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योगी का जबरदस्त अल्टीमेटम सुन अधिकारियों व् मंत्रियों के उड़े होश, सरकारी महकमे में हड़कंप !

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लखनऊ : केवल गैरकानूनी और अवैध काम करने वाले ही नहीं, बल्कि सीएम योगी का खौफ इस वक़्त पूरे शासन और प्रशासन पर दिखाई दे रहा है. दरअसल उनके साथ काम करने वालों का कहना है कि सीएम योगी का उसूल है कि मुख्यमंत्री के अपने कार्यकाल के दौरा ना तो वो खुद आराम करेंगे और ना ही अपने साथ काम करने वाले किसी अन्य को करने देंगे. काम में थोड़ी से भी लापरवाही उनके बर्दाश्त के बाहर है.

योगी का अल्टीमेटम !

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ कैबिनेट की पहली मीटिंग से एक दिन पहले ही योगी ने सभी अधिकारियों के साथ-साथ सभी मंत्रियों को भी अल्टीमेटम दे दिया, जिसे सुन कर सभी के होश फाख्ता हो गए. रिपोर्ट्स के मुताबिक़ सीएम योगी ने सभी अधिकारियों और अपने मंत्रियों को कड़े लहजे में अल्टीमेटम देते हुए कहा कि जो दिन में 16 से 18 घंटे तक काम कर सकता है, वो उनके साथ चले, बाकियों के लिए जाने के रास्ते खुले हैं.

तड़के सवेरे से आधी रात तक काम करते हैं योगी !

मीटिंग के बाद कुछ मंत्रियों और अफसरों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि सीएम योगी के बराबर काम कर पाना, उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरना बेहद कठिन है. उन्होंने बताया कि कैबिनेट की पहली मीटिंग 4 अप्रैल को होनी थी लेकिन योगी मीटिंग से एक दिन पहले ही रात एक बजे तक एनेक्सी ऑफिस में ही मौजूद थे और मीटिंग से जुडी तैयारियां कर रहे थे तथा विभिन्न विभागों की प्रेजेंटेशन देख रहे थे.

भूखे पेट भी गजब की शक्ति !

क्योंकि सीएम साहब खुद आधी रात के बाद तक काम में व्यस्त थे, लिहाजा उनके ज्यादातर मंत्रियों के साथ-साथ कई सरकारी अधिकारियों का भी वहां होना लाजमी ही था. सबसे हैरानी की बात तो ये थी कि योगी उस वक़्त नवरात्र के व्रत पर थे और बिना कुछ खाये-पिए पूरी तल्लीनता के साथ काम में लगे हुए थे. उन्होंने दो बार चाय जरुरु पी लेकिन फलाहार नहीं किया. हालांकि उन्होंने अपने साथ काम कर रहे मंत्रियों को फलाहार जरूर कराया.

सीएम योगी इस बात से बेहद नाराज हुए कि रात में हुई मीटिंग में कुछ कैबिनेट मंत्री नहीं आये और अपनी जगह उन्होंने जूनियर मिनिस्टर्स को भेज दिया. इसे देखते ही योगी गुस्से से भड़क गए और उन्होंने 20 अप्रैल तक वर्किंग डेज में किसी भी मंत्री को छुट्टी ना लेने और राजधानी लखनऊ से बाहर ना जाने के निर्देश दे दिए.

मंत्रियों को सख्त निर्देश !

इसके साथ ही उन्होंने आदेश दिए कि अगले 6 महीने में कौन सा मंत्री क्या काम करेगा, इसकी योजना जल्द से जल्द बनायी जाए. योगी ने फैसला लिया कि सभी मंत्रियों को काम दिए जाएंगे और हर 6 महीने पर उनकी रिपोर्ट ली जायेगी. जो योगी की उम्मीदों पर खरा उतरा वो ठीक, बाकियों को पद से हटा दिया जाएगा और उनकी जगह दूसरों को काम करके खुद को साबित करने के अवसर दिए जाएंगे.

कैबिनेट मीटिंग से पहले आधी रात को हुई मीटिंग में अचानक ही सीएम योगी ने कई फाइलें मंगवा लीं. जब कुछ फाइलें अधिकारियों को नहीं मिलीं, तो योगी भड़क उठे और गैर-जिम्मेदारी के लिए अधिकारियों को खरी-खरी सुना दी.

कई अधिकारी व् मंत्री परेशान !

वहीँ मीटिंग के दौरान आधी रात को भी दो महिला मंत्रियों के फोन की घंटी लगातार बजती रही. फोन पर बात करने के लिए इन्होने योगी से मीटिंग से उठकर जाने के लिए इजाजत मांगी. जिसपर योगी ने इजाजत दे तो दी लेकिन साथ ही सख्त हिदायत भी दी कि मीटिंग में कोई भी मंत्री फ़ोन लेकर ना आये. मीटिंग के दौरान कोई भी मंत्री उठ कर बाहर नहीं जाएगा, चाहे कितना भी जरुरी फ़ोन क्यों ना हो.

कई अधिकारियों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि योगी के काम करने के बेहद तेज अंदाज से कई सरकारी अधिकारियों के साथ कई मंत्री भी परेशान हैं, कई अधिकारियों ने तो अपनी नाराजगी भी जाहिर की है लेकिन योगी के सख्त निर्देश हैं कि काम करना है तो उनके तरीके से बलकुल वक्त की पाबंदी के साथ ही करना होगा, वरना छुट्टी कर दी जायेगी.

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