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मोदी से घबराये पाकिस्तान ने उठाया ऐसा वाहियात कदम, जिसे देख ओवैसी और आजम भी रह गए सन्न

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नई दिल्ली : कश्मीर में अलगाववाद व् आतंकवाद फैलाकर कब्जा करने का रात-दिन स्वप्न देखने वाले पाकिस्तान ने खुद बलूचिस्तान पर अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है. केवल इतना ही नहीं, बल्कि आजादी के बाद से ही बलोच लोगों का शोषण किया जाना जारी है, विरोध में उठने वाली आवाजों को क्रूरता पूर्वक दबा दिया जाता है. भारतीय सेना से लगातार पिट रहे पाकिस्तान ने बौखलाहट में आजादी के लिए बैचेन बलूचिस्तान में ऐसा हैरतअंगेज नियम बना दिया है, जिसे देख दुनियाभर के लोग हैरान हैं.

बलूचिस्तान में स्टाइलिश दाढ़ी रखने पर सरकान ने लगाया बैन

दरअसल नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद बलूचिस्तान की आजादी का मुद्दा उठाया, उसके बाद से बलोच लोगों का प्रदर्शन और भी तेज हो गया. बलोच लोग खुद को सेक्युलर कहते हैं और पाकिस्तान के रूढ़िवादी इस्लामिक कानूनों को मानने से भी इंकार करते आये हैं. ऐसे में पाकिस्तान ने उनपर जबरदस्ती अपनी रूढ़िवादी सोच थोपना शुरू कर दिया है.

खबर है कि पाकिस्तान सरकार ने बलूचिस्तान में लोगों के स्टाइलिश दाढ़ी रखने पर बैन लगा दिया है. बलोच लोग खुद को सेक्युलर बताते हुए आधुनिक जमाने के अनुसार ढालने में लगे हैं, इसीलिए कई बलोच युवा स्टाइलिश दाढ़ी व् स्टाइलिश सर के बाल रखते हैं. लेकिन अब उनसे ये अधिकार भी छीन लिया गया है. पाक सरकार ने स्टाइलिश दाढ़ी को इस्लाम के खिलाफ बताते हुए बलूचिस्तान में स्टाइलिश दाढ़ी रखने पर बैन लगा दिया है.

अपने गिरेबान में नहीं झांकता भारत को ज्ञान देने वाला ना’पाक

ऐसे में जिन बलोच लोगों को स्टाइलिश दाढ़ी रखने का शौक है, वो बलूचिस्तान में रहकर स्टाइलिश दाढ़ी नहीं रख पाएंगे. उन्हें भी जबरन वैसी ही वेश-भूषा में रहना होगा, जैसी पाकिस्तान सरकार चाहती है. सबसे हैरत की बात तो ये है कि भारत में गौ-ह्त्या के विरोध को खाने की आजादी पर अंकुश कहकर भारत को ज्ञान देने वाला पाकिस्तान खुद अपने नागरिकों को ये अधिकार तक नहीं देना चाहता कि वो बाल व् दाढ़ी कैसी रखें.

खबरों के मुताबिक़ बलूचिस्तान के खारन जिले के अधिकारियों ने हाल ही में आदेश जारी किया है, जिसके तहत स्टाइलिश दाढ़ी पर बैन लगाया गया है. उनका कहना है कि फैशनेबल तरीके से दाढ़ी रखना इस्लामिक विचारकों के मुताबिक़ इस्लाम के सिद्धांतों के खिलाफ है, इसलिए नागरिक दाढ़ी को सिंपल रखें, उसे डिज़ाइन न करें.

इस आदेश की एक प्रति डिप्टी कमिश्नर, जिला पुलिस अधिकारी, तहसीलदार और क्षेत्र के स्टेशन हाउस अधिकारी समेत संबंधित अन्य अधिकारियों को भी भेज दी गयी है. सहायक आयुक्त साजिदी के अनुसार, “इस इलाके में मौलाना ने लोगों के स्टाइलिश दाढ़ी रखने की शिकायत की थी और इसी वजह से अधिसूचना जारी की गई है.”

विरोध किये जाने के बाद इस आदेश को वापस ले लिया गया, सरकार ने कहा कि इस तरह के आदेश जारी करने का कोई कानून नहीं है, हालांकि, मजिस्ट्रेट के पास अधिकार है कि वह किसी भी चीजों को बैन कर सकता है. ऐसे में इस आदेश को फिर से लागू किया जा सकता है.

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