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सुरेश प्रभु का भारत को सबसे शानदार तोहफा, अमेरिका, रूस के साथ-साथ चीन भी हुआ प्रभु का दीवाना

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नई दिल्ली : भारत को विकासशील से विकसित देश बनाने के लिए पीएम मोदी ने रात-दिन एक किया हुआ है. प्रतिदिन 18 घंटे काम करने वाले पीएम मोदी तेजी से विकास करके देश की शक्लो-सूरत बदलते जा रहे हैं. इस दिशा में मोदी सरकार ने अब एक और बेहद सनसनीखेज कदम उठाया है.

बेहद हाई स्पीड ट्रेन

यदि आप ट्रेन से सफर करना पसंद करते हैं और ट्रेनों की सुस्त चाल और आये दिन लेट हो जाने से परेशान है तो ये खबर आपके लिए है. भारतीय रेल के दिन बदलने वाले हैं. कुछ ही सालों बाद आप भारतीय रेल को देखकर पहचान भी नहीं पाएंगे. बेहद आकर्षक दिखने वाली ट्रेन 350 से 600 किलोमीटर प्रतिघंटे की जबरदस्त रफ़्तार से दौड़ती हुई नज़र आएँगी. देश में एक जगह से दूसरी जगह जाना अब बेहद सरल, तेज और आरामदायक होने वाला है. इन बेहद तेज गति के ट्रेनों में टिकट की व्यवस्था भी बेहद ख़ास होगी. स्टेशनों पर लगी मशीनें पहले ही टिकट चेक कर लेंगी.

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने बताया है कि भारत में हाई स्पीड ट्रेनों को शुरू करने के लिये रेल मंत्रालय ने दुनिया की 6 बड़ी रेल कंपनियों के साथ बातचीत शुरू कर दी है. इन कंपनियों के पास वो तकनीक है जिससे ट्रेन 350 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ़्तार से दौड़ सकती हैं. इन कंपनियों के पास ऐसी ट्रेन भी हैं जो 600 किलोमीटर प्रतिघंटे की जबरदस्त तेज गति से भी दौड़ सकती हैं.

देश-विदेश में प्रभु की चर्चा

इससे ना केवल ट्रेनों की रफ़्तार बेहद तेज हो जायेगी बल्कि ट्रेनों के लेट होने की समस्या से भी निजात मिलेगी. यानी आने वाले 10 वर्षों में भारतीय रेल कि शक्लो-सूरत इस कदर बदल चुकी होगी कि अमेरिका और जापान के रेलवे को टक्कर देगी. सुरेश प्रभु के इस ऐतिहासिक फैसले की तारीफ़ देश-विदेश में की जा रही है. खासतौर पर चीन में भारतीय रेलवे में किये जा रहे इन बदलावों की चर्चा जोरों पर है.

इन कंपनियों को भारत बुला कर उनके साथ भारतीय रेल के विकास करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है. उद्योग मंडल सीआईआई द्वारा आयोजित तमिलनाडु बिजनस लीडर्स कॉन्फ्रेंस में शिरकत करने रेल मंत्री सुरेश प्रभु चेन्नई आये थे. इसी दौरान उन्होंने बताया कि अगले 10 साल में ऐसा किया जा सकता है. भारत में हाई स्पीड ट्रेनों को शुरू करने के बारे में उन्होंने बताया कि जापानी कंपनियां भारत में हाई स्पीड ट्रेनों पर लगभग एक लाख करोड़ रुपये का निवेश कर रही हैं.

इसके अलावा भारतीय रेल मंत्रालय की ओर से 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है. इसके साथ ही भारतीय रेल मंत्रालय माल गाड़ियों के लिये भी 85 हज़ार करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है. प्रभु ने कहा कि बीते दो सालों में अनुबंध जारी किये गये हैं और निविदाओं को अब अंतिम रूप दिया जा रहा है. उन्हें 2019 तक इसके पूरा होने की उम्मीद है.

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