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भारत को गरीब देश कहने वाले स्नैपचैट के सीईओ को भारतियों ने बना दिया गरीब, हाथ मलते रह गए साहब

snapchat-boycott

नई दिल्ली : स्नैपचैट के सीईओ इवान स्पीगल के भारत जैसे ‘गरीब देश’ में अपने व्यापार को न बढ़ाने की बात के सार्वजनिक होने के बाद भारतियों का गुस्सा जोरदार तरीके से भड़क गया. सोशल मीडिया पर बॉयकॉट स्नैपचैट ट्रेंड करने लगा. जैसे-जैसे बॉयकॉट स्नैपचैट ने ट्रेंड करना शुरू किया वैसे-वैसे भारतियों का गुस्सा और भी ज्यादा बढ़ता चला गया, उसके बाद अब जो चौंकाने वाली खबर सामने आयी है उसे देख कोई भी बिजनेसमैन भारत का अपमान करने से पहले सौ बार सोचेगा.


भारतियों ने डुबोई स्नैपचैट की लुटिया !

दरअसल बॉयकॉट स्नैपचैट के ट्रेंड होते ही एप स्टोर पर “पांच स्टार” की सर्वाधिक लोकप्रियता वाले स्नैपचैट एप की रेटिंग केवल “एक स्टार” पर आ गई है. ख़बरों के मुताबिक़ ना केवल लोगों ने गुस्से में आकर स्नैपचैट को अपने फ़ोन से हटा दिया बल्कि एप स्टोर पर जाकर बेकार रेटिंग देकर स्नैपचैट की रेटिंग को “पांच स्टार” से रातों-रात “एक स्टार” पर पहुंचा दिया.

एप स्टोर के एप इनफो के मुताबिक़, रविवार को स्नैपचैट के हाल के वर्जन वाले एप की उपभोक्ता रेटिंग केवल “एक स्टार” रह गयी थी और सभी वर्जनों की कुल रेटिंग “एक और आधा स्टार” थी.

सीईओ इवान स्पीगेल के कथित बयान से गुस्सा लोग !

दरअसल अमेरिका की एक न्यूज वेबसाइट “वैरायटी” के मुताबिक़ शनिवार को स्नैपचैट के पूर्व कर्मचारी एंटोनियो पोमपिआनो कह रहे थे कि स्नैपचैट के सीईओ इवान स्पीगेल ने सितंबर 2015 को उनसे कहा था कि ये एप केवल अमीर लोगों के लिए है और वो इसे गरीब देशों जैसे भारत और स्पेन में नहीं ले जाना चाहते.

सोशल मीडिया पर ये खबर जंगल की आग की तरह से फ़ैल गयी और भारतीय लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर जा पहुंचा. ट्विटर पर एक यूजर ने ट्वीट किया कि वो तो इस एप को कोई रेटिंग तक नहीं देना चाहते. यूजर ने स्नैपचैट के सीईओ इवान की आलोचना करते हुए लिखा कि अपनी इस बात से इवान ने साबित कर दिया है कि वो कितने मूर्ख हैं. आगे इस यूजर ने लिखा कि उनके मुताबिक़ स्नैपचैट का तीन-चौथाई हिस्सा भारतीय कर्मचारियों द्वारा ही चल रहा है. यदि इवान इसका विस्तार गरीब देशों में नहीं करना चाहते, तो उन्होंने एप को फ्री क्यों रखा है? वो इस पर कोई फीस क्यों नहीं लेते?


कई अन्य उसेर्स ने ट्वीट किया कि गरीब भारत और स्पेन को स्नैपचैट से भी बेहतर ऍप की जरुरत है, इसलिए मैं ये ऍप अपने फ़ोन से हटा रहा हू. आगे इस यूजर ने लिखा कि स्नैपचैट एक उपहास पूर्ण उत्पाद के रूप में जाना जाएगा, बेचारे इवान स्पीगेल.

वहीँ एक अन्य यूजर ने इवान का धन्यवाद अदा करते हुए कहा कि उन्होंने अब तक स्नैपचैट को बॉयकॉट करने के मुद्दे पर किसी हिंदू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई आदि को आपस में लड़ते नहीं देखा, हमें एक करने के लिए धन्यवाद.

एक अन्य यूजर ने ट्वीट किया कि वो स्नैपचैट का आदी था लेकिन वो अपने देश से ज्यादा प्यार करता है, लिहाजा अब वो स्नैपचैट को कभी इस्तमाल नहीं करेगा. इस यूजर ने आगे लिखा कि देखते हैं, तुम बिना भारतीयों के कैसे पैसे कमाते हो?

आपकी जानकारी के लिए बतादें कि स्नैपचैट के भारत में 40 लाख से ज्यादा यूजर हैं लेकिन ख़बरों के मुताबिक़ केवल एक ही दीं में लाखों लोगों ने ऍप को इस्तमाल करना बंद कर दिया है. इससे पहले भी पिछले साल दिवाली के दौरान चीन के पाकिस्तानी आतंकियों के समर्थन के चलते भारतियों ने चीनी उत्पादों का बहिष्कार करके चीन को अरबों रुपयों की चपत लगाई थी.


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