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भारत-रूस के बीच हुआ ऐसा जबरदस्त सैन्य सौदा, जिसने पाकिस्तान समेत चीनी सेना की उड़ा दी नींद

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नई दिल्ली : पीएम मोदी के सत्ता में आने के बाद से भारतीय सेना की मजबूती के लिए कई अहम् कदम उठाये गए हैं. कांग्रेस द्वारा रोके गए कई प्रोजेक्ट्स पर तेज गति से काम करने के अलावा कई अन्य विदेशी सैन्य सौदों के जरिये भारतीय सेना के हाथ और ज्यादा मजबूत करने की कोशिशें जारी हैं. मोदी की इस मुहिम के चलते अब डिफेंस सेक्टर में मेैन्युफैक्चरिंग को बड़ा बूस्ट मिला है. ये बड़ी खबर सीधे रूस से आयी है.


रूस की कंपनी रोसटेक भारत में सैन्य हेलिकॉप्टर बनाएगी. इसके तहत हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ ज्वाइंट वेंचर में कामोव KA 226 T हेलीकॉप्टरों का निर्माण किया जाएगा. पीएम मोदी की रूस यात्रा के दौरान एचएएल और रोसटेक के बीच ये समझौता हुआ था. इसे लेकर कॉन्ट्रैक्ट साइन करने का फैसला हो गया है.

रोसटेक द्वारा जारी की गई सूचना के मुताबिक़ भारत में लगाए जा रहे मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में 200 हेलिकॉप्टर का उत्पादन किया जाएगा. समझौते के तहत रोसटेक हेलिकॉप्‍टर के मेंटनेंस, ऑपरेशन और टेक्निकल सपोर्ट जैसी सेवाएं भी देगी.

क्या है KA 226 T की खासियत

सबसे ख़ास बात तो ये हैं कि इस बेहद आधुनिक सैन्य हेलीकॉप्टर का वजन काफी काम होता है और इसे कई तरह के कामों के लिए इस्तमाल किया जा सकता है. कामोव कंपनी द्वारा बनाये जाने वाले ये हेलिकॉप्‍टर आधुनिक नेविगेशन उपकरण से लैस होते हैं. यही कारण है कि इनका इस्‍तेमाल शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी आसानी से किया जा सकता है.


एक अन्य ख़ास बात, जो इन्हे काफी महत्वपूर्ण बनाती है, वो है हेलिकॉप्‍टर का पिछला हिस्‍सा और आकार छोटा होने से इसे छोटे हवाई अड्डों पर भी लैंड या टेक ऑफ की अनुमति मिल जाती है. ये हेलिकॉप्‍टर बहुत ही कम ध्‍वनि प्रदूषण करता है और नवीनतम आधुनिक पर्यावरण आवश्‍यकताओं को पूरा करता है. इस हेलिकॉप्‍टर में रीप्‍लेकेबल ट्रांसपोर्ट मॉड्यूल लगा हुआ है जिससे कम समय में यह अपनी कार्यक्षमता बदलने में सक्षम है.

रूस देख रहा है बड़ा मौका

रूसी हेलिकॉप्टर होल्डिंग कंपनी के सीईओ एलेक्‍जेंडर मिखायेव ने कहा कि यह ज्‍वाइंट वेंचर रूस और भारत के बीच लंबे समय का पैक्‍ट है. भारत में Ka-226T हेलिकॉप्‍टर का प्रोडक्‍शन से दोनों देशों के बीच व्‍यापार का माहौल और बेहतर होगा. इस महत्‍वाकांक्षी प्रोजेक्‍ट से हम दक्षिण एशियाई मार्केट में रूसी हेलिकॉप्‍टर की डिमांड बढ़ा सकेंगे. रोसटेक स्‍टेट कॉरपोरेशन के सीईओ सर्गेई कीमेजॉव ने कहा कि यह समझौता इंडियन पार्टनर्स के साथ हमारे लंबे कार्यों का नतीजा है.

उन्‍होंने कहा कि यह पहला रूस-इंडिया हाई-टेक प्रोजेक्‍ट है, जिसका क्रियान्‍वयन ‘मेक इन इंडिया’ प्रोग्राम के फ्रेमवर्क के तहत भारत सरकार द्वारा किया जा रहा है. रूस-इंडिया ज्‍वाइंट वेंचर में रूस की तरफ से इसमें होल्डिंग्‍स ऑफ रोसटेक-जेएससी ‘रोसोबोरॉनएक्‍सपोर्ट’ और ‘रशियन हेलिकॉप्‍टर्स’ और भारत की तरफ से ‘एचएएल’ (हिन्‍दुस्‍तान एयरोनॉटिक्‍स लिमिटेड) शामिल हैं. इनके भारतीय सेना के बड़े में शामिल होने से सेना की ताकत काफी बढ़ जायेगी.


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