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हाजी अली दरगाह को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया ऐसा सनसनीखेज फैसला, पूरे देश में मचा तहलका !

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नई दिल्ली : बाबरी मस्जिद को गिराने का मामला अभी अदालत में चल ही रहा है कि मुंबई के हाजी अली दरगाह पर सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले से देश की राजनीति में भूचाल जैसा आ गया है. दरअसल मुंबई के हाजी अली दरगाह को लेकर एक याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है.


हाजी अली दरगाह से हटेगा अवैध निर्माण !

अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने हाजी अली दरगाह ट्रस्ट को दरगाह के अंदर और आसपास मौजूद सभी अवैध निर्माण को ढहाने का आदेश दिया है. आज सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जगदीश सिंह खेहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने एक याचिकाकर्ता की अवैध निर्माण हटाने की अपील पर अंतरिम आदेश दिया है.

हाजी अली दरगाह ट्रस्ट को अवैध निर्माण हटाने के लिए सुप्रीम की ओर से 8 मई तक का वक़्त दिया गया है. इसके साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट की ओर स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि दरगाह के अंदर और आसपास से अवैध निर्माण को हटाने पर अदालत रोक नहीं लगाएगी.

कोर्ट के आदेश के बाद हाजी अली दरगाह ट्रस्ट ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वो दरगाह के बगल में 171 स्क्वायर मीटर में बनी मस्जिद के अलावा 908 स्क्वायर मीटर में बने सभी अवैध निर्माण को हटाएगा. ट्रस्ट के मुताबिक 8 मई तक दरगाह से सभी अवैध निर्माण हटा दिए जाएंगे.


क्या है पूरा मामला ?

22 मार्च 2017 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई की हाजी अली दरगाह और उसके आसपास के 908 वर्ग मीटर इलाके से अवैध निर्माण हटाने के आदेश दिए थे. जिसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को हाजी अली दरगाह ट्रस्ट ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. दरगाह ट्रस्ट के मुताबिक़ बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला सही नहीं है. ये मस्जिद काफी पुरानी है और 1931 से इसकी लीज दरगाह ट्रस्ट के पास है, इसलिए इलाके में तोड़फोड़ के हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई जानी चाहिए.

जिसके बाद आज सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि वो 908 वर्ग मीटर में से 171 वर्ग मीटर इलाके में मौजूद मस्जिद पर तोड़फोड़ से रोक लगा दें लेकिन ट्रस्ट ये सुनिश्चित करे कि अन्य अवैध निर्माण को हटाने में वो अथॉरिटी को पूरा सहयोग करेगा. मस्जिद को लेकर सुप्रीम कोर्ट बाद में सुनवाई करेगा.

हालांकि कोर्ट ने ये भी कहा कि यदि कोई इस आदेश में किसी तरह का बदलाव चाहता है तो इसके लिए वो कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है. इस मामले को लेकर अगली सुनवाई अब 9 मई को होगी. वहीँ कोर्ट के इस आदेश के बाद से इस मुद्दे पर राजनीति शुरू हो गयी है.

कुछ मुस्लिम संगठनों ने इसका विरोध किया है. कोर्ट के आदेश को लेकर कुछ नेताओं ने बीजेपी पर ही निशाना साध दिया है, उनके मुताबिक़ बीजेपी के राज में पहले ट्रिपल तलाक, राम मंदिर को लेकर बहस चल रही थी और अब दरगाह को लेकर भी फैसला आ गया. कई विपक्षी नेताओं ने बीजेपी पर साम्प्रदायिक राजनीति करने का भी आरोप लगा दिया.


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