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सुप्रीम कोर्ट ने कट्टरपंथियों के खिलाफ लिया ज़बरदस्त फैसला, ओवैसी से आज़म तक रह गए हक्के बक्के

नई दिल्ली : केरल के हालात बद्द से बदतर होते ही जा रहे हैं. आये दिन वहां से लव जिहाद के केस सामने आ रहे हैं. पहली बार इस मामले को गंभीरता से देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सही कदम उठायते हुए ज़बरन धर्म परिवर्तन के केस को राष्ट्रिय जाँच एजेंसी NIA को सौंप दिया गया. तो वहीँ अब इस मामले बेहद चौंकाने वाले खुलासे का सच सामने आ रहा है.


सुप्रीम कोर्ट ने मान लिया

आपको ये भी बता दें कि अब तक लव जेहाद शब्द को कानूनी मान्यता प्राप्त नहीं थी. लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने मान लिया है कि लव जिहाद होता है और मुस्लिम युवक हिंदू लड़कियों को अपने प्यार के जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन करवाकर लव जेहाद करते हैं.

लव जिहाद के पीछे की साज़िश का हुआ भंडाफोड़

हालाँकि टीवी के कुछ बिकाऊ मीडिया लव जिहाद को झूठ बताती है और जनता को गुमराह करती है. लेकिन आज हम आपको इसके पीछे बहुत बड़ी साज़िश से जागरूक कराएँगे. कुछ वक़्त पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने भी इस बात को मान लिया कि शादी करके हिंदू लड़की का धर्मांतरण करवाने की इस घटना के पीछे इस्लामी कट्टरपंथियों का संगठित तौर पर हाथ है. यही नहीं इससे पहले 25 मई को केरल हाई कोर्ट ने भी इसे लव जिहाद का मामला मानते हुए शादी को रद्द करने का आदेश दिया था.

केरल बन रहा लव जिहादियों का गढ़

लेकिन कुछ बिकाऊ पत्रकार इसे हमेशा ही हिंदू संगठनों का झूठा प्रचार बताती रही है. लेकिन हमआपको बता दे केरल में बड़े पैमाने पर लव जिहाद की साज़िश रची जा रही है. यही नहीं NIA ने भी केरल कोर्ट में कहा था कि इससे पहले भी कई बार लव जिहाद के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं. हिंदू लड़कियों को बहला-फुसलाकर उनसे शादी करने के मामलों में एक पैटर्न देखने को मिल रहा है.


इससे पहले एक लड़की के पिता ने केरल हाई कोर्ट में फरियाद लगाई थी कि उनकी बेटी अखिला तमिलनाडु के सलेम में बीएचएमएस की पढ़ाई कर रही थी, लेकिन वो वहां दो मुस्लिम बहनों के साथ किराए के घर में रहती थी. उन्होंने ही उसको बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन करवाया और फिर दिसंबर में साल 2016 में उसकी शादी एक मुसलमान लड़के शफी जहां से करवा दी. शफी कोल्लम जिले का रहने वाला है और मस्कट में नौकरी करता है. धर्म परिवर्तन के बाद अखिला का नाम हदिया करवा दिया गया. केरल उच्च न्यायलय ने शिकायत को सही पाया और शादी को रद्द करके लड़की को पिता के घर जाने का आदेश दिया था. लड़की के पिता अशोकन कोट्टायम जिले के रहने वाले हैं.

लव जिहाद मामले में निकला बगदादी एंगल, ISIS के पास ले जाने की हो रही थी साज़िश

24 वर्षीय मासूम अखिला के पिता अशोकन ने कोर्ट को सबूत दिए कि शादी के बाद शफी ने उनकी बेटी को ISIS से जुड़ने के लिए बोलना शुरू कर दिया. अखिला को आतंकवादी बनाने की कोशिश का जो सबसे बड़ा सबूत हाथ लगा वो ये कि शफी ने उसके कुल तीन मुस्लिम नाम रखे थे. इन तीन पहचान के आधार पर सिक्योरिटी एजेंसियों की आंख में धूल झोंककर उसे ख़ुफ़िया तरीके से सीरिया पहुंचाने की तैयारी चल रही थी. सुप्रीम कोर्ट ने इन दोनों पहलुओं को गंभीर माना है. पीड़ित लड़की के पिता की तरफ से वकील माधवी दीवान ने कहा कि अखिला एक असहाय की तरह है, जो कि बड़े गिरोह के जाल में फंस गई है. उसका ब्रेनवॉश करके इस्लाम अपनाने को मजबूर किया गया.

आपको बता दें देश भर में हजारों हिंदू लड़कियों को इस तरह से मुसलमान बनाए जाने के मामले सामने आ चुके हैं. ऐसे मामले में मुसलमान लड़के अपना हिंदू नाम रखकर लड़की को प्रेम-जाल में फंसा लेते हैं और जब लड़की को सच्चाई पता चलती है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है. ऐसे लड़कियों के दिमाग में आईएसआईएस में फिदायीन बनने का जूनून भर दिया जाता है.

सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा, ‘जिस तरह इंटरनेट गेम ब्लू व्हेल में किसी लड़के या लड़की को लक्ष्य दिए जाते हैं और जिसमें उसे आखिर में सुसाइड करना होता है, उसी तरह आजकल किसी को भी खास मकसद के लिए राजी करके आतंकवादी बनाना बहुत आसान हो गया है.


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