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ब्रेकिंग – रूस से आयी भारत के लिए ऐसी खुशखबरी जिसने पूरी दुनिया में मचा दी खलबली

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नई दिल्ली : वैसे तो भारत का डंका आजकल पूरी दुनिया में बज रहा है. दुनियाभर के देश भारत के साथ अच्छे रिश्ते रखना चाहते हैं, भारत के साथ व्यापार करना चाहते हैं. भारत तेजी से कामयाबी के ऊंचे-ऊंचे शिखर छूता जा रहा है. तकनीकी के मामले में भी भारत इतनी तेज गति से आगे बढ़ रहा है कि दुनिया के कई देश भारत की तकनीकी को खरीदने के लिए उत्सुक हैं. इसी सिलसिले में अब रूस से एक बेहद अहम् खबर आ रही है.

भारतीय EVM मशीन से होगा रूस में राष्ट्रपति चुनाव !

रूस को भारत में चुनावों के दौरान वोटिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली EVM मशीन भा गई है. सूत्रों के मुताबिक़ रूस ने भी अपने यहां 2018 में राष्ट्रपति चुनाव के लिए इनका इस्तेमाल करने का फैसला किया है. रूसी दूतावास के एक अधिकारी ने बताया कि हाल ही में भारत की चुनावी प्रक्रिया को समझने के लिए रूस से एक प्रतिनिधि मंडल भारत आया था, ये प्रतिनिधि मंडल भारतीय वोटिंग सिस्टम से इस कदर प्रभावित हो गए कि अब उन्होंने भी अपने यहां भारत की EVM मशीनों का इस्तेमाल करने का फैसला किया है.

अधिकारी के मुताबिक़ रूस से आये प्रतिनिधि मंडल ने भारत आने के बाद उत्तराखंड में हुए विधानसभा चुनाव देखे थे. चुनाव की पूरी प्रक्रिया और चुनाव में लोगों की भागीदारी को देख कर वो बेहद प्रभावित हुए थे. इसके साथ ही उन्होंने ये भी पाया कि इन EVM मशीनों को इस्तेमाल करने से वोटों की गिनती के दौरान होने वाली मानवीय भूल से भी बचा जा सकता है.

रक्षा के क्षेत्र में भारत को कई महत्वपूर्ण तकनीकें देने वाला रूस भारत के वोटिंग सिस्टम से प्रभावित होकर अब भारत की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन बनाने के लिए भारत की सहायता मांग रहा है. जल्द ही भारत और रूस मिलकर इन इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का निर्माण करेंगे जिनका इस्तेमाल रूस में चुनावों में किया जाएगा.

भारत से ब्रह्मोस-3 मिसाइल भी खरीदेगा रूस

आपको बता दें कि अभी हाल ही में खबर आयी थी कि रूस पीएम मोदी के “मेक इन इंडिया” के तहत बनी भारत की ब्रह्मोस-3 मिसाइलों से भी इतना प्रभावित है कि उसने भारत से ब्रह्मोस-3 मिसाइलें खरीदने के लिए भारत को आर्डर भी दे दिया है और भारतीय वैज्ञानिक रूस को ब्रह्मोस मिसाइल सप्लाई करने की तैयारी भी कर चुके हैं.

यानी पहले भारत दूसरे देशों से तकनीक खरीदा करता था वहीँ अब दूसरे देश भी भारत की तकनीक के दीवाने हो रहे हैं और भारत की तकनीक अपने देश में लाना चाहते हैं. रूस के साथ इन सौदों से ना केवल भारत को आर्थिक लाभ होगा बल्कि भारत-रूस के सम्बन्ध भी और ज्यादा मजबूत होंगे.

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