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अमेरिका-पाकिस्तान के बीच शुरू हुआ घमासान, पाकिस्तान ने उठाया ऐसा कदम, गुस्से से तमतमाया अमेरिका

नई दिल्ली : अमेरिका और पाकिस्तान के बीच आर-पार की ठन गयी है. अमेरिका काफी वक़्त से पाकिस्तान को चेतावनी दे रहा था कि वो आतंकियों को संरक्षण देना बंद करे, मगर पाकिस्तान बाज नहीं आ रहा. हाल ही में अमेरिका ने पाकिस्तान की आर्थिक व् सैन्य सहायता तक पर रोक लगा दी, जिसके बाद हालात और भी ज्यादा बिगड़ गए हैं. अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि यदि पाकिस्तान शराफत से नहीं मानते तो अमेरिकी सेना खुद पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों का सफाया करेगी. अब पाकिस्तान ने अमेरिका की धमकी का करारा जवाब देते हुए आर-पार की छेड़ने का फैसला कर लिया है.


पाकिस्तान ने ख़त्म किया सैन्य व् खुफिया सहयोग

पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ सैन्य और खुफिया सहयोग बंद कर दिया है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री खुर्रम दस्तगीर खान ने इस्लामाबाद में इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रैटजिक स्टडीज के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इस बात की जानकारी दी है.

पाकिस्तान ने साफ़ कर दिया है कि चाहे जो हो लेकिन वो आतंकियों को सहयोग देना बंद नहीं करेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान पर आरोप लगाए थे कि पाकिस्तान को सुरक्षा सहायता राशि के तौर पर भारी मदद के बावजूद अमेरिका को धोखे और झूठ के सिवा कुछ नहीं मिला है.

आतंकियों को पालता है पाकिस्तान

दरअसल अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना पर हमला करने वाले आतंकी पाकिस्तान में जाकर छिप जाते हैं. अमेरिका के पास पुख्ता जानकारी है कि इन आतंकियों को पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई का संरक्षण प्राप्त है. यही कारण है कि इतने वर्षों बाद भी अमेरिका अफगानिस्तान में आतंक के खिलाफ लड़ाई ख़त्म नहीं कर पाया है.


वहीँ पाकिस्तान का कहना है कि अमेरिका की अफगानिस्तान में हार होने जा रही है और अमेरिका अफगानिस्तान में अपनी हार के लिए पाकिस्तान को बलि का बकरा बना रहा है. खुर्रम खान ने कहा, ‘पाकिस्तान इस बात की इजाजत नहीं देगा कि अफगानिस्तान की लड़ाई पाकिस्तान की जमीन पर लड़ी जाए.’

भारत का दर्द अब समझ रहा अमेरिका

यानि स्पष्ट है कि पाकिस्तान आतंकियों के खिलाफ कोई एक्शन लेना ही नहीं चाहता. पीएम मोदी तो काफी पहले से अमेरिका को बताते आ रहे हैं कि पाकिस्तान ही आतंकियों को पालता है. ओसामा को भी उसी ने पाकिस्तान में पनाह दी थी और अफगानिस्तान में आतंक फैलाने वाले हक्कानी नेटवर्क को भी संरक्षण देता है. भारत पर हमले भी करवाता है.

बहरहाल अब साफ़ होता जा रहा है कि यदि पाकिस्तान अफगानिस्तान में अमेरिका की सैन्य सप्लाई रोकने की कोशिश करेगा तो अफगानिस्तान की लड़ाई की आग जल्द ही पाकिस्तान तक पहुंचने वाली है. जिस तरह के तेवर पाकिस्तान दिखा रहा है, उससे स्पष्ट है कि जल्द ही अमेरिकी सेना पाकिस्तान में उसी तरह से घुसेगी, जिस तरह से अफगानिस्तान में घुसकर आतंकियों का सफाया किया था.

वहीँ भारत ने भी साफ़ कर दिया है कि आतंक के खिलाफ लड़ाई में भारत, अमेरिका का साथ जरूर देगा. इससे भारत का भी फायदा होगा, क्योंकि भारत पर हमले करने के मंसूबे रखने वाले आतंकियों का सफाया आसान हो जाएगा.


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