Home > ख़बरें > ब्रेकिंग – भारतीय नौ सेना ने कर दिखाया कमाल, इस एक झटके से चीन पाकिस्तान में मचा दी खलबली

ब्रेकिंग – भारतीय नौ सेना ने कर दिखाया कमाल, इस एक झटके से चीन पाकिस्तान में मचा दी खलबली

नई दिल्ली : रक्षामंत्री बनते ही निर्मला सीताराम अपने पूरे एक्शन में हैं. वे रोज़ तीनो रक्षा क्षेत्रों के प्रमुखों के साथ ज़रूरी बैठक कर रही हैं. साथ ही उन्होंने पूरा ज़ोर देते हुए कह दिया है कि अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी. जिसके साथ उन्होंने भारतीय नौ सेना को वो तोहफा दिया जिससे अब भारत समुद्र के क्षेत्र में भी सबसे ताक़तवर बनेगा.


भारतीय नौ सेना बनी समुन्द्र का शहंशाह

अभी-अभी न्यूज़ एजेंसियों से आ रही ख़बरों के मुताबिक रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने सख्त हिदायत देते हुए कहा है कि रक्षा सौदों में किसी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसके साथ रक्षामंत्री ने भारतीय नौ सेना को उसकी पहली स्कॉर्पियन क्लास की सबमरीन “कलवेरी” दी. इसका ऐसा नाम एक गहरे पानी की टाइगर शार्क के नाम पर रखा गया है.

आपको बता दें अड़ियल चीन कुछ वक़्त पहले ही लगातार भारतीय उपमहाद्वीप में अपनी विशाल सबमरीन लेकर घुसपैठ करता रहा है. जिसके जवाब में अब भारतीत नौसेना भी दिन पर दिन मज़बूत हो रही है. भारतीय नौ सेना को यह खतरनाक कलवरी सबमरीन इसी महीने के अंत में मिल जाएगी. तो वहीँ इससे भी आधुनिक दूसरी सबमरीन (खंडेरी) अगले साल तक भारत को मिलेगी.


कांग्रेस के वक़्त में गवानी पड़ी थी नौ सैनिकों को अपनी जान

इससे पिछली सरकारों में रक्षा मंत्रालय कांग्रेस के ऐ के अंटोनी के पास था. जिसमें सभी सबमरीन पर सवाल उठाये गए थे. कभी तेल लीकेज तो कभी गैस से घुटन में भारतीय नौसैनिकों की मौत की खबरें आना आजम बात सी हो गयी थी. यही नहीं कमिशन खोरी के चलते रक्षा सौदों को तय वक़्त तक भारतीय नौ सेना को नहीं दिए जाते थे.

कांग्रेस की लेटलतीफी के कारण हुई देर

आज भारत इतना सक्षम है की पीएम मोदी की योजना मेक इन इंडिया के तहत अब भारत में ही आधुनिक तकनीक से लैस सबमरीन का निर्माण हो रहा है. आपको जानकार हैरानी होगी इस वक़्त भारत फ्रेंच तकनीक से लगभग 6 स्कॉर्पियन क्लास की सबमरीन बना रहा है. इस प्रोजेक्ट का नाम “प्रोजेक्ट 75 ” रखा गया है.वैसे तो ये प्रोजेक्ट 2005 में शुरू हुआ था लेकिन पिछले 7 साल में जाकर के 2012 भारत को पहली सबमरीन मिली थी. ये लेटलतीफ़ी कांग्रेस सर्कार की दें थी. लेकिन अब अगले सिर्फ 18 सालों में यानी 2030 तक भारत के पास करीब 24 सबमरीन होंगी.

ऐसे संगीन मौका जहाँ चीन आये दिन हिन्द महासागर में अपनी सबमरीन लेकर गश्त लगा रहा हैं. वहां हमारी बहरतीय नौसेना बेवकूफों की सर्कार के कारण आज उतनी ताक़तवर सबमरीन नहीं उतार पा रहा है. लेकिन अब कल्वेरी और खंडेरी जैसी घातक और अत्याधुनिक सबमरीन मिलने के बाद भारतीय नौसेना वापस समनुदेर की ताक़त बन सकेगा.


इस न्यूज़ को अपने मित्रों के साथ शेयर करना न भूलें। आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए हैं।

सब्सक्राइब करें हमारा यू-ट्यूब चैनल


हिंदी न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें


फेसबुक पेज लाइक करें

loading...

Comments