Home > ख़बरें > आतंकवाद के खिलाफ चार मुस्लिम देशों ने लिया सबसे बड़ा फैसला, एक ही वार से हिला दी पूरी दुनिया

आतंकवाद के खिलाफ चार मुस्लिम देशों ने लिया सबसे बड़ा फैसला, एक ही वार से हिला दी पूरी दुनिया

saudi-arab-against-terrorists

रियाद : आतंकवाद को समर्थन देना और आतंकवाद को पालना पोसना अब बहुत सारे देशों को जल्द ही भारी पड़ सकता है. केंद्र सरकार भी कई बार पाकिस्तान को आतंकवाद के समर्थन करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मुद्दा उठा चुकी है और पाकिस्तान देश को एक आतंकवाद प्रेमी देश घोषित करने का विचार कर रही है. इससे पहले भी सबसे बड़े आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को भी पाकिस्तान के ऐबटाबाद में अमेरिका ने मार गिराया था, और हाल ही में अमेरिका अफ़ग़ानिस्तान पर भी ताक़तवर बम आईएसआईएस के ठिकानों पर गिरा चुका है.

क़तर जैसा हाल पाकिस्तान का भी हो सकता है

मीडिया के अनुसार पाकिस्तान भारत में आतंकवादी हमले करवाता ही रहता है यही नहीं कई आतंकवादी संगठन भी पाकिस्तान में पनाह लिए हुए हैं ऐसा ख़बरों में अक्सर आता रहता है. इसी तरह अरब देशों के गठबंधन में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और मिस्र ने अपने ही पडोसी देश “क़तर” को आतंकवादी देश घोषित करके सारे सम्बन्ध तोड़ने शुरू कर दिए हैं. क़तर पर आरोप है कि वे आतंकी संगठनों और चरमपंथियों को समर्थन देता है. सऊदी अरब ने ये कहा है कि जो भी देश आतंकवाद के मसले पर अपने रुख और बर्ताव में बदलाव नहीं करेगा, उसे इसी तरह से दुनिया से अलग-थलग कर दिया जायेगा.

इस एक चेतावनी को पाकिस्तान जैसे आतंकी समर्थन देशो को बहुत ही सीरियस तरीके से लेना चाहिए. क़तर में श्रमिकों के शोषण के अलावा हमास जैसे आतंवादी संगठन को समर्थन देने के आरोप हैं जो दुनिया भर में खून खराबा और मारकाट मचाने पर तुले हुए हैं. यही नहीं उसने अफगान तालिबान को साल 2013 में अपने यहां दफ्तर खोलने की अनुमति भी दी थी.

क्या होता है जब एक देश को आतंकवादी देश घोषित कर अलग थलग कर दिया जाता है?

हालाँकि भारत भी पाकिस्तान को एक आतंकवादी देश घोषित करके उसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अलग थलग करने कि कोशिश कर रहा है. फिलहाल क़तर देश को सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और मिस्र जैसे देश अलग थलग करके सभी तरह के सम्बन्ध ख़त्म करने जा रहे हैं. इन चारों देशों ने आदेश दिए हैं कि अब उनका कतर के साथ ना तो कोई डिप्‍लोमैटिक रिश्‍ता होगा और ना ही जमीन, समुद्र या फिर हवाई रिश्‍ते होंगे.इसका मतलब ये मुस्लिम देश अब खाड़ी में अलग-थलग पड़ जायेगा.

इस खबर के बाद से पाकिस्‍तान और उनकी मिडिया बहुत परेशान है.वहीँ बहरीन देश का कहना है कि उसने कतर की राजधानी दोहा से 48 घंटे के अंदर अपने सभी राजनयिकों को वापस बुला लिया है. यही नहीं क़तर के भी सभी राजनयिकों को सिर्फ दो दिन में बहरीन देश छोड़ने का हुक्‍म सुना दिया गया है.इन चारों ही देशों ने कतर की मीडिया और वहां की न्‍यूज वेबसाइट्स को पर भी बैन लगा दिया है.

जो भी देश आतंकवाद का समर्थन करेगा उसका क़तर देश जैसा ही हाल कर दिया जायेगा

साथ ही सऊदी ने सभी मित्र राष्ट्रों और कंपनियों से भी अपील करी है कि वे भी कतर के साथ सभी तरह के संपर्क तोड़ दें. मिस्‍त्र ने भी साफ कर दिया है कि वो आतंकवादी समर्थन क़तर देश के साथ व्‍यापार नहीं करेगा. उसके लिए मिस्‍त्र के बंदरगाह भी बंद हो गए हैं.  पाकिस्‍तान भी आतंकी संगठनों को संरक्षण देता है और उसका इस्‍तेमाल दूसरे देशों के खिलाफ करता है. इसीलिए सऊदी अरब के इन देशों ने कहा है कि हमारी ये कार्रवाई उन देशों के लिए सबक है जो आतंकवादियों का समर्थन करते हैं और आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, जो भी देश आतंकवाद के मुद्दे पर अपने रुख और रवैऐ में बदलाव नहीें करेगा उसे इसी तरह से दुनिया से अलग-थलग कर दिया जायेगा.

ऐसे में सवाल ये भी खड़ा हो गया है कि जो आज क़तर देश के साथ अलग थलग किया जा रहा है क्या वो कल को पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान जैसे देशो के साथ भी हो सकता है?

इस न्यूज़ को अपने मित्रों के साथ शेयर करना न भूलें। आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए हैं।
हिंदी न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें


फेसबुक पेज लाइक करें

loading...

Comments