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राम मंदिर की नींव पर योगी ने जड़ा पहला पत्थर, अदालत का फैसला आने से पहले खुद ही लिया फैसला !

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लखनऊ : पीएम मोदी के सत्ता में आते ही जनता ने राम मंदिर निर्माण की उम्मीदें लगा ली थीं. यूपी चुनाव में बम्पर जीत के बाद पीएम मोदी द्वारा योगी आदित्यनाथ की यूपी का सीएम बनाये जाने पर लोगों को विश्वास हो गया कि एक योगी के सीएम बनने पर मंदिर बनाने का उनका सपना जरूर पूरा होगा. मामला अदालत में भी चल रहा है, लेकिन अदालत का फैसला आने से पहले ही सीएम योगी ने एक अहम् काम उठाते हुए सभी को चौंका दिया है.

मंदिर निर्माण के लिए योगी का बड़ा फैसला

अखिलेश सरकार ने पत्थर तराशी के लिए फॉर्म 39 पर रोक लगाकर अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए पत्थर मंगाये जाने पर रोक लगा दी थी. लेकिन अदालत के फैसले आने से पहले ही सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने इसे वापस से शुरू करवा दिया है. सीएम योगी के इस फैसले से विपक्ष में हड़कंप मच गया है और सियासी गलियारों में राम मंदिर को लेकर एक बार फिर से चर्चा शुरू हो गयी है.

योगी सरकार के फैसला लेते ही अयोध्या में राम मंदिर के लिए फिर लाल पत्थर आने लगे हैं. कल शाम लाल पत्थरों से लदे दो ट्रक भरतपुर से अयोध्या पहुंचे हैं. बताया जा रहा है कि भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए इन पत्थरों को तराशा जाएगा. साल 2015 के बाद पत्थरों की ये खेप यहां पहुची है.


अखिलेश, मुलायम पर विहिप का हमला

उस वक़्त अखिलेश सरकार ने पत्थर लाने पर रोक लगा दी थी लेकिन योगी सरकार ने इसे हटा दिया है. जिसके बाद विश्व हिन्दू परिषद् अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण के लिए एक बार फिर जोरों-शोरों से एक्शन में आ गया है. 19 जून को विहिप ने विधिक रूप से वाणिज्य कर विभाग द्वारा फॉर्म 39 के प्रावधान को पूरा करते हुए राजस्थान से दो ट्रक पत्थरो की खेप तराशी के लिए अयोध्या मंगवा लिया है.

विश्व हिन्दू परिषद् के प्रांतीय मीडिया प्रभारी ने कहा कि अखिलेश यादव ने श्री राम मंदिर निर्माण में बाधा डाली, यही कारण है कि वो दोबारा सत्ता हासिल नहीं कर सके. उन्हें राममन्दिर निर्माण में बाधा पहुचाने का फल मिला है. उन्होंने कहा अखिलेश यादव ने मंदिर निर्माण में बाधा डाल कर सत्ता खो दी और उनके पिता मुलायम सिंह ने 30 अक्टूबर 1990 को राम भक्तों पर गोली चलवाने का जो पाप किया था, इसी कारण से वो ना केवल सत्ता से बाहर हो गए बल्कि बुढ़ापे में अपने ही बेटे अखिलेश के हाथों कदम-कदम पर अपमानित भी हो रहे हैं.

बता दें कि बीजेपी ने यूपी चुनाव से पहले वादा किया था कि सत्ता में आने पर वो मंदिर बनवाएंगे. सीएम योगी ने सत्ता संभालने के बाद कई मौकों पर स्पष्ट रूप से कहा है कि वो अयोध्या में मंदिर जरूर बनवाएंगे. उनके इस फैसले को राम मंदिर की नींव पर ज्यादा उनका पहला पत्थर माना जा रहा है.


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