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रवीश कुमार के बलात्कारी भाई पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया ऐसा फैसला, जिसे देख सन्न रह जाएंगे आप !

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नई दिल्ली : गुरमीत राम रहीम के मामले में गला फाड़ कर चिल्लाने वाली मीडिया, वो कब सोता है, क्यों सोता है, क्या खाता है, क्या करता था, उसके डेरे में क्या था, एक-एक छोटी-छोटी बात की बाल की खाल करने वाले मीडिया के लिए अब एक राहत वाली खबर है. हुआ वही जिसके बारे में हमने कुछ दिनों पहले आपको बताया था. पत्रकार रवीश कुमार के बड़े भाई और कोंग्रेसी नेता ब्रजेश कुमार पांडेय को नाबालिग दलित लड़की से बलात्कार के मामले में राहत मिल गई है.


बलात्कारी से हुई बलात्कार पीड़िता की शादी !

ब्रजेश को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है. वो पिछले 6 महीने से फरार चल रहा था और निचली अदालतों की बार-बार की चेतावनी के बावजूद सरेंडर नहीं कर रहा था. आखिरकार मीडिया की ताकत और महंगे वकीलों की फौज लगाकर जेल जाने से बचने का इंतजाम कर ही लिया. राजनीतिक ताकत और बिहार पुलिस के निकम्मेपन के चलते उसपर से अब इस केस में कानून का शिकंजा लगातार ढीला होता जा रहा है, क्योंकि माननीय कोर्ट ने बलात्कार की शिकार हुई दलित लड़की की शादी बलात्कार के मुख्य आरोपी निखिल प्रियदर्शी से ही करवा दी है.

पैसे और सत्ता की ताकत का नमूना !

पीड़ित लड़की पर लगातार दबाव बनाया जाता रहा और रेयान स्कूल की ख़बरों से अखबारों को भरने वाली देश की मीडिया के कान पर जूं तक नहीं रेंगी. दलितों के रक्षकों की नजरें उस ओर गयीं ही नहीं. मीडिया के एक कैमरे की नजर वहां नहीं पड़ीं. आम तौर पर बलात्कार के मामलों में हंगामा मचाने वाली मीडिया में पूरी तरह सन्नाटा रहा. क्यों? क्योंकि आरोपी ब्रजेश पांडेय पत्रकार रवीश कुमार का भाई है?

ब्रजेश कुमार पांडेय खुद भी बिहार कांग्रेस का उपाध्यक्ष रहा है, लेकिन उसका इससे बड़ा परिचय यह है कि वो पत्रकार रवीश कुमार का भाई है. आरोपों के मुताबिक रवीश कुमार से निजी संबंधों के कारण ज्यादातर मीडिया हाउस ने यह खबर दबा दी. 6 महीनों तक ब्रजेश फरार रहा. बीच-बीच में ख़बरें आयीं कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वो दिल्ली-एनसीआर में ही कहीं छिपा बैठा है. कयास लगाए गए कि उसे छिपाने में दिल्ली में उसके रसूखदार रिश्तेदारों ने अपनी सारी ताकत झोंक दी.

पीड़िता की मानें तो ब्रजेश पांडेय मुख्य आरोपी निखिल प्रियदर्शी के साथ मिलकर है प्रोफ़ाइल सेक्स रैकेट चलाता है और ये दोनों उसे पटना के हाई प्रोफाइल लोगों के पास भेजा करते थे. पीड़िता ने बताया कि ब्रजेश पांडेय ने भी उसका बलात्कार किया था.

हाई प्रोफ़ाइल लोगों से जुड़े हैं तार !

अब आप मामले की गहराई को समझिये. मुख्य आरोपी निखिल प्रियदर्शी एक रिटायर्ड आईएएस अफसर का बेटा है, लिहाजा पुलिसवालों पर कार्रवाई ना करने का पूरा दबाव बनाया गया. ऊपर से हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का मामला सो अलग, खुल जाए तो कई सफेदपोशों के काले चेहरे सामने आ जाते. लिहाजा पुलिस ने लीपा-पोती शुरू कर दी.

कोर्ट में उसके वकीलों ने दलील दी कि ये आपसी रजामंदी का मामला है और बलात्कार का आरोपी पीड़ित लड़की से शादी करने के लिए तैयार है. लड़की पर तरह-तरह के दबाव बनायी गए, मीडिया या महिलावादी संगठनों ने उसकी मदद के लिए चूं तक नहीं किया. ऐसे में लड़की दबाव के आगे टूट गयी और शादी के लिए सहमति दे दी. पटना हाइकोर्ट ने फ़टाफ़ट मुख्य आरोपी को शादी के लिए 3 महीने की जमानत दे दी.

पिछले दिनों बलात्कार करने वाले निखिल प्रियदर्शी ने सुरभि नाम की इस पीड़ित लड़की के साथ शादी कर भी ली और अपनी तस्वीरें फेसबुक पर शेयर कर दी. इनमें लड़की के माथे पर सिंदूर देखा जा सकता है. पीड़ित की शादी होते ही केस के रफा-दफा होने के आसार बढ़ गए हैं और पूरी-पूरी गुंजाइश है कि रवीश के भाई को सेक्स रैकेट चलाने वाले और बलात्कार के मामले से भी रिहाई मिल जायेगी.

बलात्कार की सजा शादी होती है क्या ?

सवाल ये है कि क्या बलात्कार की सजा शादी होती है क्या? ये कौन सा फैसला है भाई? क्या सभी बलात्कार करने वालों को बलात्कार पीड़िताओं से इसी तरह शादी कर लेनी चाहिए? बाबा रहीम भी साध्वियों से शादी कर ले तो उसे भी छोड़ देगी क्या माननीय अदालत? इस केस से जुड़े एक पक्ष ने फोन पर बातचीत में कहा कि ये शादी बिल्कुल वैसी ही है, जैसे पिछड़े गांवों में पंचायतों में अक्सर बलात्कार पीड़ित की शादी उसी के बलात्कारी से करवा देते हैं. सामाजिक लोकलाज और मजबूरी में पीड़िता को ऐसी शादी के लिए हां भी करनी पड़ जाती है.


समाज में क्या सन्देश जा रहा है इस फैसले से? यदि रसूख वाले हो तो जमकर बलात्कार करो और फिर ताकत के बल पर पीड़िता को शादी के लिए मना लो? रसूखदार हो तो मीडिया तुम्हारी तरफ देखेगी भी नहीं और पैसेवाले हो तो बड़े-बड़े वकील रख सकते हो, क़ानून और सबूतों के साथ कबड्डी खेलना ही जिनकी खूबी होती है ?

खैर कोई कुछ नहीं करेगा, मीडिया इस खबर को चलाएगा नहीं और आप भी शायद इसे शेयर करना पसंद नहीं करेंगे. इस खबर पर कोई हो-हल्ला नहीं होगा, कोई नेता भी कुछ नहीं कहेगा और खुद को देशभक्त कहने वाले ज़ी न्यूज़ व् कई अन्य मीडिया ग्रुप भी कुछ नहीं बोलेंगे शायद? पत्रकारिता में शायद भाई-भाई वाली सीटिंग चलती है.

नीचे वो तस्वीरें हैं जो निखिल प्रियदर्शी ने पीड़ित लड़की से शादी के बाद फेसबुक पर शेयर की हैं.

🎉💝Happily married 💝🎉

Posted by Nikhil Priyadarshi on Thursday, August 31, 2017

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