Home > ख़बरें > गुस्से में आये पीएम मोदी, गोरखधंधे में लगे उमर अब्दुल्ला समेत कईं दिग्गजों के खिलाफ एक्शन !

गुस्से में आये पीएम मोदी, गोरखधंधे में लगे उमर अब्दुल्ला समेत कईं दिग्गजों के खिलाफ एक्शन !

modi-omar-abdula

नई दिल्ली : मोदी सरकार लगातार कालेधन और टैक्स चोरों के खिलाफ सख्ती बढ़ाती जा रही है. इसी कड़ी में सरकार ने दो लाख से अधिक फर्जी कंपनियों के रेजिस्ट्रेशन रद्द किये थे. मगर अबकी बार तो मोदी सरकार ने ऐसा हिला देने वाला कदम उठाया है, जिससे काले कुबेरों की रूह काँप गयी है. सबसे अहम् बात ये है कि जिन लोगों पर एक्शन लिया गया है, उनमे जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का नाम भी शामिल है.


देखिये कौन सफेदपोश काले कारनामों में हैं शामिल

दरअसल मोदी सरकार ने सफ़ेदपोश बने रहकर काले कारनामे करने वालों के नाम सार्वजनिक कर दिए हैं और इनमे कई जानी-मानी हस्तियों के नाम भी शामिल हैं. इनमें जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, महाराष्ट्र के सेल्स टैक्स कमिश्नर राजीव जलोटा, मलयालम फिल्म स्टार मोहनलाल और मशहूर कंसल्टेंट रमा बीजापुरकर शामिल हैं. ये लिस्ट कंपनी मामलों के मंत्रालय ने जारी की है.

दरअसल मुखौटा कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सरकार ने 2 लाख फर्मों का रजिस्ट्रेशन कैंसल कर दिया था और उन कंपनियों के डायरेक्टरों पर उनके बैंक अकाउंट से पैसे निकालने पर भी रोक लगा दी थी. इसके बाद कंपनी मामलों के मंत्रालय ने डिफॉल्ट करनेवाली कंपनियों के 1 लाख से अधिक डायरेक्टरों को कंपनी लॉ के सेक्शन 164 (2)(ए) के तहत डिसक्वॉलिफाई कर दिया था. इसके बाद मोदी सरकार ने ऐसे 55 हजार से अधिक डायरेक्टर्स के नाम भी मंगलवार को सार्वजनिक कर दिए थे.


जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी लगे थे गोरखधंधे में

सरकार ने जिन एंटिटीज के नाम सार्वजनिक किये हैं, उनमें राज्य सरकार की एमआईडीसी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रॉजेक्ट्स लिमिटेड भी शामिल है, जिसके डायरेक्टर जलोटा थे. इसके अलावा इस लिस्ट में जम्मू-कश्मीर स्टेट पावर का नाम भी है, जिसके बोर्ड में उमर अब्दुल्ला शामिल थे. बता दें कि जिन कंपनियों के डायरेक्टर्स को डिसक्वॉलिफाई किया गया है, वो अब अगले पांच साल तक किसी भी कंपनी में बोर्ड मेंबर नहीं बन सकते हैं.

मोदी सरकार के हाहाकारी कदम से मची खलबली

इसके अलावा अब अयोग्य घोषित किए गए प्रमोटर और डायरेक्टर नई कंपनी भी नहीं खोल सकते. मोदी सरकार के इस हाहाकारी कदम से काफी उथल-पुथल मच गयी है, क्योंकि अब तक ये सफेदपोश लोग धड़ल्ले से गैर कानूनी काम करते थे और कोई इनके खिलाफ एक्शन लेने की हिम्मत नहीं करता था. यदि कोई एक्शन हुआ भी तो भी इन लोगों के नामों को गुप्त रखा जाता था, जनता को कानों-कान खबर तक नहीं होती थी. मगर अब जनता को ऐसे सफेदपोश मगर काले कारनामे करने वालों के बारे में पता चलेगा.

प्राइम डेटाबेस के प्रणव हल्दिया के मुताबिक़ सरकार ये नाम इसलिए जारी कर रही है ताकि ऐसे काले कुबेर शर्मिंदा हों. यह सार्वजनिक तौर पर दबाव बनाने का अच्छा तरीका है. मोहनलाल को उनकी कंपनी प्रणवा टेस्ट बड्स के डिफॉल्ट करने की वजह से डिसक्वॉलिफाई किया गया है, जिसको उन्होंने 2007 में बेच दिया था. बीजापुरकर का नाम 2007-08 में समीक्षा ट्रेडिंग से जुड़े रहने की वजह से इस लिस्ट में डाला गया है. कंपनी पहले ही दिवालिया हो चुकी है.


इस न्यूज़ को अपने मित्रों के साथ शेयर करना न भूलें। आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए हैं।

सब्सक्राइब करें हमारा यू-ट्यूब चैनल


हिंदी न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें


फेसबुक पेज लाइक करें

loading...

Comments