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अभी अभी : सीएम योगी के इस फैसले से झूम उठें अन्नदाता

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वाराणसी : प्रचंड बहुमत से उत्तर प्रदेश चुनाव जीत कर बीजेपी ने योगी आदित्यनाथ को प्रदेश का सीएम बना दिया. विरोधियों ने कहा कि योगी को प्रशासन चलाने का कोई अनुभव ही नहीं. शायद उन्हें लगा होगा कि योगी अपने वादे पूरे नहीं कर पाएंगे और अगली बार चुनाव में जनता उन्हें वोट नहीं देगी लेकिन योगी के एक जबरदस्त फैसले ने विरोधियों की आशाओं पर पानी फेर दिया है.


किसानों की कर्ज माफ़ी पर ताबड़तोड़ काम !

दरअसल चुनाव के वक़्त बीजेपी ने प्रदेश के सूखे और भूख की मार झेल रहे किसानों के कर्ज माफ़ी का वादा किया था. इस वादे को पूरा करने के लिए मानो योगी सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी है. अभी सरकार बने सिर्फ 2 ही हफ्ते हुए हैं और सूबे के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के मुताबिक़ प्रदेश के डेढ़ करोड़ किसानों के कर्ज माफ़ करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है. तैयार होने के बाद प्रस्ताव को मंजूरी के लिए भी भेज दिया गया है.

कृषि मंत्री के मुताबिक़ 4 अप्रैल को कैबिनेट की पहली बैठक में ही इसपर फैसला भी हो जाएगा. किसानों के दुःख के बादल अब छांटने वाले हैं, पहली ही बैठक में सीएम योगी किसानों की कर्जमाफी पर बड़ा फैसला लेने जा रहे हैं. गौरतलब है कि प्रदेश में दो करोड़ से ज्यादा लघु तथा सीमान्त किसानों पर लगभग 62000 करोड़ रुपये का कर्ज है.

बड़े पैमाने पर उठाये जा रहे हैं एक साथ कई कदम !

ख़बरों के मुताबिक़ कृषि मंत्री ने कहा है कि योगी सरकार किसानों की सहायता करने के लिए पूरी कोशिश कर रही है. किसानों के भले के लिए गेहूं की सरकारी खरीद का लक्ष्‍य दोगुना कर दिया गया है, यानी 40 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर इसे 80 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है.


केवल इतना ही नहीं बल्कि किसानों को अपना गेंहूँ बेचने में दिक्कतें ना आएं इसके लिए योगी सरकार ने फैसला लिया है कि हर 5 से 7 किलोमीटर पर एक क्रय केंद्र खोला जाएगा. समर्थन मूल्‍य भी 1625 रूपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है.

सरकार किसानों से ज्यादा गेंहू खरीदेगी तो उसके भंडारण की व्यवस्था भी की जा चुकी है. सालों से बंद पड़े गोदाम और पुराने कोल्‍ड स्‍टोरेज को दुरुस्त किया जाना शुरू हो चुका है. कृषि मंत्री ने बताया कि योगी सरकार ने 2022 तक किसानों की आर्थिक स्थिति में बड़े पैमाने पर सुधार लाने के लक्ष्य भी तय किये हैं. सरकार की पूरी कोशिश रहेगी कि किसानों की मौजूदा आय 15500 रुपये प्रति कैपिटा से बढ़ाकर 32000 रुपये प्रति कैपिटा कर दी जाए.

इसी के साथ सरकार इस ओर भी ख़ास ध्यान दे रही है कि किसानों को पीएम फसल बीमा योजना का पूरा-पूरा लाभ दिलाया जाए. फसल उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए गुजरात की तर्ज पर हर जिले में मिट्टी जांच केंद्र खोले जाएंगे. फिलहाल प्रदेश में केवल ऐसे 30 जांच केंद्र ही हैं लेकिन हर जिले में इन केंद्रों को खोले जाने से सभी किसान इसका समुचित लाभ उठा पाएंगे.

कुल मिलाकर देखा जा रहा है कि जिस तेजी से सीएम योगी किसानों की भलाई के लिए फैसले लेते जा रहे हैं, वो दिन दूर नहीं जब प्रदेश में एक बार फिर से हरित क्रान्ति आ जायेगी.


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