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जवानों की शहादत का बदला लेने के लिए पीएम मोदी की एक और सर्जिकल स्ट्राइक, दुश्मनों के उड़े होश !

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नई दिल्ली : प्रधानमन्त्री मोदी ने 2014 लोकसभा चुनाव से पहले देश की जनता से वादा किया था कि “मैं देश नहीं झुकने दूंगा”. अपने इस वायदे को पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक करके उन्होंने निभाया भी लेकिन हाल ही में कश्मीर और छत्तीसगढ़ में जवानों पर हुए हमलों से देश कि जनता को बड़ा आघात पहुंचा है और देशभर में पीएम मोदी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठी है. खबर आयी है कि पिछली सर्जिकल स्ट्राइक की तरह पीएम मोदी ने एक और सर्जिकल स्ट्राइक करने के आदेश दे दिए हैं.


नक्सलियों पर सर्जिकल स्ट्राइक !

हालांकि ये सर्जिकल स्ट्राइक पाकिस्तान में नहीं बल्कि सुकमा के नक्सलियों पर की जायेगी. पीओके में की गयी सर्जिकल स्ट्राइक के मास्टरमाइंड और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजित डोभाल को इस सर्जिकल स्ट्राइक की भी जिम्मेदारी सौंपी गयी है. सूत्रों के मुताबिक़ अब तक काफी नक्सली मारे भी जा चुके हैं, हालांकि सरकार की ओर से ऑपरेशन ख़त्म ना होने तक कोई भी आधिकारिक घोषणा नहीं की जायेगी ताकि शहरों में बैठे सफेदपोश नक्सली समर्थक ऑपरेशन में रुकावटें डालना शुरू ना कर दें.

ख़बरों के मुताबिक़ सुकमा में नक्सलियों को निपटाने के लिए खुद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मोर्चा संभाल लिया है. बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू की जा चुकी हैं. 2 मई को डोभाल दिल्ली से लेकर सुकमा तक नक्सल ऑपरेशन में लगे सभी अफसरों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक करेंगे.

बड़े पैमाने पर हो रही है कार्रवाई !

नक्सलियों को चारों तरफ से घेर कर ठिकाने लगाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय में नक्सल मामलों के सलाहकार विजय कुमार ने सुकमा में और डीजी नक्सल ऑपरेशन डीएम अवस्थी ने बीजापुर में डेरा डाल दिया है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) के डीजी शरद कुमार की गोपनीय रिपोर्ट आने के बाद विजय कुमार को तीन दिन में दूसरी बार छत्तीसगढ़ भेजा गया है.


सुकमा और बीजापुर में पुलिस और सीआरपीएफ के उच्च अधिकारियों की लगभग 2 घंटे तक चली मीटिंग में नक्सलियों पर की जाने वाली सर्जिकल स्ट्राइक के लिए ब्लू प्रिंट तैयार किया गया है. नक्सलियों के खिलाफ सरकार कितनी सख्त हो चुकी है, इस बात का अंदाजा तो इसी बात से लगाया जा सकता है कि विकास पर सबसे ज्यादा जोर देने वाली मोदी सरकार ने नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क निर्माण में लगे जवानों को वापस बुला लिया गया है.

हजारों की संख्या में जवान हुए शामिल !

नक्सलियों पर की जाने वाली इस सर्जिकल स्ट्राइक में कुछ सौ नहीं बल्कि हजारों की तादात में जवानों की जरुरत पड़ेगी, इसलिए सड़क का काम बंद कर दिया गया है और सभी जवानों को इस ऑपरेशन में शामिल किया गया है. जवानों के साथ हेलीकॉप्टरों, ड्रोन व् यूएवी की भी सहायता ली जायेगी. नक्सलियों लो लगता है कि जवानों पर हमले करके वो जंगलों में छिप जाएंगे तो उन्हें कोई ढूंढ नहीं पायेगा, लेकिन उनकी इस ग़लतफ़हमी को सदा-सदा के लिए दूर किया जाएगा.

केंद्र सरकार की ओर से सख्त निर्देश हैं की चाहे देश का सारा सुरक्षा बल लगाना पड़े लेकिन नक्सलियों की समस्या को सदा-सदा के लिए ख़त्म किया जाए, वो भी जल्द से जल्द. ख़बरों के मुताबिक़ जब तक ये समस्या पूरी तरह ख़त्म नहीं हो जाती तब तक इस ऑपरेशन को लगातार जारी रखा जाएगा.


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