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हिन्दुओं के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने लिया बेहद सनसनीखेज फैसला, पूरे यूपी में मचा तहलका

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लखनऊ : यूपी एक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने कड़े फैसलों को लेकर देशभर में प्रसिद्द हो चुके हैं. क़ानून व्यवस्था को सुधारने और विकास के साथ-साथ वो भारत की प्राचीन संस्कृति की ओर भी ध्यान दे रहे हैं. अभी-अभी एक ऐसी बड़ी खबर सामने आयी है, जिसे देख देशभर में सेकुलरिज्म के नाम पर एक बहस छिड़ गयी है.

दरगाह की जगह बनेगा मंदिर

दरअसल विश्व हिंदू परिषद ने बहराइच में गाज़ी बाबा दरगाह की जगह सूर्य मंदिर का निर्माण करने की मांग रखी है. खबर आयी है कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने वीएचपी की इस मांग का समर्थन किया है. वीएचपी की ओर से काफी वक़्त से राजा सुहेलदेव की याद में फिर से सूर्य मंदिर निर्माण की मांग की जा रही है. बताया जाता है कि 11वीं शताब्दी में राजा सुहेलदेव ने ही गाज़ी सैयद सालार मसूद से युद्ध किया था.

वीएचपी ने दावा किया है कि वहां पहले से एक मंदिर मौजूद था, जिसे तोड़कर दरगाह का निर्माण किया गया था. इस बारे में योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वीएचपी की मांग जरूर पूरी की जाएगी. सीएम योगी ने कहा कि वो वीएचपी की मांग से पूरी तरह से सहमत हैं और यहां मंदिर जरूर बनेगा.

2014 के लोकसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद बीजेपी ने सुहेलदेव मंदिर का मुद्दा उठाया था. उस दौरान बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने राजा सुहेलदेव की मूर्ति का अनावरण करने के साथ-साथ उन पर लिखी गई एक किताब का विमोचन भी किया गया था. मोदी सरकार बनने के बाद गाजीपुर से दिल्ली के आनंद विहार स्टेशन तक सुहेलदेव एक्सप्रेस नाक की ट्रेन भी शुरू की गई.


उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के साथ गठबंधन भी किया. ओमप्रकाश राजभर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष हैं. बीजेपी के सहयोग से इस पार्टी ने 8 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से 4 सीटों पर जीत भी हासिल की.

कौन लोग हैं जो गोरी, औरंगजेब से रिश्ता जोड़ना चाहते हैं

जिस दिन राजा सुहेलदेव ने गाज़ी मसूद पर जीत हासिल की थी, उस दिन की जयंती पर वीएचपी ने ‘हिंदू विजयोत्सव’ कार्यक्रम का आयोजन किया था, जिसमे सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी शिरकत की और लखनऊ के सैनिक स्कूल का नाम राजा सुहेलदेव के नाम पर रखा. कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने कहा कि, “देश में अश़फ़ाक़उल्ला ख़ान, अब्दुल हमीद और कलाम का सभी सम्मान करते हैं, लेकिन इस बात पर भी चर्चा होनी चाहिए कि कौन लोग हैं जो गजनी, गोरी, खिलजी, बाबर, औरंगजेब से अपना रिश्ता जोड़ना चाहते हैं, क्या इन्हें कोई जगह मिलनी चाहिए. हमें तय करना होगा कि गजनी, गौरी, खिलजी, बाबर और औरंगजेब को सम्मान मिलना चाहिए या नहीं. गजनी और उसके भतीजे गाज़ी मसूद ने भारत में कई धार्मिक स्थलों को तोड़ा और देश को बांटने की कोशिश की.”

सीएम योगी ने नई शिक्षा नीति पर बात करते हुए कहा कि स्कूलों के पाठ्यक्रम में राजा सुहेलदेव जैसे महान राजाओं के साथ-साथ लखन पासी, झलकारी बाई को भी शामिल किया जाएगा. अगले सत्र में नई शिक्षा नीति को अपनाया जाएगा. महमूद गजनी और उसके भतीजे ने देश पर कई हमले किए और कई मठों व् मंदिरों को तोड़ दिया. ये विदेशी आक्रमणकारी देश को बांटने का काम करते थे और राजा सुहेलदेव इन लोगों की इस योजना को अच्छी तरह से समझते थे. विदेशी आक्रमणकारियों के आने के बाद लोग देश के हीरो “राजा सुहेलदेव” को भूल गए.

वीएचपी की कई मांगों पर सीएम ने जताई सहमति

गौरतलब है कि वीएचपी ने इससे पहले राजा सुहेलदेव को पाठ्यक्रम में शामिल किये जाने, श्रावस्ती और बहराइच में राजा सुहेलदेव की मूर्ति बनवाने और बहराइच में सुहेलदेव का स्मारक बनवाने की भी मांग की थी. इसके अलावा लखनऊ के सैनिक स्कूल का नाम बदलकर राजा सुहेलदेव के नाम पर किये जाने की मांग भी वीएचपी की ओर से की गयी थी. वीएचपी ने मांग की थी कि सलार मसूद की दरगाह के पास उसी जगह मंदिर बनाया जाना चाहिए जहाँ उसे तोड़ा गया था. सीएम योगी ने वीएचपी की मांग को अपना समर्थन देते हुए कहा कि मेमोरियल जरूर बनेगा और मूर्तियां भी लगवाई जाएंगी, केवल इतना ही नहीं बल्कि सीएम योगी ने ये भी कहा कि वो वीएचपी की अन्य मांगों से भी सहमति व्यक्त करते हैं.


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