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बंगाल में निकाय चुनाव में ममता ने पार की सभी हदें, देखे बिना यकीन ही नहीं करेंगे आप

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कोलकाता : वैसे तो बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सारदा से लेकर नारदा तक कई घोटालों के लिए कुख्यात हैं लेकिन बंगाल में नगर निकायों के चुनावों में तो ममता की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने सारी हदें ही पार कर दी हैं. बंगाल में दार्जिलिंग की 4 नगर निकाय सहित पश्चिम बंगाल में 7 नगर निकायों के लिए रविवार को मतदान किये गए.

हथियार लेकर खुलेआम घूमे टीएमसी कार्यकर्ता, बम फोड़े, ईवीएम तोड़े, वोटर्स को पीटा

खबर आयी है कि मतदान के दौरान दक्षिण 24 परगना ज़िला के पुजाली में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा जगह-जगह बमबारी की गयी. स्थानीय लोगों ने बताया कि मतदान शुरू होने के बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं ने 50 से 60 बम फेकें. लोगों ने टीएमसी कार्यकर्ताओं के ईवीएम मशीनों को नुकसान पहुंचाने का भी दावा किया है.

दरअसल तृणमूल कांग्रेस राज्य में बीजेपी के बढ़ते कद से परेशान है. निकाय चुनाव में कुल 67 फ़ीसदी मतदान हुआ, साथ ही जिन तीन नगरपालिकाओं में हिंसा की सर्वाधिक घटनाएं हुईं उनमें 74 फ़ीसदी मतदान हुआ. भारी तादात में मतदान होते देख टीएमसी के गुंडे वहां पहुंच गए और मतदाताओं को बंदूकों व् बमों के डर से अपने पक्ष में करने की कोशिश करने लगे.

पुलिस ने दिया टीएमसी के गुंडों का साथ

खुलेआम हथियार लेकर घूमते टीएमसी के गुंडों ने मतदान केंद्रों पर बम फेंके और मतदाताओं के साथ मारपीट भी की. कई जगहों पर मतदान अधिकारियों से ईवीएम मशीन छीनकर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया गया. सबसे ज्यादा हद तो तब हो गयी जब पुजाली में टीएमसी के गुंडों ने पुलिस की मौजूदगी में ही मतदाताओं के साथ मारपीट की और उन्हें धमकाया. पुलिस तामाशबीन बनकर चुपचाप सबकुछ देखती रही. जब आम लोगों ने पुलिस पर टीएमसी के गुंडों पर “कार्रवाई न करने” का आरोप लगाते हुए विरोध किया तो उलटा पुलिस ने उन लोगों पर ही लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें करीब आधा दर्जन आम नागरिक घायल हो गए.

पुलिस की ओर से फायरिंग की भी खबर है. बता दें कि जिन 7 नगर निकायों में चुनाव हो रहे हैं, उनमें पर्वतीय क्षेत्र के दार्जिलिंग, कुर्सियांग, कलिम्पोंग, मिरीक अधिसूचित क्षेत्र प्राधिकरण के अलावा मुर्शिदाबाद का डोमकल, दक्षिण 24 परगना का पुजाली और उत्तर दिनापुर का रायगंज शामिल हैं.

बूथ कैप्चर करने की कोशिश

रायगंज वार्ड नंबर 18 में टीएमसी की गुंडई के खिलाफ लोगों ने हंगामा किया, धमकाने के बावजूद अपने पक्ष में वोट पड़ते ना देख टीएमसी के गुंडों ने बूथ कैप्चर करने का प्रयास किया. टीएमसी की गुंडई को देखते हुए वहां मतदान प्रक्रिया को रोक दिया गया. पुलिस ने विरोध कर रहे आम लोगों पर यहाँ भी लाठीचार्ज किया. इसके बाद पुलिस ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रोसन्नजित साहा के बाबा मिथुन साहा को गिरफ्तार कर लिया. बता दें कि दार्जिलिंग जिले में तृणमूल-जीएनएलएफ गठबंधन और गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम-भाजपा) गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला है.

कांग्रेस, भाजपा और सीपीएम ने राजगंज, दमकल और पुजाली में हुए मतदान को बोगस बताते हुए दोबारा मतदान कराये जाने की मांग की है. दमकल (मुर्शिदाबाद), पुजाली (दक्षिण 24 परगना) और रायगंज (उत्तरी दिनाजपुर) में मतदान शुरू होने के एक घंटे बाद ही टीएमसी के गुंडों ने हिंसा शुरू कर दी थी. नकाब पहन कर मोटरसाइकिल पर आये टीएमसी के इन गुंडों ने हथियार लहराते हुए कई मतदान केंद्रों पर देसी बम फेंके. एक दर्जन से ज्यादा मतदान केंद्रों पर या तो ईवीएम को क्षतिग्रस्त कर दिया गया या ईवीएम को ही छीन ले गये.

कैसे तमंचा लेकर मतदाताओं को डराता नजर आया उपद्रवी

बंगाल निकाय चुनाव: तमंचा लेकर डराता उपद्रवी

Posted by Totally Funny on Monday, May 15, 2017


कैसे की गयी फायरिंग, फेके बम और मुंह बाधकर भाग गए उपद्रवी

कैसे पोलिंग बूथ में तोड़े गए ईवीएम

टीएमसी की गुंडई का विरोध कर रहे लोगों पर पुलिस का लाठीचार्ज

दरअसल बंगाल के लोग अब बीजेपी के पक्ष में झुकते जा रहे हैं. ममता का सिंहासन हिल रहा है और अपनी गद्दी बचाने के लिए टीएमसी के गुंडे मतदाताओं पर हिंसा करने पर उतारू हो चुके हैं.


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