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‘ऑपरेशन हुर्रियत’ के बाद मोदी सरकार का बेहद हाहाकारी फैसला, अलगाववादियों का खेल सदा के लिए ख़त्म

gilani-modi

नई दिल्ली : स्वर्ग से भी सुंदर कश्मीर घाटी को आतंक और अलगाववादी की आग में सुलगाने वालों ने कांग्रेस सरकार के वक़्त में भले ही खूब मलाई चाटी हो लेकिन मोदी सरकार के कार्यकाल में उनकी शामत आ चुकी है. आजतक के स्टिंग ‘ऑपरेशन हुर्रियत’ से जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेताओं के चेहरे बेनकाब हो चुके हैं और ये बात साफ़ हो चुकी है कि आतंकवाद और अलगाववाद में कोई फर्क नहीं है बल्कि अलगाववाद भी आतंकवाद का ही एक हिस्सा है. खबर है कि अलगाववादियों के खिलाफ मोदी सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है.

हुर्रियत नेताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू !

कश्मीर में आतंक, आगजनी, पत्थरबाजी व् हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से हवाला के जरिये पैसे प्राप्त करने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी और कुछ अन्य हुर्रियत नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.

एनआईए ने आज (19 मई) बताया कि आतंकवाद निरोधक जांच एजेंसी की एक टीम श्रीनगर पहुंच गयी है. अब गिलानी, हुर्रियत के प्रांतीय अध्यक्ष नईम खान, जेकेएलएफ नेता फारूक अहमद दार उर्फ बिट्टा कराटे और तहरीक ए हुर्रियत के नेता गाजी जावेद बाबा के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.

एनआईए ने बताया कि कश्मीर में हिंसा और अलगाववाद फैलाने के लिए हुर्रियत नेताओं ने लश्कर ए-तैयबा प्रमुख हाफिज मुहम्मद सईद व् अन्य पाकिस्तानी आतंकियों संगठनों तथा पाक एजेंसियों से हवाला के जरिये पैसे लिए, जिसके लिए इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी है.

आतंकियों से पैसे लेकर करते हैं देश से गद्दारी

कश्मीर घाटी में सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी कराने, स्कूलों और अन्य सरकारी प्रतिष्ठानों में आगजनी करने के लिए हुर्रियत के नेताओं को पाकिस्तान से पैसा भेजा जाता रहा है, इसके खिलाफ अब तक पुख्ता सबूत नहीं थे लेकिन समाचार चैनल इंडिया टुडे द्वारा किये गए स्टिंग ऑपरेशन में ये बात खुल के सामने आ गयी है.

एनआईए अधिकारी ने बताया कि अब उनकी टीम हुर्रियत नेताओं से इस बारे में पूछताछ करके पूरे नेटवर्क का भांडाफोड़ करेगी. एनआईए ने बताया कि एक नोटिस इंडिया टुडे चैनल से स्टिंग का वीडियो लेने के लिए भी भेजा गया है ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके.

इंडिया टुडे चैनल ने 16 मई को एक स्टिंग ऑपरेशन दिखाया था, जिसमें हुर्रियत का एक नेता खुफिया कैमरे के सामने रिपोर्टर से बात करते हुए कबूल रहा था कि पाकिस्तान के आतंकी संगठनों द्वारा हवाला के जरिए उन्हें कश्मीर में हिंसा फैलाने के लिए पैसा भेजा जाता है. कैमरे के सामने ये बात खुल गयी कि पैसों के लिए हुर्रियत के ये नेता जिस देश का खाते हैं, उसी को दगा देने में शर्म महसूस नहीं करते और आतंकी गतिविधियां फैलाते हैं.

