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सख्ती बरतने में मोदी को पीछे छोड़ते हुए योगी ने लिया ऐसा एक्शन, पूरे यूपी में मचा तहलका

लखनऊ : प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनते ही एक के बाद एक ताबड़तोड़ सख्त फैसले लिए. महिलाओं की सुरक्षा क लिए एंटी रोमियो स्क्वाड, अवैध बूचड़खानों पर ताला, गौ तस्करी पर लगाम, अखिलेश सरकार के घोटाले, यूपी पुलिस का भू माफिया खनन माफिया में डर बैठना. ऐसे में अब प्रदेश के सब ग्राम प्रधान नाराज़ हो गए हैं.


सरकारी सिस्टम में दलालों, बिचौलियों के आये बुरे दिन

क्यूंकि सीएम योगी ने प्रदेश के सिस्टम को साफ़ करना शुरू किया जिससे कई सुधर किये गए. साथ ही पीएम मोदी की तरह सीएम योगी भी “न खाऊंगा न खाने दूंगा” की रणनीति पर चल रहे हैं. इसके साथ सीएम योगी ने सरकार के घोटलेबाज़ सिस्टम को पारदर्शी और जवाबदेह बनाना शुरू कर दिया है. सभी योजनाओं को आधार कार्ड और बैंक से जोड़ दिया गया है. जिससे बीच के सभी दलालों और अधिकारियों के लूट के रस्ते बंद करवा दिए.

सीएम योगी से नाराज़ हुए ग्राम प्रधान

यही वजह थी कि पिछली अखिलेश सरकार में एक चपरासी भी हज़ारों करोड़ों रुपयों का मालिक मिला जाता था. योगी सरकार के इस पारदर्शिता की वजह से सबसे मोटा नुकसान उत्तर प्रदेश के हजारों ग्राम प्रधानों, ब्लॉक सेक्रेटरी, ब्लॉक प्रमुखों और BDS नेताओं को हुआ है. क्यूंकि इनके लूट के सभी रस्ते योगी ने बंद करवा दिए हैं.

पिछली सरकारों में जितनी भी योजनाओं में करोड़ों पैसा आबंटित होता था उसे ये बिचौलिए अधिकारी और दलाल बीच में ही चट कर जाते थे और आम आदमी तक फायदा नहीं पहुँचता था. जैसे विधवाओं के लिए आर्थिक सहायता, सिंचाई के लिए पैसा, टॉयलेट के लिए पैसा, सड़क या स्कूल बनाने के लिए पैसा अपनी सही अंजाम तक नहीं पहुँचता था. सबसे बड़ी धांदली जो ये अधिकारी मिड डे मील में करते हैं बच्चों को पतले कीड़े वाली दाल और अध् पकी रोटी चावल ही मिलता था.


खुलासे से मची अफरातफरी

यानी की अभी बड़ी खबर से जो खुलासा हुआ है उसमें पता चला है कि गाँवों में विकास के लिए राज्य सरकार के खजाने से हर साल करोड़ों रुपये ग्राम प्रधान और ब्लॉक सेक्रेटरी के जॉइंट अकाउंट में अपने आप पहुंच जाते थे. लेकिन अब इनकी लुटेरापंती बंद हो चुकी है. आज सारा काम ऑनलाइन हो गया है.

ऑनलाइन ही टेंडर दिए जा रहे हैं, गरीबों की सब्सिडी अब सीधा बैंकों में आ रहीए है, हर योजना आधार से जोड़ दी गयी है जिसकी वजह से एक आदमी का दो योजनाओं में पैसा कमाना बंद हो गया है क्योंकि आधार कार्ड से मैच करने पर वे पकडे जा रहे हैं, इसी तरह से मनरेगा का पैसा सीधा मजदूरों के बैंक खाते में आ जाता है, कमीशनखोरी, दलाली और भ्रष्टाचार पर कड़ा शिकंजा लग गया है.

यही वजह है कि जिन प्रधानों ने पैसा लूटा है अब उनसे वसूला जा रहा है, योगी सरकार के इस कदम से ग्राम प्रधानों में हडकंप मचा हुआ है, सभी के सभी योगी और मोदी सरकार की बुराई कर रहे हैं, अगली बार उनकी हार की दुवा कर रहे हैं.

आपको बता दें उत्तर प्रदेश में पिछले ग्राम प्रधान के चुनाव में शहरों की तरह प्रचार हुआ था, सभी के सभी ग्राम प्रधानों ने लाखों रुपये अपने प्रचार पर खर्च कर दिए, इन्होने सोचा था कि प्रधान बनने के बाद करोड़ों रुपये कमा लेंगे, खजाना लूट लेंगे लेकिन इनका सपना टूट गया क्योंकि अब लूटने के सभी रास्ते बंद हो गए हैं. सभी ग्राम प्रधान के कामों की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गयी है. जिससे अब गाँव के विकास में भी तेज़ी देखी जा रही है. जिससे अब गाँव भी शहर की बराबरी कर रहे हैं.


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