Home > ख़बरें > गुस्से में आये योगी ने धारण किया रौंद्र रूप, लिया इतना बड़ा फैसला कि छूटे गए सबके पसीने !

गुस्से में आये योगी ने धारण किया रौंद्र रूप, लिया इतना बड़ा फैसला कि छूटे गए सबके पसीने !

yogi-strict-on-acid-attacks

लखनऊ : यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ प्रदेश से गुंडागर्दी पूरी तरह ख़त्म करके क़ानून का राज स्थापित करने के अपने वादे पर तेजी से काम कर रहे हैं. इसी सिलसिले में अब योगी सरकार ने एक और बेहद अहम् फैसला लिया है, जिससे प्रदेश की जनता काफी खुश दिखाई दे रही है और अपने मुख्यमंत्री के गुण गाते नहीं थक रही है.


तेजाब हमले की बढ़ती घटनाओं पर नकेल !

दरअसल योगी सरकार ने तेजाब हमले की बढ़ती घटनाओं पर नकेल कसने का मन बना लिया है. पिछले कुछ वक़्त में मनचले आशिकों द्वारा लड़कियों पर तेजाब से हमले करने की कुछ घटनाएं सामने आयी थीं. इन घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए योगी सरकार ने अब तेजाब विक्रेताओं पर शिंकजा कसने का फैसला लिया है.

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में सीएम योगी ने गैंगरेप और एसिड अटैक की पीड़ित महिला से मुलाकात की थी. कुछ दबंगों ने पीड़ित महिला को जबरन तेजाब पिला दिया था. इस घटना के बारे में जानकार और पीड़िता की तकलीफें देखकर योगी गुस्से में आ गए और यूपी में तेजाब हमले की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए उन्होंने खुद निर्देश दिए.

फैसले के मुताबिक़ अब राज्य में 15 दिन के अंदर-अंदर हर तेजाब विक्रेता को अपने स्टॉक की रिपोर्ट संबंधित उपजिला मजिस्ट्रेट को देनी होगी. यदि कोई भी तेज़ाब विक्रेता इस आदेश को हलके में लेता है और इसका पालन नहीं करता है, तो उसपर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा.


केवल इतना ही नहीं बल्कि अधिकारी हर विक्रेता के स्टाक का निरीक्षण करेंगे और हर महीने की 7 तारीख को मीटिंग करके इसका पूरा ब्यौरा गृह विभाग को सौपेंगे. मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर इस आदेश के बारे में सूचित किया है.

बिना फोटोयुक्त पहचान पत्र के नहीं मिलेगा !

पत्र के जरिये ये भी आदेश दिए गए हैं कि अबसे प्रदेश में फोटोयुक्त पहचान पत्र देखे बिना किसी को भी तेज़ाब नहीं मिलेगा. तेज़ाब विक्रेता, तेज़ाब खरीदने वालों के बारे में पूरी जानकारी बाकायदा एक रजिस्टर में अंकित करेंगे और इसके साथ-साथ उसके फोटोयुक्त पहचान पत्र की प्रति भी सुरक्षित रखेंगे.

उप जिला मजिस्ट्रेट या औषधि-नियंत्रण विभाग या पुलिस अधिकारी या सहायक चिकित्सा अधिकारी हर महीने तेज़ाब के स्टॉक का निरिक्षण किया जाएगा और रजिस्टर के दर्ज की गयी जानकारी का निरीक्षण भी किया जाएगा. इसके बाद हर महीने की 7 तारीख को एक मीटिंग करके गृह विभाग को पूरी जानकारी देनी होगी जैसे कि कहाँ-कहाँ निरीक्षण किया गया, क्या कोई अनियमितता पायी गयी, यदि हाँ तो क्या कार्यवाही की गयी और कितना जुर्माना वसूला गया.

कुल मिलाकर प्रदेश में किस विक्रेता के पास कितना तेज़ाब गया और उसने किस ग्रहण को कितना तेज़ाब बेचा, अब इस बात की पूरी जानकारी पर सरकार की पैनी नज़र रहेगी. यदि तेज़ाब के हमले की कोई भी घटना होती है तो इस जानकारी के आधार पर फ़ौरन आरोपी को धर-दबोचा जाएगा. योगी सरकार ने तय किया है कि वो प्रदेश से तेज़ाब हमलों को पूरी तरह से ख़त्म करके ही दम लेंगे.


इस न्यूज़ को अपने मित्रों के साथ शेयर करना न भूलें। आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए हैं।
सब्सक्राइब करें हमारा यू-ट्यूब चैनल


हिंदी न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें


फेसबुक पेज लाइक करें

loading...

Comments