Home > ख़बरें > अभी-अभी : सीएम योगी ने लिया अबतक का सबसे बड़ा और जबरदस्त फैसला, रच दिया इतिहास !

अभी-अभी : सीएम योगी ने लिया अबतक का सबसे बड़ा और जबरदस्त फैसला, रच दिया इतिहास !

lucknow-street-hawkers-yogi-adityanath

नई दिल्ली : यूपी के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ प्रतिदिन ही प्रदेश की जनता के लिए बेमिसाल और ऐतिहासिक फैसले लेते ही जा रहे हैं. एक भी दिन वो जाया नहीं जाने दे रहे. आज सीएम योगी के कारण आखिरकार वो दिन भी आ ही गया, जिसका अब्दुल और उसके साथी सालों से इंतजार कर रहे थे. अमीनाबाद के फुटपाथ पर पिछले 20 सालों से पन्नी बिछाकर हवाई चप्पलें बेचने वाले बुजुर्ग को भी अब स्थायी स्थल मिल सकेगा.

पटरी दुकानदारों को मिलेंगी पक्की दुकाने

दरअसल गरीबी के चलते पटरी दुकानदार फुटपाथ पर ही अपना सामान आजतक बेचते आये थे. कई सरकारें आयीं और गयीं लेकिन इन पटरी वालों की किसी ने सुध ना ली. खुले में सामान बेचने वालों को ना केवल मौसम की मार झेलनी पड़ती थी बल्कि आये दिन नगर निगम वालों का प्रकोप भी सहना पड़ता था. लेकिन अब इनके लिए स्थायी स्थल बनाये जाने का फैसला लिया गया है. स्थायी स्थल से ना तो इन्हे पुलिस भगाएगी और ना ही नगर निगम का दस्ता उजाड़ेगा.

अब्दुल जैसे करीब दो लाख पटरी दुकानदारो को रोजगार के लिए स्थायी स्थल और लाइसेंस मुहैया कराने के योगी सरकार के फैसले से सभी के चेहरे ख़ुशी से खिल उठे हैं. लम्बे इन्तजार के बाड़ अब इन्हे बार-बार अपना सामान उठाकर इधर-उधर भागना नहीं पड़ेगा.

यूपी पथ विक्रेता नियमावली-2017

दरअसल प्रचंड बहुमत के साथ आयी योगी सरकार ने यूपी पथ विक्रेता नियमावली-2017 लागू करके इन गरीबों को जो नायाब तोहफा दिया है, वो इन सब के लिए बेशकीमती ही है. सरकार के इस फैसले से लखनऊ में एक ओर तो लगभग 2 लाख पटरी दुकानदारों को रोजगार के लिए स्थायी स्थल और लाइसेंस मिलेगा, वहीं दूसरी ओर पटरी बाजार के हटने से लोगों को ट्रैफिक जाम की सबसे बड़ी समस्या से भी निजात मिलेगी.

बाजारों में ऊटपटांग व् अव्यवस्थित तरीके से नज़र आने वाली पटरी दुकानों के व्यवस्थित हो जाने से यहां का पूरा नजारा ही बदल जाएगा. साथ ही ग्राहक भी बाजार में आसानी से आवागमन कर पाएंगे. स्थायी स्थल होने से दुकानदारों व व्यापारियों का कारोबार भी बढ़ेगा, जिससे सरकार को मिलने वाले राजस्व में भी वृद्धि होगी.


राज्य सरकार के “यूपी पथ विक्रेता नियमावली-2017” लागू करने के फैसले से टाऊन वेन्डिंग कमेटी (पथ विक्रय समिति) बनेगी, ये कमेटी तय करेगी कि नगर निगम क्षेत्र की किन-किन सड़कों के किनारे पटरी दुकानदारों को स्थायी स्थल मुहैया करके समायोजित किया जा सकेगा. कमी ये भी तय करेंगी कि किन-किन सड़कों को पटरी दुकानरहित (नो वेन्डिंग जोन) बनाया जाएगा.

पिछली सरकारों ने किया नज़रअंदाज

दरअसल ठेला-गुमटी और फेरी के साथ सड़क और फुटपाथ पर खुले में अपना कारोबार करने के लिए बनायी गयी ‘‘राष्ट्रीय फेरी नीति” के तहत पटरी दुकानदारों को मौजूदा कारोबार स्थल के आस-पास ही दो बाय दो मीटर व्यवस्थित स्थल पर बसाने का प्रावधान था. 2007 में मायावती की तत्कालीन सरकार ने इसे स्वीकार करते हुए लागू करने का एलान किया भी था, लेकिन भ्रष्टाचार में गले तक डूबी मायावती सरकार ने इसे कभी लागू ही नहीं किया.

लखनऊ फुटपाथ व्यापार समन्वय समिति के अध्यक्ष गोकुल प्रसाद के मुताबिक़ मायावती के बाद अखिलेश सरकार ने भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया. लेकिन योगी सरकार ने आते ही पटरी दुकानदारों के दुःख को दूर करने के लिए कमर कस ली और बिना टाल-मटोली के फैसला ले लिया.

गोकुल प्रसाद ने योगी सरकार के इस बेमिसाल फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि तीन महीने के अंदर-अंदर ही टाऊन वेन्डिंग कमेटी गठित हो जाए, जिससे पटरी दुकानदारों को कारोबार के लिए स्थायी स्थल और लाइसेंस मुहैया कराये जा सके. उन्होंने बताया कि पटरी दुकानदारों की सीएम योगी आदित्यनाथ से अब केवल इतनी गुजारिश है कि स्थायी स्थल मिलने और लाइसेंस हाथ में आने तक उन्हें मौजूदा स्थल से उजाड़ा ना जाए.

गोकुल प्रसाद के मुताबिक़ काफी उठा-पटक के बाद पिछले साल नगर निगम ने अपने मनमाने तरीके से पटरी दुकानदारों का सर्वे शुरू किया था, सर्वे के लिए डूडा के जरिये से एक निजी संस्था को भी काम पर लगाया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर तो कोई काम हुआ नहीं, केवल कागजी काम ही कर दिया गया. अब योगी सरकार ने पहल करते हुए पटरी दुकानदारों की सबसे बड़ी समस्या का स्थायी निदान निकाला है, जोकि बेहद सराहनीय कार्य है.


इस न्यूज़ को अपने मित्रों के साथ शेयर करना न भूलें। आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए हैं।
सब्सक्राइब करें हमारा यू-ट्यूब चैनल


हिंदी न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें


फेसबुक पेज लाइक करें

loading...

Comments