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अभी अभी :राहुल गाँधी इटली में व्यस्त हैं, वहां मोदी लहर में बह गयी सोनिया की कश्ती, ज़मानत हुई ज़ब्त

शिमला : भाजपा का विजय रथ थमने का नाम ही नहीं ले रहा है और वहीँ दूसरी और कांग्रेस की हालत बद्द से बद्द्तर होती चली जा रही है. कांग्रेस के युवराज इटली घूमने में में व्यस्त हैं और धीरे धीरे कांग्रेस का सफाया होता चला जा रहा है. अभी अभी एक और चुनाव में एक बार फिर मोदी लहर साफ़ कांग्रेस को बहा कर ले जाती दिख रही है.


मोदी लहर में एक बार फिर बह गयी कांग्रेस, इतिहास रच दिया

अभी अभी ताज़ा ख़बरों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पिछले तीन दशक में पहली बार शिमला नगर निगम में सर्वाधिक सीटें जीतकर इतिहास रच दिया है, पार्टी ने 17 सीटों पर जीत दर्ज की. वहीं, निगम पर 26 सालों तक कब्ज़ा जमाये रहने वाली कांग्रेस के 12 उम्मीदवार निर्वाचित हुए हैं साथ ही चार निर्दलीय तथा मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का एक उम्मीदवार भी चुनाव जीतने में कामयाब रहा. तीन निर्दलीय पार्षदों शारदा चौहान, कुसुम लता तथा संजय परमार ने कांग्रेस को अपना समर्थन देने का ऐलान किया. जिसका अर्थ है कि कांग्रेस के पास 15 पार्षदों का समर्थन है, लेकिन भाजपा के 17 पार्षदों की तुलना में आंकड़े अभी भी उसके पक्ष में नहीं हैं.


बीजेपी के एक नेता ने कहा, “हम एक निर्दलीय पार्षद के समर्थन से नगर निगम पर काबिज होने जा रहे हैं.” चौथे निर्दलीय पार्षद भाजपा के बागी हैं और उनके पार्टी का समर्थन करने की संभावना है, जिससे बहुमत का आंकड़ा पूरा हो जाएगा. आपको बता दें मतदान शुक्रवार को हुआ था, जिसमें 91,000 से भी ज़्यादा मतदाताओं में से करीब 58 फीसदी ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था.

पिछले 26 सालों से था कांग्रेस का कब्ज़ा, मिली करारी हार

चुनाव में इस बार तिब्बतियों ने भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. चेन्नई तथा कोलकाता के बाद शिमला सबसे पुराना नगर निगम है. चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच था. हालांकि उम्मीदवारों ने पार्टी के चुनाव चिन्हों पर चुनाव नहीं लड़ा. भाजपा ने 34 उम्मीदवारों, कांग्रेस ने 27 और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने 22 उम्मीदवारों का समर्थन किया था. शिमला नगर निगम पर 26 सालों से कांग्रेस का ही कब्ज़ा रहा है.

वर्ष 2012 के चुनावों में सीपीएम ने सभी दलों को चकित कर दिया था जब शहर के मेयर और डिप्टी मेयर के चुनावों में जीत दर्ज की थी. कार्यकाल खत्म हो रही 15 सदस्यों वाली काउंसिल में फिलहाल बीजेपी के 12 पार्षद हैं जबकि कांग्रेस के 10 पार्षद हैं. शिमला नगर निगम पर कांग्रेस ने साल 2012 से पहले 26 सालों तक शासन किया है.


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