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केबिनेट की बैठक के बाद योगी ने लगायी जबरदस्त फैसलों की झड़ी, ख़ुशी से नाच उठी प्रदेश की जनता

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लखनऊ : देश के सबसे चर्चित नेता यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर प्रदेश में जबरदस्त फैसलों की झड़ी लगा दी है. प्रदेश की जनता का ख्याल रखते हुए सीएम योगी ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए है, जिससे प्रदेश की जनता में ख़ुशी की लहर दौड़ गयी है.

योगी का पहला सबसे बड़ा फैसला

योगी सरकार ने दिव्यांगों को निशुल्क यात्रा का तोहफा दिया है. उत्तर प्रदेश के विकलांग जन विकास एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बताया है कि ‘उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में दिव्यांगों को निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी. इसके अलावा दिव्यांगों के लिए हर जनपद में विद्यालय भी खोले जाएंगे.’

मंगलवार को बीजेपी मुख्यालय में जनता की समस्याओं को सुनने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान राजभर ने बताया, “पिछले दस सालों से सरकार ने दिव्यांगों की पेंशन नहीं बढ़ाई थी, लेकिन योगी सरकार ने उनकी पेंशन को बढ़ाया है. उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग की बसों में दिव्यांगों के लिए यात्रा पूर्ण रूप से निशुल्क कर दी गई है, उनसे एक रुपया भी नहीं लिया जाएगा. इसके साथ ही दिव्यांगों के लिए हर जिले में विद्यालय भी खोले जाएंगे.”

अपराधियों की खाल खींचने का फरमान

कानून व्यवस्था के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “दीपक जब बुझने वाला होता है, तो भभकता है. इसी तरह अराजक तत्व हैं, लेकिन प्रदेश में कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वाले न बख्शे जा रहे हैं और न ही आगे बख्शे जाएंगे. कानून व्यवस्था बिगाड़ने का हर मंसूबा ध्वस्त किया जाएगा.”

योगी का दूसरा बड़ा फैसला

योगी सरकार ने यूपी में बेरोजगारी ख़त्म करने के लिए 1000 डॉक्टरों की भर्ती वॉक इन इंटरव्यू के माध्यम से करने का फैसला लिया है. ये कदम, प्रदेश में डॉक्टरों की भारी कमी से जूझ रही जनता को बड़ा तोहफा देने के साथ-साथ उन तमाम बेरोजगारों के लिए भी बड़ी खुशखबरी है जो नौकारी की तलाश में दर-दर भटक रहे थे.

मंगलवार को हुई यूपी कैबिनेट की मीटिंग में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में चिकित्साधिकारियों के लेवल-01 के 1,000 पदों पर एमबीबीएस/विशेषज्ञ डिग्रीधारी अभ्यर्थियों को साक्षात्कार (वॉक इन इंटरव्यू) के माध्यम से कांट्रैक्ट पर तैनात किए जाने का निर्णय लिया है.

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में चिकित्सकों के कुल स्वीकृत पद 18832 हैं, जिनमे से 7327 पद पर कोई नियुक्ति तक नहीं की गयी थी. लोक सेवा आयोग में चयन प्रक्रियाओं के माध्यम से चयन में काफी वक़्त लगता है, जिसके कारण भी खाली पदों की संख्या लगातार बढ़ती ही रही है. इसी समस्या से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश में चिकित्सकों की नियुक्ति, पुनर्नियोजन तथा साक्षात्कार वॉक इन इंटरव्यू के माध्यम से अनुबंध के आधार पर किए जाने का योगी सरकार ने फैसला लिया है.

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