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राम मंदिर पर मोदी सरकार ने किया ऐसा काम, देश की राजनीति में मची खलबली, मुस्लिमों को झटका

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लखनऊ : नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही अयोध्या में राम मंदिर बनाने की मुहिम शुरू हो गयी थी. उसके बाद योगी आदित्यनाथ के यूपी के सीएम बनने के बाद तो इस मुहिम में और भी तेजी आ गयी है. देश की जनता को लगने लगा कि योगी के सीएम बनने के बाद अब तो राम मंदिर जरूर बनेगा. इसी कड़ी में अब एक और बड़ी खबर सामने आ रही है.


कुछ ही वक़्त पहले सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर पर आपसी सहमति से फैसला लेने का सुझाव दिया था. सुप्रीम कोर्ट की ओर से कहा गया था कि यदि आपसी सहमति से मामला नहीं सुलझता तो वो जरूर सहायता करेंगे. लेकिन फिलहाल राम मंदिर का मसला सुलझता नहीं दिख रहा है.

ऐसे में बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने गुरुवार को लखनऊ में अपना अटल फैसला सुनाते हुए कहा कि राम मंदिर अयोध्या में उसी स्थान पर बनेगा, जहां पर राम लला विराजमान हैं. उन्होंने कहा कि मंदिर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही बनेगा और कोर्ट में जल्द ही ये पूरा मामला हल होगा और हमारी जीत होगी.

डॉक्टर स्वामी ने कहा कि वो इसके लिए मुस्लिमों से किसी तरह की अपील नहीं करेंगे. उन्होंने यहाँ सीएम योगी आदित्यनाथ से भी मुलाक़ात की, हालांकि उनके बीच क्या बात हुई इस बात का खुलासा उन्होंने नहीं किया. सीएम योगी से मुलाक़ात के बाद उन्होंने राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर बयान दिया कि राम मंदिर का निर्माण राम जन्मभूमि पर ही हो सकता है. मस्जिद तो कहीं भी बन सकती है.


डॉक्टर स्वामी ने कहा कि राम मंदिर निर्माण को लेकर मैं मुस्लिमों से अपील नहीं करूंगा, बल्कि उन्हें होश में आने के लिए कहूंगा. उन्होंने कहा कि मुस्लिम देशों में भी जरूरत के हिसाब से मस्जिद को एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया जाता है. मक्का में पैगम्बर मोहम्मद साहब से जुड़ी मस्जिद को भी तोड़ा जा चुका है.

उन्होंने कहा कि मुसलमान चाहें तो कहीं और मस्जिद मना लें, उनेह किसने मना किया है. इसके बाद उन्होंने खुलासा करते हुए कहा कि दरअसल सुन्नी वक्फ बोर्ड मस्जिद के लिए नहीं, बल्कि प्रॉपर्टी के लिए ये केस लड़ रहा है. उन्होंने कहा कि वो प्रॉपर्टी के लिए केस नहीं लड़ रहे हैं, राम मंदिर के लिए लड़ना उनका मूलभूत अधिकार है. इसीलिए पहले उन्ही की याचिका पर फैसला होगा, उन्हें पूरा यकीन है कि केस वो ही जीतेंगे.

संसद के जरिये भी राम मंदिर बनाया जा सकता है. इस पर उन्होंने कहा कि ये सवाल तो अमित शाह से किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि उन्होंने अशोक सिंघल को रामसेतु को टूटने से बचाने का वचन दिया था और अपना वो वचन उन्होंने पूरा भी किया. राम मंदिर को बनवाकर भी वो अशोक सिंघल को दिया अपना वचन निभाएंगे. उन्होंने पूरे यकीन के साथ कहा कि राम मंदिर बनने से जुड़े सभी तथ्य उन्ही के पक्ष में हैं.

वोटबैंक की परवाह ना करते हुए, डॉक्टर स्वामी जिस शिद्दत के साथ राम मंदिर के मुद्दे के लिए लड़ रहे हैं. उसे देखते हुए ये साफ़ लग रहा है कि 2019 से पहले ही राम मंदिर निर्माण कार्य शुरू हो जाएंगे. यदि ऐसा हो जाता है तो पिछले एक दशक से भी ज्यादा वक़्त से चला आ रहा ये मसला हल हो जाएगा और डॉक्टर स्वामी का नाम इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा.


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