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यूपी में आजतक के स्टिंग ऑपरेशन से हुआ ऐसा सनसनीखेज खुलासा, देख योगी समेत मोदी तक सन्न

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नई दिल्ली : सीएम योगी ने जनता से वादा किया था कि वो अपराध को ख़त्म करके और विकास करके उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाकर ही दम लेंगे. हालांकि उनकी नीयत पर किसी तरह का कोई शक नहीं किया जा सकता, उन्होंने पद संभालते ही यूपी पुलिस को सख्त निर्देश दिए थे कि वो अपराध बर्दाश्त नहीं करेंगे, इसलिए अपराधियों के साथ सख्ती से पेश आया जाए. लेकिन अब जो खबर सामने आयी है, उसे देख योगी सरकार भी हैरान-परेशान नज़र आ रही हैं.

दरअसल सीएम योगी को उम्मीद थी कि पुलिस को सख्त आदेश देने से प्रदेश में क़ानून का राज कायम हो सकेगा लेकिन सालों से भ्रष्टाचार की मलाई खाने वाले पुलिस अधिकारियों के रहते उनकी उम्मीदों पर पानी फिरता जा रहा है. मीडिया चैनल आजतक ने यूपी पुलिस के अधिकारियों का स्टिंग ऑपरेशन किया है, जिसमे उत्तर प्रदेश पुलिस का ऐसा चेहरा सामने आया है, जो हैरान-परेशान करने वाला है.

यूपी में पुलिसवाले उठाते हैं सुपारी, निर्दोषों को डालते हैं जेल में

स्टिंग ऑपरेशन में यूपी पुलिस के बईमान अधिकारी ना केवल खुलकर रिश्वत की पैरवी करते नज़र आये बल्कि किसी छटे हुए बदमाश की तरह खुलेआम बेगुनाह व् मासूम लोगों की सुपारी उठाते भी नज़र आये. इस स्टिंग में कई पुलिस अधिकारियों ने खुफिया कमरे के सामने उन सारे हथकंडों का खुलासा किया, जिनके जरिए वो पैसे लेकर बेगुनाह व् मासूम लोगों को अपराध के फर्जी मामलों में फंसा देते हैं. पोस्ट के अंत में इस स्टिंग का वीडियो आप देख सकते हैं.

ये बेहद चौंकाने वाला सच है, क्योंकि जिस पुलिस पर जनता विशवास करती है कि वो उसकी रक्षा करेगी, वही पुलिस चंद पैसों में माफिया डॉन की तरह निर्दोष लोगों की सुपारी उठाती नज़र आ रही है. पुलिस वाले कमरे पर कबूल करते नज़र आ रहे हैं कि पैसे लेकर वो किसी भी बेगुनाह को 6 महीने या साल भर के लिए अंदर डाल देते हैं. अच्छी कीमत मिले तो फिर किसी बेगुनाह शख्स को ये पुलिसिया दलाल संगीन अपराध के फर्जी मामलों में फंसा कर 5 सालों के लिए भी जेल में डाल देते हैं.

पचास हज़ार में किसी पर भी फर्जी केस

मेरठ के ट्रांसपोर्ट नगर में एंटी रोमियो स्क्वॉड चीफ पांडे ने खुफिया कमरे के सामने खुलासा किया कि पैसों के लिए वो किसी भी बेगुनाह पर हथियार का केस दर्ज करके उसे सजा दिला देंगे. पांडे ने ये सब करने के लिए 50,000 रुपए की मांग की.

बुलंदशहर पुलिस स्टेशन पर एंटी रोमियो स्क्वॉड के मुखिया सब इंस्पेक्टर विनीत वर्मा ने खुफिया कमरे के सामने कहा कि जिस भी बेगुनाह व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करानी हो उसकी फोटो व्हाट्सअप पर भेज दो और काम हो जाएगा. इस पुलिसिया दलाल ने बेगुनाह को जेल में डालने के लिए लिखित में शिकायत की जरूरत भी नहीं जताई. पैसे अच्छे मिले तो किसी मवाली की तरह ये पुलिसिया दलाल किसी निर्दोष को जेल में तंग करने, पीटने, यहां तक कि प्रताड़ित करने को भी तैयार दिखा.

