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प्यार की भाषा समझ नहीं आयी तो सीएम योगी आदित्यनाथ ने उठाया हंटर, निकाल दी सारी चतुराई !

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लखनऊ : यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभी हाल ही में सरकारी डॉक्टरों को प्राइवेट प्रैक्टिस ना करने की हिदायत दी थी. लेकिन शायद कुछ डॉक्टरों के बात समझ नहीं आयी, उन्हें लगा कि योगी एक्शन नहीं लेंगे और यदि लिए भी तो सबूतों के अभाव में उनका कुछ नहीं बिगड़ेगा. लेकिन सीएम योगी ने एक ऐसा फैसला लिया है जिससे ऐसे डॉक्टरों की सारी होशियारी धरी की धरी रह गयी है.


सरकारी डॉक्टरों का स्टिंग ऑपरेशन !

दरअसल प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले सरकारी डॉक्टरों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए और उन्हें सबूतों के साथ रंगे हाथों पकड़ने के लिए स्वास्थ्य महकमे ने ‘स्टिंग ऑपरेशन’ करने शुरू कर दिए है. पहले ही मौके पर बांदा व गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के दो डॉक्टर ‘स्टिंग ऑपरेशन’ में रंगे हाथों पकडे गए हैं.

इनके खिलाफ अब सख्त कार्यवाही की जायेगी. कुछ ही दिन पहले किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी डॉक्टरों को प्राइवेट प्रैक्टिस ना करने की सख्त हिदायत दी थी. जिसके बाद स्वास्थ्य महकमे ने योगी के निर्देशों का तेजी से पालन करते हुए ऐसे डॉक्टरों को रंगे हाथों दबोचने के लिए तेजी से कार्यवाही करनी शुरू कर दी.

निकल गयी सारी चतुराई !

सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस रोकने की कोशिशें पहले भी कई बार की गयीं लेकिन ऐसे चतुर डॉक्टर हर बार सबूतों के अभाव में बचते रहे. पकडे ना जाएँ इसके लिए कई डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस के दौरान सादे कागज पर दवाइयां लिखते हैं, तो कुछ निजी चिकित्सकों के पर्चो पर दवा लिखते हैं. ऐसे में इनके खिलाफ सबूत ना होने के कारण ये बच निकलते थे. लेकिन सरकार द्वारा चलाये स्टिंग ऑपरेशन में पकडे जाने से वीडियो अब सबूत का काम करेगा और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कार्यवाही की जा सकेगी.


ख़बरों के मुताबिक़ स्टिंग ऑपरेशन के पहले दौर में बी बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के नाक-कान-गला विभागाध्यक्ष डॉ. आरएन यादव और राजकीय मेडिकल कॉलेज बांदा केमेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. करन राजपूत प्राइवेट प्रैक्टिस करते रंगे हाथों पकडे गए हैं.

होगी कड़ी कार्यवाही !

अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अरुण सिन्हा ने डॉ. यादव के स्टिंग का वीडियो चिकित्सा शिक्षा विभाग को भेजा है और कार्यवाही करने की हिदायत दी है. डॉ. राजपूत का स्टिंग चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कराया है. स्टिंग में रंगे हाथों पकडे जाने पर चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डॉ. वीएन त्रिपाठी ने 3 दिन के अंदर-अंदर दोनों ही डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं, जिससे अन्य डॉक्टरों को भी सबक मिल सके.

इसी के साथ चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय ने सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस रोकने की जिम्मेदारी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों को सौंपी है. प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वो अपने स्तर पर भी ऐसे डॉक्टरों का स्टिंग कराएं ताकि सरकारी डॉक्टरों को प्राइवेट प्रक्टिसे करने से रोका जा सके.


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