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आखिरकार आ ही गए घोटालों के सरदार सीबीआई के शिकंजे में, थर-थर कांपे राहुल, सोनिया !

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नई दिल्ली : कांग्रेस सरकार के वक़्त हुए कई घोटालों में से एक, कॉमनवेल्‍थ खेल घोटाले का जिन्न एक बार फिर से बहार आने वाला है. सबसे बड़ी बात तो ये है कि इस बार शिकंजा तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर भी कसता नज़र आ रहा है. पब्लिक अकाउंट्स कमिटी यानि पीएसी ने 2010 के कॉमनवेल्‍थ खेलों की रिपोर्ट को स्‍वीकार कर लिया है.

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह पर कसा शिकंजा !

ये रिपोर्ट कांग्रेस के लिए गले की हड्डी बन गयी है क्योंकि इसमें सीधे-सीधे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आलोचना हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक़ पूर्व पीएम मनमोहन सिंह भी इस घोटाले के लिए अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार हैं क्योंकि उन्होंने कलमाड़ी को मनमाने फैसले लेने दिए, जिसके कारण इन खेलों में बड़े पैमाने पर घोटाले हुए.

बीजेपी नेता मुरली मनोहर जोशी की अध्‍यक्षता वाली पीएसी कॉमनवेल्‍थ खेलों में हुए घोटालों को लेकर दायर की गई कैग रिपोर्ट की जांच कर रही है. रिपोर्ट में बताया गया है कि राष्‍ट्रीय महत्‍व से जुड़े प्रोजेक्‍ट में पीएमओ का रवैया ढुलमुल था.

रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रीय महत्व से जुड़े प्रोजेक्ट को लेकर पीएमओ को अपनी जिम्मेदारी दूसरों पर डालने की जगह उस पर नजर रखनी चाहिए थी, उसका प्रभावी फॉलो अप सुनिश्चित करना चाहिए था. लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ भी नहीं किया गया.


पीएमओ का टालमटोली भरा रवैया !

इस मामले में 14 जनवरी 2005 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई ग्रुप आफ मिनिस्‍टर्स की मीटिंग का लिखित ब्योरा माँगा गया लेकिन वो नहीं दिया गया. पीएसी की और से मीटिंग का लिखित ब्योरा ना दिए जाने की जब वजह पूछी गयी तो पीएमओ ने कह दिया कि मीटिंग का लिखित ब्योरा क्यों नहीं दिया जा सकता इसकी वजह तो खेल मंत्रालय ही बता सकता है. पीएसी ने पीएमओ से मिले इस जवाब को भी खारिज कर दिया है.

रिपोर्ट के मुताबिक़ कैबिनेट सचिव राजनीतिक दबाव में झुक गए और जिम्‍मेदारी तय करने में नाकाम रहे. सबसे बड़ी बात तो ये है कि सभी पार्टियां पीएसी की इस रिपोर्ट से सहमत हैं. जिससे कांग्रेस के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी हो गयी हैं.

सीबीआई जांच !

इसके साथ-साथ रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि तत्‍कालीन खेल मंत्री दिवंगत सुनील दत्‍त को भी कई मुद्दो पर आपत्तियां थी, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया. पीएसी ने सीबीआई से छह मामलों में नए सिरे से दोबारा जांच शुरू करने को कहा है, साथ ही ये भी कहा गया है कि इन मामलों में अबकी बार तेजी से जांच की जाए ताकि घोटाले के लिए जिम्मेदार लोगों को जल्द से जल्द सजा दी जा सके.

गौरतलब है कि इन मामलों में सीबीआई ने कलमाडी़ और उनके करीबी लोगों पर 33 केस दर्ज किए थे. जिसके बाद सुरेश कलमाड़ी को जेल भी जाना पड़ा था. यही नहीं बल्कि इन घोटालों की आंच दिल्‍ली की तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री शीला दीक्षित तक भी जा पहुंची थी और उन्हें भी इस घोटाले के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था.


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