आगरा के नई मंडी इलाके में एंटी रोमियो स्क्वॉड की कमान संभालने वाला वेद प्रकाश तो एक कदम और आगे निकला. वेद प्रकाश ने पैसों की खातिर किसी को भी दंगे के अनसुलझे केस में फंसाने की पेशकश कर डाली. इस पुलिसिया दलाल ने बताया कि हवेली गरीब खान के पास कुछ वक़्त पहले पुलिस पर हमला हुआ था. पत्थरबाजी भी हुई थी. उस दंगे में 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था. अच्छे पैसे मिले तो वो किसी को भी इस केस में नामजद करवा देगा.

एनसीआर में भी यही हाल

दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के तहत आने वाले यूपी के इलाकों में भी कई पुलिस अधिकारियों का स्टिंग किया गया और हैरत की बात है कि यहाँ भी सभी पैसे लेकर किसी भी निर्दोष को फंसाने के लिए तैयार दिखे. गाजियाबाद के लोनी पुलिस स्टेशन में स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप से जुड़े बाबूदीन ने कहा कि अच्छी रिश्वत खिलाई जाए तो वो किसी भी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कोई भी केस लगा देंगे.


बाबूदीन ने कहा कि इस काम में पैसा लगेगा लेकिन फिर हम उस बेगुनाह के खिलाफ मजबूत केस तैयार करेंगे, जिसमे घंटों की मशक्कत लगेगी. उसके बाद हम जहां चाहेंगे वहां से उसे उठा लेंगे, वो चाहे दुनिया के किसी भी कोने में छुपा हो, हम उसके खिलाफ कोई भी केस दर्ज करा सकते हैं.

बाबूदीन ने कहा, ‘ये सब इस पर निर्भर करता है कि आप कितनी जेब ढीली करते हैं, 6 महीने जेल में रखने के लिए इस पुलिसिया दलाल ने तीन लाख रुपए की मांग की और कहा कि वो निर्दोष शख्स 36 घंटे के अंदर सलाखों के पीछे होगा.

इसके बाद बाबूदीन की टीम के अन्य सदस्य भी इस सुपारी को उठाने में साथ देने के लिए सामने आ गए. ये सभी किसी भी निर्दोष शख्स को उठवाकर फर्जी आरोपों में हिरासत में लेने के लिए तैयार दिखे.

सरकार की प्रतिक्रिया

इस स्टिंग के सामने आते ही पुलिस महकमे के हाथ-पाँव फूल गए और प्रशासन पर ही सवाल खड़े होने लगे. ऐसे कितने लोग जेलों में बंद हैं, जिन्हे इन पुलिसिया दलालों ने इसी तरह से पैसे खा कर फर्जी मामलों में फंसाया हुआ है? क्या इसकी पूरी जांच नहीं होनी चाहिए? जानकारों के मुताबिक़ कुछ गिने-चुने ईमानदार पुलिस अधिकारियों को छोड़कर प्रदेश के सभी पुलिस वालों का यही हाल है, इनमे से ज्यादातर पोलिसवाले तो पिछली सरकारों को रिश्वत खिलाकर ही चुने भी गए होंगे.

इस स्टिंग को देखकर पता चलता है कि यूपी में गुंडाराज इतना अधिक क्यों है, यहाँ कि पुलिस ने तो बड़े-बड़े अपराधियों को भी पीछे छोड़ा हुआ है. इन्हे यदि वर्दी वाले गुंडे कहा जाए तो गलत नहीं होगा. वहीँ इस स्टिंग को देख योगी सरकार के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा खुद भी हैरत में पड़ गए. शर्मा ने कहा, ‘जो मैं सुन रहा हूं वो हैरान करने वाला है. ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे प्रशासन में इस तरह की बातें हो रही हैं. ऐसे लोगों के खिलाफ हम कार्रवाई करेंगे.

उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी अब भी वही हैं जो दो महीने पहले थे. हमें कानूनविहीनता विरासत में मिली है. कैमरे पर जिन लोगों की पहचान की है, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी.

 


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