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तमिलनाडु से आयी अब तक की सबसे सनसनीखेज खबर, हिला के रख दिया पूरे देश को

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नई दिल्ली : पिछले कई दिनों से तमिलनाडु की राजनीति में उठा-पठक चल रही थी. लेकिन अभी-अभी आयी इस बड़ी खबर से तमिलनाडु की राजनीति में भूचाल आ गया है. जयललिता के निधन के बाद मुख्यमंत्री बने पनीरसेल्वम को मुख्यमंत्री पद से हटा कर खुद मुख्यमंत्री बनने का AIADMK महासचिव शशिकला का सपना चकनाचूर हो गया है.

आय से अधिक संपत्ति मामले में शशिकला दोषी करार

सुप्रीम कोर्ट ने शशिकला को बड़ा झटका देते हुए आय से अधिक संपत्ति मामले में उन्हें दोषी करार दिया है. उनके साथ-साथ उनके दो अन्य रिश्तेदार वीएन सुधारन, इलावर्सी को भी दोषी करार दिया गया है. कोर्ट ने शशिकला की 4 साल की सजा को बरकरार रखा है, साथ ही वो अब 10 साल तक चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगी.

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रही शशिकला अभी असेंबली की मेंबर तक नहीं हैं. तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने के लिए उन्हें 6 महीने के भीतर विधायक बनना था. लेकिन अब वो कोई चुनाव नहीं लड़ सकती.

21 सालों से चल रहा था केस

आपको बता दें कि पिछले 21 सालों से आय से अधिक संपत्ति रखने का ये केस जयललिता, शशिकला और उनके दो रिश्तेदार वीएन सुधारन, इलावर्सी समेत 4 अन्य लोगों पर चल रहा था. सबसे पहले इस केस की सुनवाई तमिलनाडु के बाहर बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट में हुई और 27 सितंबर 2014 को स्पेशल कोर्ट ने जयललिता, शशिकला और दो अन्य लोगों को आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में दोषी करार दिया.

पैसे के दम पर क़ानून के साथ आँख-मिचौली

ट्रायल कोर्ट ने सभी अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए चार साल की सजा सुनाई और 100 करोड़ का जुर्माना भी लगाया. जिसके बाद जयललिता और शशिकला को जेल भेजा गया, 21 दिन जेल में रहने के बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली. जयललिता ने इस फैसले को कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनौती दी जिसके बाद 11 मई 2015 को कर्नाटक हाईकोर्ट की ओर से जयललिता और शशिकला समेत सभी चार दोषियों को बरी कर दिया.

आखिरकर क़ानून की हुई जीत

जिसके बाद कर्नाटक सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीसी घोष और अमिताभ रॉय ने 21 साल से चल रहे इस आय से अधिक संपत्ति रखने के केस में उनके खिलाफ फैसला सुनाया. आपको बता दें कि जयललिता पर 1991 से 1996 के बीच मुख्यमंत्री रहते हुए आय से अधिक 66 करोड़ की प्रॉपर्टी इकट्ठा करने का आरोप था.

उन पर आरोप था कि उन्होंने शशिकला के साथ मिलकर 32 ऐसी कंपनियां बनायीं जिनका कोई बिजनेस ही नहीं था और इसके जरिये से करोड़ों की संपत्ति जमा कर ली. शशिकला के दोषी करार दिए जाने के बाद अब वो चुनाव लड़ने के अयोग्य हो गईं हैं और सरकार बनाने का दावा कर चुकी शशिकला को अपनी जगह पार्टी के किसी दूसरे नेता को सामने करना पड़ेगा.

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