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अभी अभी : यूपी के इस गाँव का हुआ कायाकल्प, लोग बोले मरते दम तक देंगे मोदी और योगी को वोट


लखनऊ : यूपी में योगी सरकार के बनने से एक के बाद ताबड़ तोड़ फैसले लिए गए. अवैध बूचड़खानों पर पाबन्दी, पान मसाले की सरकारी दफ्तर में रोक, किसानों की क़र्ज़ माफ़ी. अभी अभी ऐसे खबर आयी है जिससे एक बार आपको भी अपनी आँखों पर यकीन नहीं होगा. जी हाँ मोदी सरकार की ग्राम ज्योति योजना का पूरे देशभर में तेज़ी से गाँव तक बिजली पहुचायी जा रही है. फिर भी एक गाँव की ऐसे कहानी है जिसमें पिछले 70 सालों से कभी बिजली नहीं देखी थी. लेकिन आज वहां के लोगों के चेहरों पर जो ख़ुशी है उससे वो मोदी और योगी की तारीफें करते थक नहीं रहे हैं.

आज़ादी के बाद पहली बार इस गाँव में पहुंची बिजली

उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज के फकीरखेड़ा गांव में लोगों की ख़ुशी का ठिकाना नहीं है. इस गाँव में लोग बिजली का जलता बल्ब देख कर ऐसे खुश हो रहे हैं जैसे न जाने क्या देख लिया हो. ये आपके लिए एक आम बात हो सकती है पर ज़रा उस गांव के बारे में सोचिये जिन्होंने पिछले 70 सालों से बिजली नहीं देखी हो. फकीरखेड़ा गांव में आज़ादी के बाद अब जाके पहली बार रविवार को बिजली आयी है.

आज़ादी के 70 साल बाद भी यूपी की राजधानी से सटे एक गांव में बिजली नहीं पहुंची हो, ये बात सुनकर तुरंत भरोसा करना मुश्किल है लेकिन ये 100 फीसदी सच है. पीएम मोदी की ग्राम ज्योति योजना और योगी सरकार के ज़बरदस्त सहयोग से इस गांव तक बिजली पहुंची है. गांव वालों में उत्साह का माहौल है. पूरे गाँव में मिठाईयां बांटी जा रही हैं.


मोबाइल चार्ज करने के लिए भी पहले बैटरी को बाजार से चार्ज करा के लाना पड़ता था

हिंदी समाचार दैनिक भास्कर के अनुसार फकीरखेड़ा गांव में पहली बार रविवार, 11 जून, 2017 को बिजली पहुंची है. बिजली आने के बाद गांव में जैसे ही बल्ब जगमगाए वहां के लोगों की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा , बच्चे महिलाओं , वृद्ध सब के घरों से ही नहीं ज़िन्दगी का अँधेरा भी दूर हो गया है. वहां के लोगों का कहना है कि स्थिति तो यहाँ तक बिगड़ गयी थी कि बिजली न होने के कारण गांव में शादी के रिश्ते तक आना बंद हो गए थे. इस वजह से नौजवानों की शादी में बहुत दिक्कतें आती थीं.लोगों के मुताबिक, मोबाइल चार्ज करने की भी बड़ी समस्या थी पहले बैटरी को बाजार से चार्ज कराकर लाते, फिर उससे मोबाइल चार्ज किया करते थे.

इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई एडमिनिस्ट्रेशन (लेसा) के गांव को गोद लेने के बाद ही यहां बिजली का यह काम हो सका है. गाँव में कुल 35 से 36 घर हैं यहाँ मुफ्त में बिजली के कनेक्शन दिए गए हैं. सभी लोग गरीबी रेखा के नीचे हैं. इससे पिछली सरकारों ने कभी इनपर ध्यान नहीं दिया. मोदी और योगी सरकार में यह संभव हो पाया है.

दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना से तेज़ी से लाखों गाँव तक पहुंच रही है बिजली

पीएम मोदी ने दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत केवल 1000 दिनों में सभी देश के सभी गाँव में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रक्खा है. आपको जानकार हैरानी होगी कि देश में 5,97,464 गांव में से 5,93,601 गांवों में (99.3%) बिजली पहुंचा दी गई है. 1 मई, 2018 से पहले बाकी बचे गाँव में भी बिजली पंहुचा दी जाएगी. काम की तेज़ी से ही अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में 97,813 गांवों में से अब केवल 6 गांव ही बचे हैं जहां बिजली पहुंचाने का काम आखिरी चरण में है.


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