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भयानक आग मे जल रहे हैं तमिलनाडु और कर्नाटक, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार

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नई दिल्ली। जो प्यास लोगों की प्यास बुझाता है उन्हें शीतलता प्रदान करता है वही आज आगजनी का कारण बन गया है। गौरतलब है की तमिलनाडु ने कर्नाटक से कावेरी नदी का पानी देने की मांग की थीं जो की कर्नाटक ने ये कह कर मना कर दी की उनके खुद के पास पर्याप्त पानी नहीं है। इस बात को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुच गया था और सुप्रीम कोर्ट ने फैसला तमिलनाडु के पक्ष में सुनते हुए कर्नाटक को पानी देने का आदेश दिया था। इस बात को लेकर कर्नाटक के लोग भड़क गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। बात विरोध प्रदर्शन तक ही नहीं रुकी और गुस्साए लोगों नें खुले आम आगजनी और तोड़फोड़ भी की। प्रदर्शनकारियों नें बैंगलुरु मे जमकर उत्पात मचाया, तमिलनाडु से आयी बसें जला दी, वहा से आयी गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की और आग के हवाले कर दिया। जिसे देखकर तमिलनाडु में भी कर्नाटक के खिलाफ प्रदर्शन होने लगे और लोग तोड़फोड़ पर उतर आये।


तमिलनाडु मे कन्नड़ लोगो पर हमले किये गए और उनकी संपत्ति की तोड़फोड़ की गयी। चेन्नई मे कुछ लोगों ने कर्नाटक के रहने वाले एक व्यक्ति के होटल मे जमकर तोड़फोड़ की। बात ही बात मे सरकार को 250 करोड़ का नुक्सान हो गया। दोनों राज्यों के बीच का विवाद इस कदर बढ़ गया की तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने फ़ौरन उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की और हालात को सामान्य करने को कहा। रैपिड एक्शन फाॅर्स को बुलाया गया और धरा 144 लगा दी गयी। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया नें लोगो से शांति की अपील की और तमिल लोगों को विशवास दिलाया की उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाएगी।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद विरोध प्रदर्शन होने लगे थे। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि 20 सितंबर तक कर्नाटक रोज तमिलनाडु को कावेरी नदी से 15 हजार क्यूसेक पानी दे। इस पर कर्नाटक में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और लोग सड़कों पर उतर कर दंगल करने लगे। इसके बाद कर्नाटक सरकार ने कोर्ट में इस फैसले के विरूद्ध एक याचिका लगाई थी जिसे सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया।


अब आपकी बारी

पिछले कई वर्षों से तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता टैक्स के पैसे से जनता को सब कुछ मुफ्त में बाटती आयी हैं। क्या आपको लगता है की उन्हें वो पैसा पहले अपने राज्य के विकास में खर्च करना चाहिए था ताकि इस प्रकार की कोई समस्या ना आये या फिर आपको लगता है की गरीबों की मदद करके जयललिता ने उनका भला ही किया है और कर्नाटक को स्वेच्छा से तमिलनाडु को पानी दे देना चाहिए? अपनी राय हमें कमेंट के जरिये से अवश्य बताएं। कमेंट बॉक्स इस पोस्ट के अंत में दिया गया है।


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