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अभी-अभी – ट्रंप ने दिए हमले के आदेश तो कहर बन कर टूट पड़ी अमेरिकी सेना, पाकिस्तान में पसरा मातम !

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नई दिल्ली : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चुनाव से पहले वादा किया था कि वो आतंकवाद का नामो-निशान मिटा कर रख देंगे. राष्ट्रपति बनने के बाद से वो अपना वादा बखूबी निभा भी रहे हैं. खबर है कि अफगानिस्तान के काबुल में तालिबान द्वारा किये गए आतंकी हमले के बाद अमेरिकी सेना ने आतंकियों के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया है, जिसके बाद डर के मारे पाकिस्तान में हाय-तौबा मच गयी है.


खबर आयी है कि अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान के दक्षिणी उरुज़गन इलाके में भयानक हवाई हमले किये हैं, जिसमे 25 तालिबान आतंकी ढेर हो गए हैं और 20 से ज्यादा आतंकी जख्मी हुए हैं. ये आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है. अमेरिकी सेना द्वारा हवाई हमले किये जाने के बाद से पाकिस्तानी सेना में हड़कंप मचा हुआ है क्योंकि अफगानिस्तान अक्सर ही पाकिस्तान पर आरोप लगता आया है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई तालिबानियों को ट्रेनिंग देती है और उन्हें संरक्षण भी देती है.

तालिबान आतंकियों पर अमेरिकी कहर

उरुज़गन के स्थानीय सुरक्षाबलों ने बताया कि बुधवार की रात को अमेरिकी सेना ने तरीनकोट शहर के करीब आतंकी ठिकाने पर भीषण हवाई हमला बोल दिया. अफगान नेशनल पुलिस मलिक ज़ैनुल्ला ने बताया कि अमेरिकी हमला इतना भीषण था कि तालिबानी आतंकियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला.

एक तालिबानी नेता भी ढेर

अफगानी सुरक्षाबलों के मुताबिक़ इस हमले में एक तालिबानी आतंकी लीडर भी मारा गया है. इसके अलावा हमले में भारी संख्या में तालिबानियों के वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं. हवाई हमले में तालिबानियों के कई वाहन जलकर खाक हो गए. बता दें कि पिछले एक महीने के अंदर-अंदर अमेरिका 50 से ज्यादा तालिबान आतंकवादियों को मौत के घाट उतार चुका है.


आतंकवाद के खिलाफ अफगानिस्तान का बड़ा कदम

इसके अलावा तालिबान आतंकियों के खिलाफ अफगान सेना भी लगातार हमले कर रही है. आतंकियों पर सख्ती दिखाते हुए फांसी की सजा सुनाई जा चुके तालिबान आतंकियों को अफगानिस्तान सरकार ने काबुल हमले के बाद फांसी के फंदे से लटकाने के आदेश तक जारी कर दिए हैं.

इससे पहले भी आईएसआईएस आतंकियों के हमले में अमेरिकी सैनिक के मारे जाने के बाद अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान में आईएस के ठिकाने पर “मदर ऑफ़ आल बम” (MOAB) गिरा दिया था, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा गैर-परमाणु बम भी कहा जाता है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सऊदी अरब की यात्रा के दौरान भी 50 मुस्लिम देशों को सम्बोधित करते हुए स्पष्ट कहा था कि कुछ देश आतंकियों का समर्थन करते हैं, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए. अमेरिका किसी भी तरह से आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं कर्जा और आतंकियों को पालने वाले देशों के खिलाफ भी सख्त एक्शन लिए जाएंगे.


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