने के लिए कोई विवश नहीं कर पायेगा. सभी स्कूलों को इ-मेल के जरिये से आपस में जोड़ा जाएगा. शिक्षा विभाग अभियान चलाकर कड़ाई से सिटीजन चार्टर लागू करेगा और समय-समय पर इसका निरिक्षण करके देखा जाएगा कि आदेश का ठीक तरीके से पालन हो रहा है या नहीं. कोई भी यदि इस फैसले का उलंघन करता पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही होगी.

साफ़ देखा जा सकता है कि योगी ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी ख़त्म करने का फैसला ले लिया है. अब गरीब माता-पिता भी अपने बच्चों को अच्छे स्कूलों में आसानी से पढ़ा सकेंगे. अच्छी शिक्षा के नाम पर शिक्षा माफिया अब उनकी जेबें नहीं काट सकेंगे.


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