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अभी-अभी : तनाव के बीच अमेरिका ने निभायी भारत के साथ दोस्ती, ट्रंप ने दिया चीन की तबाही का सामान

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नई दिल्ली : सिक्किम में भारत-चीन के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. भारत ने बॉर्डर पर हजारों जवानों को तैनात कर दिया है. वहीँ चीनी सेना के प्रवक्ता ने भारतीय सेना को चेतावनी देते हुए 1962 की लड़ाई से सीख लेने की बात कही है. लेकिन इस तनाव के बीच भारतीय सेना के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आयी है.

भारत को सी-17 जेट विमान देगा अमेरिका

अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने भारत को सी-17ए ग्लोबमास्टर विमान बेचने का फैसला किया है. अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा है कि इस फैसले से भारत की वर्तमान और भविष्य की रणनीतिक हवाई परिवहन की जरूरतों को पूरा करने की क्षमता में इजाफा होगा. इस विमान के जरिये भारतीय सेना टैंकों, मिसाइलों व् हजारों सैनिकों को एक साथ चीन बॉर्डर तक पहुंचा सकेगी.

इसके अलावा ये विमान प्राकृतिक आपदा के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के काम भी आएगा. भारतीय वायुसेना के पास पहले भी सी-17 विमान है, ऐसे में अपने सैन्य बलों में इस नए विमान को शामिल करने में उसे कोई दिक्कत नहीं आएगी. बोइंग द्वारा लगभग 36.62 करोड़ डॉलर की लागत से बने सी-17 मालवाहक विमान की प्रस्तावित बिक्री में कई अन्य उपकरण शामिल है. इसमें एक मिसाइल चेतावनी प्रणाली, एक काउंटर मेजर डिस्पेंसिंग सिस्टम, एक आईडेंटिफिकेशन फ्रेंड ऑर फोई (आईएफएफ) ट्रांसपोंडर तथा सटीक नौवहन उपकरण भी शामिल हैं.


चीन से निपटने में करेगा सहायता

पेंटागन के मुताबिक बोइंग सी-17ए ग्लोबमास्टर-3 विमान अमेरिकी वायुसेना में आसानी से शामिल होने वाला मालवाहक विमान है और अमेरिकी वायुसेना भी इसका इस्तमाल करती है. सी-17 विमान 1,70,900 पाउंड वजन को दूर-दराज व् दुर्गम स्थानों में ले जाने में सक्षम है. सबसे ख़ास बात ये हैं कि ये अमेरिकी विमान छोटे रनवे पर भी पूरे वजन के साथ आसानी से उतरने में सक्षम है.

इसके अलावा ये सैनिकों व् हथियारों को एयर लिफ्ट और एयर ड्रॉप करने वाले अभियानों को भी आसानी से अंजाम दे सकता है. इस विमान के द्वारा एक ही बार में हजारों सैनिकों को युद्ध क्षेत्र तक पहुंचाया जा सकता है, मरीजों को लाने-ले जाने काम भी कर सकता है. पूरी तरह से एकीकृत इलेक्ट्रॉनिक कॉकपिट और आधुनिक माल ढुलाई प्रणाली के चलते इसमें चालक दल के पायलट, सह-पालयट और लोड मास्टर हो सकते हैं.

चीन के साथ सीमा विवाद के दौरान भारत के लिए ये एक अच्छी खबर के रूप में सामने आयी है. इसके जरिये भारतीय वायुसेना की क्षमता में काफी इजाफा होगा और दुश्मनों से लोहा लेने की शक्ति भी काफी बढ़ जायेगी.


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