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इफ्तार पार्टी में मुसलमानों ने बीफ को लेकर किया कुछ ऐसा, जिसे देख दंग रह गया पूरा देश

नई दिल्ली : आज कल आये दिन गाय को राजनितिक पार्टियों ने मुद्दा बना रक्खा है. जहाँ एक तरफ केरल में युथ कांग्रेस ने बीच सड़क में बछड़े को काट कर बीफ पार्टी करी. वहीँ अलग राज्यों के न्यायालयों ने बयान दिया कि गाय को राष्ट्रिय पशु जल्द से जल्द घोषित करे सरकार. इसी बीच अब जो खबर आ रही है वह बेहद चौकाने वाली है, भारत के इतिहास में इससे पहले कभी नहीं हुआ था.

राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ ने इफ्तार पार्टी का किया आयोजन

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की मुस्लिम विंग ने बुधवार को अयोध्या में बड़ी इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया. इस इफ्तार पार्टी में बड़ी संख्या में मुस्लमान और अन्य समुदाय के लोग भी शामिल हुए थे. मुसलमानों ने कुछ ऐसा किया जिसको जानकर आप भी चौक जाएंगे. ये इफ्तार पार्टी कई मामलों में सबसे अलग थी, लेकिन इस इफ्तार पार्टी में मुसलमानों ने जो किया वो आपको भी सोचने पर मजबूर कर देगा की सच में ऐसा भी कुछ हो सकता है क्या? इस मौके पर वरिष्ठ आरएसएस नेता और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के अध्यक्ष इंद्रेश कुमार भी मौजूद रहे.

रोज़ा खोलने के लिए गाय का दूध और खजूर खाये गए

अयोध्या में आरएसएस द्वारा रखी गई ये पहली इफ्तार पार्टी थी, सबसे ख़ास बात जो रही वो ये कि पार्टी में मौजूद सभी लोगों ने रोजा खोलने के लिए खजूर खाए और गाय का दूध पिया. इंद्रेश कुमार ने अपने हाथों से रोजेदारों को खजूर खिलाए. कार्यक्रम में पुरुषों के साथ ही काफी संख्या में महिलाओं ने भी शिरकत की. इंद्रेश कुमार ने बताया मुसलमानों ने इफ्तार पर एक शपथ भी ली कि वे बीफ नहीं खायेंगे क्योंकि यह बीमारी का कारण बनता है और दूध पिएंगे क्यूंकि ये अमृत के सामान है.

किसी भी धर्म में गाय को मारने की इजाज़त नहीं है

RSS की इस इफ्तार पार्टी में अन्य इफ़्तार पार्टियों की तरह कबाब, पकौड़े, और मटन, चिकन कोरमा नहीं था, बल्कि इस पार्टी में रोजेदार ने एक ग्लास दूध पीकर रोजा तोडा. इस अनोखी इफ़्तार पार्टी का उद्देश्य गाय को बचाने का संदेश देने के साथ ही गोमांस के सेवन से होने वाली बीमारियों के बारे में लोगों को जागरूक करना था. इंद्रेश कुमार ने आगे कहा कि सभा ने भी गायों को बचाए रखने के लाभों को मान लिया है. उन्होंने यह भी दावा किया कि इस्लाम सहित किसी भी धर्म में गाय वध करने की इजाज़त नहीं है.

वहीँ ऐसा ही वाक्या शिमला की जामा मस्जिद में आयोजित इफ्तार पार्टी में भी देखने को मिला. राष्ट्रीय मुस्लिम मंच ने रमजान के महीने में मस्जिद में गाय के दूध से बानी खीर खा कर रोजा इफ्तार कराया और यह संदेश देने का प्रयास किया कि गाय को मुस्लिम समुदाय भी सम्मान की नजर से ही देखते हैं.

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