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यूपी निकाय चुनाव के आये बेहद हैरान करने वाले नतीजे, राहुल समेत अखिलेश की आँखों में आंसू

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नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से जीतने के बाद सत्ता में आए योगी आदित्यनाथ की आज पहली अग्निपरीक्षा है. उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव के वोटों की गिनती शुरू हो गई है और विरोधियों की धज्जियां उड़नी शुरू हो गयी हैं. रुझानों के मुताबिक़ सीएम योगी आदित्यनाथ का जादू चल गया है और यूपी निकाय चुनाव में कमल खिलने जा रहा है. अभी तक आये नतीजों ने विपक्षी खेमे में हाहाकार मचाया हुआ है.


मेयर चुनाव में बीजेपी ने मारी बाजी

यूपी मेयर चुनाव में बीजेपी अकेले 16 में से 12 सीटों पर आगे चल रही है. सबसे ख़ास बात ये है कि सपा और कांग्रेस का अभी तक खाता भी नहीं खुला है.

सहारनपुर के वार्ड 53 से बीजेपी के मनोज जैन चुनाव जीत चुके हैं. चंदौली की चकिया नगर पंचायत में दो सभासद पद पर बीजेपी का कब्जा हो गया है. इलाहाबाद नगर पंचायत सभासदों की 2 सीटें भी बीजेपी ने जीत लीं हैं.

गाजियाबाद निकाय चुनाव की 2 राउंड काउंटिंग मे बसपा की मुन्नी चौधरी को पछाड़ते हुए बीजेपी की मेयर प्रतयाशी आशा शर्मा आगे चल रही हैं. अयोध्या नगर निगम में बीजेपी प्रत्याशी आगे चल रहे हैं. हालांकि आगरा में बसपा प्रत्याशी दिगंबर सिंह आगे चल रहे हैं.

मुरादाबाद निकाय चुनाव में मेयर परिणाम की गिनती में चार राउंड के बाद बीजेपी आगे चल रही है. 4571 वोटों के साथ सबसे पीछे चल रहे हैं कोंग्रेसी प्रत्याशी रिज़वान क़ुरैशी. सपा के हाजी यूसुफ अंसारी की हालत भी कुछ ख़ास अच्छी नहीं है. अभी तक उनकी गिनती 6384 वोटों तक ही पहुंची है, जबकि 18584 वोटों के साथ इन सबको बुरी तरह पछाड़ते हुए बीजेपी के विनोद अग्रवाल सबसे आगे चल रहे हैं.


मुस्लिम बहुल सहारनपुर में बसपा आगे चल रही है. मेरठ और झांसी में बीजेपी ने बढ़त बनाई हुई है. बरेली, अलीगढ़, वाराणसी में बीजेपी आगे चल रही है.

सीएम योगी की प्रतिष्ठा का सवाल

बता दें कि राज्य में तीन दौर में 16 नगर निगमों के लिए मतदान हुआ था, साथ ही 198 नगर पालिका परिषद और 438 नगर पंचायतों के लिए वोट डाले गए थे. निकाय चुनाव सीएम योगी की प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है. इसके लिए सीएम योगी ने काफी मेहनत की थी, उन्होंने 14 दिनों 32 जनसभाएं की थींं. अपने इलेक्शन कैम्पेन की शुरुआत उन्होंने 14 नवंबर को अयोध्या से की थी.

सीएम योगी ने लखनऊ में 6 जगह रैलियां की थीं. 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले हुए यूपी में निकाय चुनाव को इस बार काफी अहम माना गया. राजनैतिक पार्टियां इसे नतीजे को आगामी लोकसभा चुनाव से जोड़ कर देख रही हैं. वहीँ माना जा रहा है कि गुजरात चुनाव में वोटिंग से पहले बीजेपी के पक्ष में आ रहे ये नतीजे गुजरात चुनाव में भी बीजेपी के लिए काफी मददगार साबित होंगे.

कांग्रेस ने ईवीएम को ठहराया जिम्मेदार

सबसे मजे की बात तो ये है कि जैसे-जैसे चुनाव परिणाम सामने आते जा रहे हैं और बीजेपी जीतती दिखाई दे रही है, वैसे-वैसे कोंग्रेसियों व् सपाइयों ने ईवीएम को लेकर रोना-धोना शुरू कर दिया है. अपनी हार का ठीकरा वो ईवीएम पर फोड़ रहे हैं और बीजेपी की जीत के लिए ईवीएम हैकिंग को जिम्मेदार बता रहे हैं.


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