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भारत-पाक युद्ध से जुडी सनसनीखेज खबर का हुआ खुलासा, मुशर्रफ के साथ नवाज की हालत हुई खराब

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नई दिल्ली : आये दिन बॉर्डर पर सीजफायर का उलंघन करके गोलीबारी करने वाले पाकिस्तान को भारतीय सेना की ओर से मुहतोड़ जवाब मिलता ही रहता है. पाकिस्तान के बनने के बाद से अब तक जितनी भी बार पाकिस्तान ने भारत पर हमला किया है या घुसपैठ की कोशिश की है, हर बार उसे मुँह की खानी पड़ी है. 1999 में कारगिल युद्ध से जुडी अब एक ऐसी हैरान करने वाली खबर सामने आयी है, जिसे देख पाकिस्तान के रौंगटे खड़े हो गए हैं.

कारगिल युद्ध की सबसे सनसनीखेज घटना

दरअसल पाकिस्तान ने भारत के कारगिल पर कब्जा करने की नापाक कोशिश की थी. भारतीय सेना ने 8 मई 1999 को पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध की शुरुआत तब करी, जब पाकिस्तानी सैनिकों और कश्मीरी आतंकियों को कारगिल की चोटी पर देखा गया. कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना ने हर मोर्चे पर पाकिस्तान को बुरी तरह पीटा और खूब तबाही मचाई. लेकिन इस युद्ध के दौरान की एक ऐसी घटना सामने आई है, जो यदि सच हो जाती तो आज पाकिस्तान की हालत कुछ और ही होती.

इंडियन एक्सप्रेस ने खुलासा किया है कि 24 जून 1999 को करीब सुबह 8.45 बजे जब युद्ध अपने चरम पर था, उस वक़्त भारतीय वायुसेना के एक जगुआर लड़ाकू विमान ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के ऊपर उड़ान भरी और पाकिस्तानी सेना के एक अग्रिम ठिकाने को उड़ाने के लिए निशाना साधा. इस जगुआर का काम था “लेजर गाइडेड सिस्टम ” से बमबारी करने लिए लक्ष्य को चिह्नित करना और उसके पीछे से एक और जगुआर को इस चिन्हित लक्ष्य पर बमबारी करनी थी.


यदि सही लगता निशाना, तो मारे जाते मुशर्रफ और नवाज शरीफ

पहले जगुआर ने सटीक लक्ष्य को चिन्हित किया, लेकिन एक छोटी सी गलती से दूसरा जगुआर निशाना चूक गया और बम उस लक्ष्य से कुछ दूर जा गिरा, जिससे पाकिस्तानी ठिकाना तबाह होने से बाल-बाल बच गया. खबर के मुताबिक़ उस पाकिस्तानी ठिकाने में उस वक़्त पाकिस्तान के पूर्व जनरल परवेज मुशर्रफ और मौजूदा पीएम नवाज शरीफ मौजूद थे और यदि दुसरे जगुआर का बम सही निशाने पर गिरता तो मुशर्रफ के साथ-साथ पीएम नवाज शरीफ के उसी वक़्त चीथड़े उड़ जाते.

खबर के मुताबिक भारत सरकार के दस्तावेज में कहा गया है कि, “24 जून को जगुआर ACALDS ने प्वाइंट 4388 पर निशाना साधा था, इसमें पायलट ने एलओसी के पार गुलटेरी को लेजर बॉस्केट में चिह्नित किया था, लेकिन बम सही निशाने से थोड़ा चूक गया. बाद में इस बात की पुष्टि हुई कि हमले के वक़्त पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ और मुशर्रफ गुलटेरी ठिकाने पर ही मौजूद थे.” हालांकि बम गिराने से पहले सेना को इस बारे में नहीं पता था.

गौरतलब है कि कारगिल युद्ध के दौरान गुलटेरी सैन्य ठिकाना पाकिस्तानी सेना को सैन्य साजो-सामान पहुंचाने वाला अग्रिम ठिकाना था. गुलटेरी पीओके में एलओसी से 9 किलोमीटर अंदर है और भारत के द्रास सेक्टर के दूसरी ओर स्थित है. बहरहाल इस खबर के बाहर आने से पाकिस्तानी सेना के साथ-साथ नवाज शरीफ के मन में भी खौफ की लहर दौड़ गयी है, यदि उस दिन बम सही निशाने पर लग जाता तो ?


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