Home > ख़बरें > मोदी से पंगा लेकर बुरे फंसे लालू यादव, निकाली ऐसी दुश्मनी कि किंग मेकर को पहुंचाया सीधे आई.सी.यू.

मोदी से पंगा लेकर बुरे फंसे लालू यादव, निकाली ऐसी दुश्मनी कि किंग मेकर को पहुंचाया सीधे आई.सी.यू.

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पटना : लेटर बम फोड़ने के बाद बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने लालू प्रसाद यादव के खिलाफ एक और बड़ा धमाका किया है. उनके इस बयान से बिहार के ‘किंग मेकर’ की मुश्किलें और बढ गई हैं. दरअसल लालू यादव ने अवैध तरीके से सरकारी डॉक्टरों को अपने आवास में तैनात किया हुआ था. बताया गया कि उनके स्वास्थ्य मंत्री बेटे के कहने पर ऐसा किया गया. जिसके बाद सुशील मोदी ने लालू यादव की बखियां उधेड़ कर रख दी.

सुशील मोदी का धमाका

सुशील मोदी ने लालू की बीमारी का मखौल उड़ाते हुए उन्हें आई.सी.यू. में भर्ती होने की सलाह दी है. उन्होंने डॉक्टरों की अवैध तैनाती पर सवाल उठाते हुए बिहार की जनता और सरकार से पूछा है कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री का अपने पिता के लिए अपने पद का दुरूपयोग करना कहां तक उचित है? उन्होंने पूछा है कि केवल सर्दी, खांसी और दस्त जैसी मामूली बीमारियों के लिए दर्जनों सरकारी डॉक्टरों को अपने घर पर तैनात कर लेना कितना उचित है? अगर ऐसा ही था तो लालू को आई.सी.यू. में भर्ती होना चाहिए था.

सुशील कुमार मोदी ने सवाल उठाते हुए तंज किया कि आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की तबियत अगर इतनी ज्यादा ही खराब थी कि सरकारी डॉक्टरों को घर पर तैनात करना पड़ा तो उन्हें एयर लिफ्ट करके दिल्ली अपने इलाज के लिए जाना चाहिए. लालू के घर पर सरकारी डॉक्टरों को तैनात करना पद का दुरूपयोग है. उन्हें या तो एयरलिफ्ट करके दिल्ली इलाज के लिए जाना चाहिए या फिर कम से कम बिहार के आईजीआईएमएस के आईसीयू में भर्ती करना चाहिए. आईजीआईएमएस में एक तो वैसे ही डॉक्टरों की कमी है, ऐसे में बेचारे डॉक्टरों को आठ-आठ दिन तक अपने आवास में तैनात करना, ये कौन सा तरीका है?

मोदी ने कहा लालू अगर गंभीर रूप से बीमार थे तो उनको अस्पताल के आई.सी.यू. में भर्ती होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ जिसका साफ़ मतलब है कि वो गंभीर रूप से बीमार नहीं थे. जो सेवा अस्पताल में हो सकती है, वह घर पर नहीं हो सकती है. ऐसा भी नहीं हैं कि वह कि उनकी उम्र ज्यादा है या चल फिर नहीं सकते कि अस्पताल जाना संभव न हो.

हाँ यदि लालू की उम्र बहुत ज्यादा होती या फिर उन्हें चलने-फिरने तक की तकलीफ होती तो आधे दर्जन क्या पूरे आईडीआई की सेवा दे दी जाए लालू जी के लिए, तब भी वो उसका विरोध नहीं करेंगे. लेकिन उन्हें तो बेहद मामूली बीमारी हुई, ऐसी बीमारी तो आये दिन नेताओं को होती ही रहती है. ऐसे में रोज आईजीआईएसएस को बंद कर दीजिए और तमाम डॉक्टरों को लालू के परिवार में लगा दीजिये. ये कहां तक सही है?

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