मजे कि बात तो ये है कि ये लोग खुद को कश्मीरियों का हिमायती कहते हैं लेकिन आतंकी संगठनों से पैसे ले कर उन्ही कश्मीरियों के बच्चों के हाथों में पत्थर थमा देते हैं. बच्चे स्कूल ना जा सकें इसके लिए उनके स्कूलों में आग लगवा देते हैं. आतंकियों को पनाह देते हैं. जो लोग पैसों के लिए देश के साथ गद्दारी कर सकते हैं, वो और क्या नहीं कर सकते, ऐसे में हुर्रियत को भी एक आतंकी संगठन घोषित करके हुर्रियत नेताओं पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए. जैसे-जैसे जांच में आगे खुलासे होते जाएंगे वैसे-वैसे इन बहरूपिये आतंकियों का खेल भी ख़त्म होता जाएगा.

अलगाववादियों ने मासूम बच्चों को थमाए पत्थर, अपने बेटे-बेटियों को भेजा विदेश

कश्मीर के मासूम लोगों के बच्चों के हाथों में पत्थर थमाने वाले नेताओं के भेष में इन हुर्रियत के आतंकियों के खुद के बच्चे क्या कर रहे हैं, जानकार आपके पैरों टेल जमीन ही खिसक जायेगी.

1. सैयद अली शाह गिलानी – खुद को कश्मीरियों का मसीहा कहने वाले इस दोगले आतंकी का एक बेटा नईम गिलानी पाकिस्तान के रावलपिंडी में डॉक्टर है, वहीँ दूसरा बेटा जहूर गिलानी भारत में ही एक विमान कंपनी में चालक दल का सदस्य है. इसकी बेटी सऊदी अरब के जेद्दाह में टीचर है और उसका पति इंजीनियर है.

2. गिलानी धड़े का महासचिव मोहम्मद अशरफ सेहरई – ये भी एक बेहद दोगला व्यक्ति है, पैसों के लालच में एक और तो ये कश्मीर में आतंक मचाता है लेकिन दूसरी ओर अपने बेटे आबिद को इसने कंप्यूटर इंजीनियर बनाया है, और वो दुबई में अच्छी नौकरी करता है.

3. मीरवाइज उमर फारूक – इस दोगले नेता की बहन राबिया फारूक अमेरिका में डॉक्टर हैं.

4. गुलाम मुहम्मद सुमजी – इसका बेटा जुगनू दिल्ली के एक बड़े मैनेजमेंट कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है.

5. फरीदा बहनजी – ये दोगली औरत कश्मीरियों को भड़काती है, लेकिन इसका अपना बेटा रूमा मकबूल दक्षिण अफ्रीका में डॉक्टर है.

6. हाशिम कुरैशी – डेमोक्रेटिक लिबरेशन पार्टी के इस दोगले नेता के दो बेटे इकबाल और बिलाल हैं, दोनों लंदन में रहते हैं.

7. अयाज अकबर – आतंकियों से मिले पैसों से ये अलगाववादी नेता कश्मीरियों को तो भड़काता है लेकिन उसी पैसे से अपने बेटे सरवार याकूब को पुणे में मैनेजमेंट की पढ़ाई करवा रहा है.

8. अब्दुल अजीज डार – इसके दो बेटे उमर डार और आदिल डार पाकिस्तान में शिक्षा ले रहे हैं.

9. असिया अंद्राबी – दुखतरान ए मिल्लत की इस दोगली नेता की बहन मरियम अपने परिवार के साथ मलेशिया में रहती हैं. इसके बड़े बेटे मोहम्मद बिन कासिम ने मलेशिया से बीटेक किया है और फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में आगे की पढ़ाई कर रहा है.

खुद को आजादी की जंग का सिपाही कहने वाले ये नेता असल में इतने दोगले हैं कि पूरी बेशर्मी के साथ ये कश्मीरी के मासूमों के हाथ में पत्थर से लेकर हथियार तक पकड़ा देते हैं लेकिन खुद के बच्चों को यहाँ से बहुत दूर अच्छी शिक्षा दिलवाते हैं. लेकिन अब इनका खेल सदा के लिए ख़त्म होने को है.

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