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चीन के लिए भारत ने तैयार किया 500 किलो का बमों का बाप, घातक क्षमता देख अमेरिका, रूस भी सन्न

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फरीदाबाद : ये सच किसी से छिपा नहीं है कि आज भारत के लिए पाकिस्तान से भी बड़ा ख़तरा चीन बन चुका है. डोकलाम विवाद के दौरान चीन ने अपनी औकात भी दिखा दी थी, जब लगभग हर रोज वो भारत को युद्ध की धमकियां दे रहा था. चीन को जवाब देने के लिए भारत सरकार ने एक बेहद अहम् कदम उठाया है, जिसे देख चीन के साथ-साथ पाकिस्तान के भी हवा ढीली हो गयी है.


युद्ध सामग्री (एम्यूनिशन) बनाने वाली देश की एक स्थानीय फैक्ट्री में चीन के लेजर गाइडेड बम को मात देने वाले स्मार्ट बम को बनाया जा रहा है. फरीदाबाद की एक फैक्टरी में तैयार हो रहे स्मार्ट बम जीपीआरएस टेक्नोलॉजी से लैस होंगे.

लक्ष्य को बिना चूके तबाही मचा देगा ये बम

जीपीआरएस के कारण लेजर गाइडेड टेक्नोलॉजी स्मार्ट बम सीधे लक्ष्य पर हमला करेगा. लेजर गाइडेड तकनीक से लैस होने के कारण लक्ष्य के चूकने का तो सवाल ही नहीं उठता. इसके अलावा इसमें एक और ख़ास बात ये भी है कि ये बम हवा के दबाव के कारण भी लक्ष्य से नहीं चूकेगा.

इस बम की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लक्ष्य में आयी किसी भी बहुमंजिला इमारत को ये बम जमींदोज करते हुए जमीन के अंदर 10 फीट गहरा और 150 मीटर रेडियस में गड्‌ढा बना देता है. हवा से हवा और आसमान से जमीन में लक्ष्य के परखच्चे उड़ाने की क्षमता रखता है ये महा बम. बताया जा रहा है कि चीन की अक्ल ठिकाने लगाने के लिए फैक्टरी में हज़ारो की सख्या में इन बमों की पहली खेप तैयार हो रही हैं.

जीपीएस कंट्रोल्ड होगा ये बम

500 किलो वजनी यह बम जीपीएस के जरिये कंट्रोल्ड होगा और 15000 फीट की ऊंचाई से जमीन के अंदर 10 फीट गहराई तक छिपे दुश्मन के परखच्चे उड़ाने की क्षमता रखता है. आर्डिनेंस फैक्टरी के दिशा निर्देशन में प्रस्तावित टेक्नोलॉजी और डिजाइन के मुताबिक इसे खास एलॉय स्टील से बनाया जा रहा है.


ये तो कुछ भी नहीं, इस महा विनाशक स्मार्ट बम को भारत द्वारा फ्रांस से खरीदे दुनिया के सबसे खतरनाक रॉफेल जेट में लोड किया जाएगा. इसके अलावा ये बम समुद्र में एयरक्रॉफ्ट कैरियर जंगी जहाज पर तैनात रहने वाले सुखोई और अन्य लड़ाकू विमान में हाई टेक्नोलॉजी एम्यूनिशन के रूप में भारत को अद्भुत शक्ति प्रदान करेंगे.

बड़े एयरक्रॉफ्ट कैरियर जहाज को चंद सेकेंड में उड़ाने की भी क्षमता

इस महा विनाशक बम की एक ख़ास बात ये भी है कि ये दुश्मन देश की नौसेना के किसी भी बड़े एयरक्रॉफ्ट कैरियर और जंगी जहाज को चंद सेकेंड में उड़ाने की भी क्षमता रखता है. मतलब निशाना साधकर दाग दिया तो दुश्मनों का जंगी समुद्री जहाज कुछ ही पलों में तबाह हो जाएगा.

रक्षा सूत्रों के मुताबिक इस स्मार्ट बम को खास तौर पर चीन के लेजर गाइडेड हाई टेक्नोलॉजी बमों को मात देने के लिए ही तैयार किया जा रहा है. यही वजह है कि इस बम को भारतीय एयरक्रॉफ्ट कैरियर जहाज पर तैनात सुखोई और रॉफेल जैसे अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी वाले लड़ाकू विमानों में लोड किया जाएगा.

बम में लगा होगा सेंसर

जीपीआरएस और लेजर गाइडेड होने के कारण फाइटर जेट की स्पीड और हवा के दबाव के बावजूद ये बम लक्ष्य को चूकेगा नहीं. इसके अलावा बम में एक सेंसर भी लगा होगा, जो लक्ष्य को हिट करने से 800 मीटर पहले ही पॉयलेट को बीप देगा. स्मार्ट बम में टारगेट एरिया के आसपास का विजुअल लेने की कैपिसिटी को भी इंस्टाल किया जा रहा है, जिसके जरिये जिस लक्ष्य को उड़ाया जाएगा, उसके आसपास की जानकारी भी सेना को मिल जायेगी. आसपास कुछ और संदिग्ध गतिविधि देखकर फिर से हमला किया जा सकेगा.

10 हजार बम बनाने का मिला ऑर्डर

युद्ध सामग्री निर्माण फैक्टरी के डायरेक्टर एसके गोयल ने बताया कि हमें आर्डिनेंस फैक्ट्री से 10 हजार स्मार्ट बम बनाने का ऑर्डर मिला है. अप्रैल महीने में ही फैक्ट्री को डिजाइन दिया गया था. स्मार्ट फीचर होने के कारण मैं तो इसे फॉदर बम की ही संज्ञा दूंगा. दुश्मन का बंकर हो या कोई और टारगेट यह बम इतना शक्तिशाली है कि माइनस विजुअल टारगेट को भी ध्वस्त कर देगा, यानी यदि लक्ष्य यदि साफ़ दिख नहीं रहा हो तब भी अचूक निशाना लगा कर तबाही मचा देगा. फैक्ट्री में बनने वाले कंपलीट बम को फ्यूल एम्युनिशनेट (बारुद भरना) आर्डिनेंस फैक्ट्री करेगी.


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