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मोदी और ट्रंप ने लिया पाक के खिलाफ फैसला, घबराये पाकिस्तान ने उठाया अविश्वसनीय कदम !

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नई दिल्ली : ब्रिक्स में जिस तरह से पीएम मोदी ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को नंगा किया था, अब उसी जोश में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी आ गए हैं. ट्रंप एक बार फिर पाकिस्तान पर टूट पड़े हैं और आतंकवाद के लिए पाकिस्तान को अंतिम चेतावनी दी है. उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवादियों का स्वर्ग बताते हुए कहा कि हवाई बातें नहीं बल्कि पाकिस्तान को अब आतंकियों के खिलाफ जमीनी कार्यवाही करनी होगी वरना अंजाम भुगतना होगा. पाकिस्तान ने पीएम मोदी और अमेरिका के दबाव में एक बड़ा फैसला लिया है.

अमेरिका की आखिरी चेतावनी- कार्यवाही के लिए तैयार रहे पाक !

बता दें कि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्र्ंप ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को सार्वजनिक तौर पर फटकार लगाई थी, जिससे पाकिस्तान में नाराजगी है. वहीँ ब्रिक्स के घोषणा पत्र को भी उसने ये कहते हुए खारिज कर दिया था कि वो आतंकवाद को समर्थन नहीं देता.

हालांकि पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के संयुक्त प्रयासों से पाकिस्तान की हालत कुछ ढीली हुई है और पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने मान लिया है कि उनकी जमीन पर आतंकी संगठन चल रहे हैं. उन्होंने पाक सरकार को चेतावनी दी है कि अगर लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठनों पर लगाम नहीं लगाई गई तो देश शर्मिंदगी का सामना करता रहेगा.

पाक को कहीं नहीं मिल रही शरण !

दरसल पीएम मोदी ने जिस तरह से चीन जाकर ब्रिक्स में पाकिस्तान को बेनकाब किया है, उसी का असर पाकिस्तान पर साफ़ नजर आ रहा है. इतिहास में पहली बार पाकिस्तान ने कबूल किया है कि उसकी जमीन से आतंकी संगठन चल रहे हैं और वो उनके खिलाफ कार्यवाही करेगा.

आसिफ ने पाकिस्तान से संचालित लश्कर-ए-तैयबा और जेईएम समेत अन्य प्रतिबंधित अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों के अस्तित्व को स्वीकार किया. आसिफ ने कल पाक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा, हमें अपने मित्रों से कहने की आवश्यकता है कि हमने अपना बर्ताव सुधार लिया है. हमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी का सामना करने से बचने के लिये अपने तौरतरीके में सुधार करना है.


आसिफ का बयान चीनी नेतृत्व से मिलने के लिए अपनी बीजिंग यात्रा से कुछ दिन पहले आया है. आसिफ के अनुसार ब्रिक्स घोषणापत्र को चीन का आधिकारिक रुख नहीं समझा जाना चाहिये, क्योंकि रूस, भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका भी समूह का हिस्सा हैं.

हालांकि आसिफ ने कहा, मित्रों की हमेशा परीक्षा नहीं ली जानी चाहिये, खासतौर पर बदले हुए परिदृश्य में. इसकी बजाय हमें लश्कर और जैश जैसे तत्वों की गतिविधियों पर कुछ पाबंदी लगानी चाहिये ताकि हम विश्व समुदाय को दिखा सकें कि हमने अपने बर्ताव में सुधार किया है.

अंतर्राष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है, चीन भी कुछ ख़ास नहीं कर पा रहा है. भारत की लगातार बढ़ती ताकत और अमेरिका व् रूस के साथ बेहतर होते रिश्ते अपना कमाल दिखा रहे हैं.


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