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इलाज के नाम पर लूट देख गुस्से में आये योगी ने डॉक्टरों का ही कर दिया इलाज, पिलाई कड़वी दवाई !

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लखनऊ : पिछले काफी वक़्त से देशभर की जनता की शिकायत रही है कि इलाज के नाम पर प्राइवेट डॉक्टरों ने देश में लूट मचाई हुई है. लोगों की शिकायत रही है कि पिछले 10 से 15 वर्षों में कई प्राइवेट डॉक्टर जनता को लूट-लूट कर एक क्लीनिक से बड़े-बड़े फाइव स्टार अस्पतालों के मालिक बन बैठे हैं. वहीँ सरकारी अस्पतालों की हालत इतनी खस्ता रही है कि लोगों को मजबूर होकर प्राइवेट डॉक्टरों के पास इलाज करवाने के लिए जाना ही पड़ता है.

लोगों की शिकायत रही है कि खुलेआम लूट चलती रही और सरकारें चुपचाप केवल तमाशा भर देखती रहीं. लेकिन बड़े पैमाने पर लोगों की शिकायतों को देखते हुए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब प्रदेश में डॉक्टरों की मनमानी पर नकेल कसने और चिकित्सा-व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कमर कस ली है.

बंद होगी जांच के नाम पर लूट !

सीएम योगी ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में कुछ अहम फैसले लिए हैं. कल उन्होंने लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी को 56 नए वेंटिलेटर की सौगात सौंपी. यहां उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने डॉक्टरों को बिना किसी लाग-लपेट के खूब खरी-खरी सुनाई. प्रदेश की चिकित्सा-व्यवस्था की हालत सुधारने के लिए उन्होंने डॉक्टरों को नसीहत देते हुए कहा है कि वो गैंग की तरह काम न करें.

सीएम योगी ने फटकार लगाते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में जांच के नाम पर लूट मची हुई है. उन्होंने डॉक्टरों को मरीजों के प्रति अधिक संवेदनशील होकर काम करने की सलाह देते हुए कहा कि वो केवल पैसे के लिए नहीं बल्कि दुआओं के लिए काम करें.

दो साल ग्रामीण क्षेत्रों में होगी पोस्टिंग !

उन्होंने कहा कि एक डॉक्टर को बनाने के लिए सरकार कितना सारा पैसा खर्च करती है. एमबीबीएस के छात्र दो साल तक अपनी सेवा ग्रामीण क्षेत्रों में दें. ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की जरुरत होने के बावजूद डॉक्टर वहां नहीं जाते. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री एक टीम बनाकर प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं पहुचाने का लक्ष्य बनाएं.

बंद होगी महंगी दवाओं के नाम पर लूट !

सीएम योगी ने कहा कि दवाओं के दाम करने के लिए भी काम किया जाएगा ताकि गरीबों को सस्ती दवाएं मिल सकें. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को पता नहीं किस बात की जल्दी रहती है कि वो एक मिनट भी मरीज से बात नहीं करते. उन्होंने कहा कि संवेदना ही डॉक्टर की पहचान है और प्यार से बात करने भर से आधी बीमारी दूर हो जाती है. केजीएमयू में सभी डॉक्टरों को इस रूप में बनना पड़ेगा.

योगी ने कहा कि गोरखपुर में सीटी स्केन केवल 450 से 500 रुपए में हो जाती है लेकिन मार्केट में उसी सीटी स्केन के लिए लोगों से 1500 से 2000 रुपये तक वसूले जाते हैं, ये सब बंद होना चाहिए. उन्होंने कहा कि यूपी में अभी 5 लाख डॉक्टरों की जरूरत है. उन्होंने कहा कि वो 1 फरवरी को बजट पेश करेंगे, उससे पहले दिसंबर तक उनके पास साड़ी जानकारी आ जानी चाहिए कि कितना पैसा कहां खर्च किया गया.

नहीं चलेगी मनमानी !

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 5 साल में एम्स जैसे 6 नए मेडिकल संस्थान और 25 नए मेडिकल कॉलेज की भी स्थापना की जायेगी. डॉक्टरों को सख्त हिदायतें देते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी डॉक्टरों को समय पर अस्पताल आना होगा और निजी प्रैक्टिस से दूर रहना होगा. उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी सरकारी डॉक्टर के खिलाफ कोई शिकायत आयी तो सख्त कार्यवाही की जायेगी.

सीएम योगी ने अखिलेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश की जनता के साथ भेदभाव किया था और सभी अच्छे डॉक्टरों को सैफई भेज दिया था. प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों के नाम पर जमकर लूट मचाई गई थी. इसके साथ ही उन्होंने देश के अलग-अलग राज्यों में एम्स खोलने के लिए पीएम मोदी को भी धन्यवाद किया.

कुल मिलाकर देखा जाए तो सीएम योगी ने ना केवल डॉक्टरों की मनमानी पर नकेल कसने के लिए फैसले लेने शुरू कर दिए हैं बल्कि प्रदेश की चिकित्सा-व्यवस्था को दुरुस्त करने करने का भी संकल्प ले लिया है. अभी सरकार बने एक महीना भी नहीं हुआ है और उनके द्वारा लिए जा रहे कड़े फैसलों की तारीफ़ देशभर में की जा रही है.

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