Home > ख़बरें > सीआरपीएफ की गिरफ्त में आये इस मोस्ट वांटेड नक्सली के खुलासे से दिल्ली तक मचा हड़कंप

सीआरपीएफ की गिरफ्त में आये इस मोस्ट वांटेड नक्सली के खुलासे से दिल्ली तक मचा हड़कंप


रायपुर : बीते 24 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के सुकमा में सीआरपीफ के जवानो पर घात लगाकर हमला करने वालो में से एक मोस्ट वांटेड नक्सली पोडियम पांडा ने पुलिस के आगे आत्मसमर्पण कर दिया है. पुलिस को इसकी करीब 6  साल से तलाश थी. इसके बाद उसने उस दिन सुकमा हमले की पूरी कहानी और दिल्ली से जुड़े मानवाधिकारों के बारे में ऐसे खुलासा किया है, जिसने दिल्ली तक हड़कंप मचा दिया है.

पोडियम पांडा पर एक लाख रूपए का इनाम रखा गया था. उसने पुलिस के सामने कबूला की छत्तीसगढ़ के सुकमा हमला और 2010 के ताड़मेटला हत्यकांड साथ ही अन्य 19 बड़ी नक्सली घटनाओं को अंजाम दे चुका है. पोडियम पांडा नक्सलियों और उनके शहरी संपर्कों की सबसे मत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है. पांडा ने पुलिस के सामने बुधवार को बड़ा ही चौकाने वाला खुलासा किया कि दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नंदिनी सुंदर और मानवाधिकार की कार्यकर्ता बेला भाटिया उसके साथ साथ बड़े माओवादियों के नेताओं के साथ संपर्क में भी थी.

रायपुर की एक प्रेस कांफ्रेंस में पोडियम पांडा ने कहा कि वह दिल्ली प्रोफेसर नंदिनी सुंदर व बेला भाटिया की मुलाक़ात बड़े माओवादी नेताओं से मिलवाने में बड़ी कड़ी था. उसने रिपोर्ट्स में कहा कि वह इन सोशल एक्टिविस्ट्स को अपनी बाइक पर बिठा कर सुकमा के घने जंगलो में माओवादियों के नेताओं से मीटिंग करवाने के लिए ले जाता था. जिन माओवादियों से इनकी मुलाक़ात करवाई जाती थी उनमें हिडमा (जो सुकमा हमले का ‘मास्टरमाइंड’ है), रमन्ना, पपाराव आयतु, अर्जुन और अन्य शामिल थे.


इस खबर के चलते जब नंदिनी सुंदर व बेला भाटिया से बात की गयी तो उन्होंने कहा “ये सब झूठ है और हमारे खिलाफ साजिश रच कर हमे फ़साने कि कोशिश की जा रही है”.

सुकमा के एसपी अभिषेक मीणा ने मीडिया को बताया कि दिल्ली के बड़े मानवाधिकार कार्यकर्ता, व्यापारी और राजनीतिक पार्टी के नेताओं को नक्सलियों से मिलवाने में भी पांडा की अहम भूमिका रहती थी. उसने माना कि वह बुरकापाल के नक्सली हमले में शामिल था और सीआरपीएफ जवानो पर इंसास राइफल से हमला किया था. साथ ही 2010 के ताड़मेटला हत्याकांड में भी वह शामिल था जिसमे 75 से ज्यादा सीआरपीएफ जवानो शहीद हो गए थे. पोडियम पांडा की मिली जानकारी के बाद पुलिस ने 8 और नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया है.

इसे पहले सीआरपीएफ के आईजी देवेन्द्र चौहान ने भी मीडिया में बताया था की उन्होंने सीआरपीएफ, डीआरजी, जिला बल और कोबरा बटालियन के साथ मिलकर 150 – 200 नक्सलियों के इलाके की घेराबंदी करके तीन दिन से ऑपरेशन चला रखा है जिसमे अब तक 20 नक्सलियों के मारे जाने की खबर की गाँव वालों ने भी पुष्टि करी है.


इस न्यूज़ को अपने मित्रों के साथ शेयर करना न भूलें। आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए हैं।

सब्सक्राइब करें हमारा यू-ट्यूब चैनल


हिंदी न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें


फेसबुक पेज लाइक करें

loading...

Comments