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मोदी विरोधियों ने पार की पागलपन की सभी हदें, पत्थरबाजी कर सुरेश प्रभु के सपनों को किया चूर-चूर

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नई दिल्ली : 2014 से पहले देश में कैसी अंधेरगर्दी फैली हुई थी, ये बात इस बेहद हैरान कर देने वाली खबर को पढ़कर जानी जा सकती है. तुष्टिकरण की राजनीति कर-कर के देश के कुछ लोगों का दिमाग कांग्रेस ने इस कदर खराब कर रखा है, कि अपने समुदाय के निजी स्वार्थ के सामने उन्हें कुछ और दिखाई ही नहीं देता. मोदी के विरोध का आलम ये है कि देश में उनके द्वारा किये जा रहे अच्छे कामों को जानबूझ कर बिगाड़ा जा रहा है.


तेजस एक्सप्रेस पर हुई पत्थरबाजी !

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने देश को तेजस जैसी अत्याधुनिक ट्रेन का शानदार तोहफा दिया था ताकि भारत में भी लोगों को वो सुविधाएं मिल सकें जो फिलहाल उन्हें विदेश यात्राओं में ही मिल पाती हैं. बीते शनिवार बेहद ख़ास सुविधाओं से लैस तेजस एक्सप्रेस दिल्ली से मुंबई के लिए निकली ही थी कि रास्ते में अज्ञात लोगों के समूह ने ट्रेन पर पत्थरबाजी शुरू कर दी जिससे ट्रेन के शीशे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए.

मोदी सरकार के विकास कार्य कुछ लोगों से देखे नहीं जा रहे. ऐसे लोग खुद तो टैक्स देते नहीं और जनता के टैक्स के पैसों से बनी पब्लिक प्रॉपर्टी का नुक्सान दिल खोल कर कर देते हैं. तेजस एक्सप्रेस की लॉन्चिंग की खुशियों में भी तब ग्रहण लग गया जब अज्ञात लोगों द्वारा इसपर पत्थरबाजी करने का मामला सामने आया. इससे पहले कि तेजस यात्रियों को उनकी मंजित तक पहुंचा पाती, इन लोगों ने तमाम आधुनिक सुविधाओं से लैस तेजी से पटरी पर दौड़ रही तेजस एक्सप्रेस की खिड़कियों को पत्थर मार-मार कर तोड़ डाला.

जांच में जुटी पुलिस

पत्थरबाजी की घटना के बारे में पुलिस को जानकारी दी गयी है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि अभीतक इन अज्ञात हमलावरों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन जल्द ही इन्हे ढूंढ निकाला जाएगा और इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी.


बता दें कि तेजस को हफ्ते के 5 दिन चलाया जाएगा और इसमें कई कॉमर्सियल स्टॉपेज भी दिए गए हैं. शताब्दी ट्रेन के मुकाबले तेजस ट्रेन का किराया थोड़ा ज्यादा है. तेजस ट्रेन की पहली रैक कपूरथला की रेलवे फैक्ट्री में बनाई गई है. पिछले वर्ष के रेल बजट में रेलवे ने इस ट्रेन को चलाने की मंशा जाहिर की थी.

तेजस एक्सप्रेस ऐसी पहली ट्रेन है, जिसमें स्वचालित दरवाजे लगाए गए हैं. सभी सुविधाओं से लैस तेजस ट्रेन के कोच के डिजाइन से रेलमंत्री सुरेश प्रभु भी संतुष्ठ दिखे. प्रभु ने बताया कि तेजस एक्सप्रेस को सबसे पहले मुंबई और गोवा के बीच शुरू किया जाएगा और बाद में इसे मुंबई से अहमदाबाद, आनंद विहार से लखनऊ और दिल्ली से चंडीगढ़ के बीच भी चलाया जाएगा.

तेजस ट्रेन की खूबसूरती को बढ़ाने के लिए इसमें विशेष और खूबसूरत दिखने वाले विनाइल का इस्तमाल किया गया है. पूरी ट्रेन पर एक खास तरह का पैटर्न छापा गया है और इसका रंग उगते हुए सूरज की तरह भगवा रखा गया है. तेजस ट्रेन का नाम सूर्य की किरणों की तरह तेज रहने के लिए रखा गया है.


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