Home > ख़बरें > गुस्से में आये योगी आदित्यनाथ ने सुनाया ऐसा हाहाकारी फैसला, मायावती की जान आयी हलक में !

गुस्से में आये योगी आदित्यनाथ ने सुनाया ऐसा हाहाकारी फैसला, मायावती की जान आयी हलक में !

yogi-mayawati

नई दिल्ली : प्रदेश के विकास के साथ-साथ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों के वक़्त हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ भी जंग का आगाज किया हुआ है. वो किसी भी कीमत में किसी भी भ्रष्ट को बक्शने को तैयार नहीं हैं. खबर आयी है कि पहले अखिलेश और अब मायावती पर भी संकट के बादल घिर आये हैं.

चीनी मिलों को बेचने में हुए घोटाले की जांच !

दरअसल सीएम योगी ने 2010 -11 में मायावती सरकार के वक़्त प्रदेश के चीनी निगम की 21 मिलों को बेचने में हुए कथित 1180 करोड़ रुपए के घोटाले की जांच करने के आदेश दे दिए हैं. इतना ही नहीं बल्कि घोटालों की ओर अपने बेहद सख्त रुख का प्रदर्शन करते हुए सीएम योगी ने यहाँ तक कह दिया कि यदि जरुरत पड़ी तो वो इस घोटाले की सीबीआई जांच भी करवाएंगे.

इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि 2018-19 में कोऑपरेटिव चीनी मिलों को दोबारा से शुरू करने के लिए जरुरी सभी जरूरी व्यवस्थाएं तय वक़्त के अंदर-अंदर सुनिश्चित की जाएँ. योगी ने मायावती का नाम लिए बिना कहा कि किसी को भी सरकार की संपत्तियों को औने-पौने दामों पर बेचने का कोई अधिकार नहीं है.


गन्ना किसानों की बकाया राशि चुकाएँ मिल मालिक वरना….. !

योगी ने भ्रष्टाचारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि वो जनता की संपत्ति का दुरुपयोग नहीं होने देंगे. इसके बाद सीएम योगी ने निर्देश दिए कि पेराई सत्र 2016 -17 के बचे हुए गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों को 23 अप्रैल तक हर हाल में कर दिया जाए. योगी ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि चीनी मिल मालिक बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों को तय वक़्त पर नहीं करते हैं तो ऐसे मिल मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए ओर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए.

580 गावों को बनाया जाए आदर्श गांव !

सीएम योगी ने गन्ना मंत्री को निर्देश दिए कि किसानों को पूरा भुगतान करवाने के लिए वो संबंधित मिल मालिकों के साथ मीटिंग करके ये बात सुनिश्चित करें. इसके साथ ही सीएम योगी ने गन्ना विभाग को निर्देश दिए कि प्रतिवर्ष वो 116 गांवों को चीनी मिलों से आदर्श गांव के रूप में विकसित करवाएं ओर इस तरह से अगले 5 वर्षों में प्रदेश के 580 गावों को आदर्श गांव बनाया जाए.

हर महीने गन्ना किसान दिवस !

केवल इतना ही नहीं बल्कि उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश में प्रतिमाह समिति स्तर पर गन्ना किसान दिवस का आयोजन किया जाए ओर इस दिन गन्ना रिसर्च से जुड़े केंद्र और राज्य के वैज्ञानिकों की वर्कशॉप का आयोजन किया जाए ताकि गन्ना किसानों को नयी-नयी तकनीक से अवगत कराया जा सके. इसी के साथ इस बात का भी ख्याल रखा जाए कि गन्ना विभाग के सभी कर्मचारी सही वक़्त पर अपना काम शुरू करें ओर दफ्तर में हर रोज उपस्थित रहे, इसके लिए बायोमीट्रिक सिस्टम लगा कर उनकी उपस्थिति मॉनिटर की जाए.


इस न्यूज़ को अपने मित्रों के साथ शेयर करना न भूलें। आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए हैं।

सब्सक्राइब करें हमारा यू-ट्यूब चैनल


हिंदी न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें


फेसबुक पेज लाइक करें

loading...

Comments