Home > ख़बरें > यूपी में सीएम योगी ने कर दिखाया जबरदस्त कमाल, इन संस्थाओं से आरक्षण कर दिया ख़त्म !

यूपी में सीएम योगी ने कर दिखाया जबरदस्त कमाल, इन संस्थाओं से आरक्षण कर दिया ख़त्म !

youth_against_reservation

लखनऊ : ताबड़तोड़ फैसले लेने वाली यूपी की योगी सरकार ने अब एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला ले लिया है, जिससे पूरे भारत में यूपी का नाम बुलंद हो गया है. देशभर के लोगों ने ये हैरतअंगेज खबर पढ़ने के बाद योगी के नाम की माला जपना शुरू कर दिया है. अब तक देश में अलग-अलग नेताओं द्वारा आरक्षण लागू करने की बात तो आप सुनते ही आये हैं, लेकिन योगी ने यूपी से आरक्षण ख़त्म करने की दिशा में एक बेहद अहम् आदेश जारी कर दिया है.

आरक्षण को लेकर बड़ा फैसला !

दरअसल देशभर में लोगों की मांग थी कि जातिगत आरक्षण खत्म करके, आर्थिक आधार पर मदद दी जाए ताकि उन लोगों को आगे बढ़ने में मदद मिल सके जो वाकई में गरीब हैं. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अब आरक्षण को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है. योगी ने प्रदेश के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों के पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में से ओबीसी, एससी और एसटी आरक्षण का कोटा ख़त्म करने के आदेश पारित कर दिए हैं.

मुलायम सरकार ने लिया था फैसला !

गौरतलब है कि संविधान के मुताबिक देश के सरकारी शिक्षण संस्थानों में ओबीसी, एससी और एसटी छात्रों को आरक्षण देने का प्रावधान तो है, लेकिन संविधान के अनुसार आरक्षण का ये नियम निजी संस्थानों और माइनॉरिटी स्टेटस वाले संस्थानों पर बाध्य नहीं किया जा सकता. लेकिन इसके बावजूद केवल तुष्टिकरण की नीति पर चलते हुए वोटबैंक की खातिर पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव ने 2006 में अपनी सरकार के दौरान राज्य स्तरीय मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सरकारी कॉलेज के साथ-साथ सभी प्राइवेट कॉलेजों में ओबीसी, एससी और एसटी का कोटा लागू कर दिया था.

मुलायम सरकार ने आरक्षण का ये कोटा स्नातक और परास्नातक दोनों ही कोर्सों के लिए सामान रूप से लागू किया था. मुलायम सिंह यादव के सुपुत्र अखिलेश यादव ने तो अपनी सरकार में एक कदम और आगे बढ़कर यूपी के निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों के लिए भी आरक्षण का नियम लागू करना अनिवार्य कर दिया था. ख़बरों के मुताबिक़ ऐसा सिर्फ और सिर्फ वोटबैंक को ध्यान में रखकर ही किया गया था.


लेकिन योगी सरकार ने अखिलेश सरकार के इस फैसले को बदल दिया है. अब प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों के पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में नामांकन के लिए आरक्षण का नियम लागू नहीं होगा. प्रदेश में फिलहाल आरक्षण नियमों के अनुसार सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों में एससी छात्रों को 15 फ़ीसदी, एसटी छात्रों को 7.5 फ़ीसदी और ओबीसी छात्रों के लिए 27 फ़ीसदी आरक्षण देने का प्रावधान है.

योगी के फैसले पर राजनीति शुरू !

योगी सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले पर राजनीति होनी भी शुरू हो गयी है. इस फैसले को यूपी चुनाव से पहले आरएसएस के मनमोहन वैद्य के आरक्षण को लेकर दिए बयान से जोड़ कर देखा जा रहा है. गौरतलब है कि यूपी चुनाव से पहले मनमोहन वैद्य ने आरक्षण नीति की दोबारा समीक्षा करने का सुझाव दिया था. वहीँ बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने आरक्षण व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की जाने की बात कही थी.

वहीँ प्रदेश की ही नहीं बल्कि पूरे देश की जनता को यकीन ही नहीं हो रहा है कि देश से आरक्षण हटने की शुरुआत की जा चुकी है. लोग आँखों में ख़ुशी के आंसू लिए योगी का धन्यवाद कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी ट्वीट करके लोगों ने योगी की तारीफ़ में कसीदे पढ़े. लोगों ने ट्वीट करके कहा कि योगी आरक्षण हटाते हैं तो पीएम पद से उन्हें कोई नहीं हटा पायेगा.


इस न्यूज़ को अपने मित्रों के साथ शेयर करना न भूलें। आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए हैं।
सब्सक्राइब करें हमारा यू-ट्यूब चैनल


हिंदी न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें


फेसबुक पेज लाइक करें

loading...

Comments