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ब्रेकिंग- म्यांमार छोड़िये, अब इस देश में भी आतंकियों ने शुरू किया मौत का तांडव, सारी दुनिया हैरान

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नई दिल्ली : अमेरिका, ब्रिटेन व् फ्रांस जैसे देशों में आतंकवादी हमले करने वाले आतंकी, इसके लिए वहाँ की सेना को ही जिम्मेदार ठहराते हैं. म्यांमार में बौद्धों व् हिन्दुओं का कत्लेआम करने वाले रोहिंग्या मुस्लिम खुद अपना ही रोना रो रहे हैं और खुद को ही पीड़ित दिखा कर सहानभूति जुटाने में लगे हैं. मगर अब एक अन्य देश में इस्लामिक आतंकियों ने जबरदस्त हमला कर दिया है. ये देश इतना गरीब है और यकीन मानिये इसने कभी किसी का कुछ नहीं बिगाड़ा. ऐसे में अब आतंकियों से हमदर्दी रखने वालों के मुँह सिल गए हैं.


कश्मीर, म्यांमार के बाद आतंकी हमलों से थर्राया मोजाम्बिक

ताजा घटना अफ्रीका महाद्वीप के एक देश मोज़ाम्बिक की है, जहाँ के लोग खुद ही गरीबी, अशिक्षा और कुपोषण से लड़ रहे हैं. उनकी क्षमता ही नहीं है आतंकी हमले झेलने की, फिर भी आतंकियों द्वारा उन्हें निशाना बनाया जा रहा है. इतने गरीब और कुपोषित लोगों पर हमले की वजह जानकार आपका सर चकरा जाएगा.

बताया जा रहा है कि वहाँ के पीड़ित, कुपोषित बहुसंख्यक समाज को केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है, क्योंकि आतंकियों के मुताबिक़ वो काफिर हैं और काफिरों को जीने का कोई हक़ ही नहीं है. बता दें कि मोज़ाम्बिक का बहुसंख्यक समाज रोहिंग्या से भी कहीं ज्यादा पीड़ित और शोषित है, क्योकि वहां भूख से भी हर साल कई नागरिक व् बच्चे मौत के मुँह में समा जाते हैं.

आतंकियों द्वारा इस्लामिक स्टेट बनाने की कोशिश

जानकारी के मुताबिक़ उत्तरी मोजाम्बिक के एक शहर में बेहद खूंखार इस्लामिक आतंकियों ने अचानक ही कई पुलिस थानों पर हमला बोल दिया, जिस से वहां की पुलिस को सम्भलने का मौका ही नहीं मिल पाया. जब तक पुलिस वाले कुछ समझ पाते, तब तक इस हमले में वहां के दो पुलिसकर्मियों की जान जा चुकी थी. बताया जा रहा है कि हमले के बाद मौके पर पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए पलटवार किया और 14 आतंकियों को मार गिराया.


ठीक इसी तरह म्यांमार में भी रोहिंग्या आतंकियों ने बौद्धों की पुलिस चौकियों पर हमला किया था, जिसके बाद म्यांमार सेना को हथियार उठाने पड़े थे. भारत के कश्मीर स्थित पुलिस थाने भी अक्सर इसी प्रकार के हमले का शिकार बनते हैं. यानी सभी घटनाएं को ही एक तरह से अंजाम दिया जा रहा है चाहे भारत हो, म्यांमार हो या मोजाम्बिक.

मानवाधिकारों के ठेकेदार मौन

स्थानीय समाचार एजेंसी द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक़ इलाके को इस्लामिक स्टेट बनाने की मंशा से ही ये हमले किये जा रहे हैं. मोकिम्बोआ डि प्राईया नाम का इलाका इस्लामिक चरमपंथियों का गढ़ बन चुका है. वहाँ के पुलिस अधिकारी इनासियो डिना के अनुसार पुलिस के पास आतंकियों की कुल मौतों का दर्ज रिकार्ड 14 है, जबकि कई आतंकी बुरी तरह घायल होने के बाद भागे हैं, जिनके बचने की भी कोई ख़ास उम्मीद नहीं है.

पुलिस के अनुसार सभी थानों पर हमले एक दूसरे से एक कड़ी के समान जुड़े हुए थे. पुलिस प्रवक्ता श्री डीना ने खुल पर पत्रकारों को बताया कि हमलावरों के तार देश के ‘कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन’ से जुड़े हैं, इसी मामले में पुलिस ने अभी तक 10 अन्य बंदूकधारियों को गिरफ्तार किया है और चार हथियार तथा 100 से ज्यादा गोलियां बरामद की है.

आतंकवाद समर्थक कुछ मीडिया संगठनों व् मानवाधिकार संगठनों के मुँह में इस घटना के बाद दही जम गया है. आतंकियों के मानवाधिकार तलाशने वालों को मासूम व् निर्दोष लोगों के मारे जाने पर मानवाधिकार की चिंता सतानी बंद हो गयी है. यूएन ने भी मौनव्रत धारण कर लिया है.


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