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नितीश ने फिर तोड़ा पीएम मोदी का भरोसा, सोनिया के साथ मिल दे दिया कभी ना भरने वाला घाव !

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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री बनने की महत्वकांशा के चलते बिहार की मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने 2014 लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी के साथ अपना गठबंधन तोड़ दिया था. हालांकि प्रधानमंत्री बनने का उनका सपना तो अधूरा ही रह गया, उलटा बिहार के मुख्यमंत्री बनने तक के लिए उन्हें चारा घोटाले के दोषी लालू यादव और भ्रष्टाचार में सबसे आगे रहने वाली कांग्रेस के साथ गठबंधन तक करना पड़ा. अब नितीश कुमार को लेकर एक और बड़ी खबर सामने आयी है.

नितीश ने फिर तोड़ा भरोसा !

दरअसल पांच राज्यों के चुनाव से पहले खबर आने लगी थी कि नितीश और लालू के बीच सब कुछ ठीक नहीं है, इसलिए नितीश बीजेपी के साथ नजदीकियां बढ़ा रहे हैं. संभावना जताई जा रही थी कि बिहार में महागठबंधन तोड़ कर नितीश एक बार फिर से एनडीए का हिस्सा बन सकते हैं. पीएम मोदी भी नितीश कुमार को लेकर काफी नरम रुख अपनाये हुए थे और अक्सर ही उनकी तारीफ़ भी करने लगे थे लेकिन इन सभी संभावनाओं पर नितीश ने पानी फेर दिया.

20 अप्रैल को नितीश कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिले. सूत्रों के मुताबिक़ इस मीटिंग में 2019 लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी से मुकाबला करने के लिए महागठबंधन बनाने के बारे में विचार-विमर्श किया गया. साथ ही आगामी राष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी को चुनौती देने के लिए भी उन्होंने सोनिया गांधी को विपक्ष को एकजुट करने की सलाह दीं.

मोदी और बीजेपी के खिलाफ सुर किये तेज !

नितीश के मुताबिक़ सबसे बड़ी पार्टी की मुखिया होने के नाते सोनिया गाँधी को तुरंत पहल कर सभी विपक्ष दलों के बीच सहमति बनानी चाहिए. इससे पहले राष्ट्रपति चुनाव को लेकर नितीश एनसीपी नेता शरद पवार, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी और भाकपा नेता डी राजा से भी बात कर चुके हैं. जेडीयू के महासचिव के सी त्यागी के मुताबिक़ ये मुलाक़ात कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की पहल पर ही हुई है.

त्यागी ने बताया कि जेडीयू चाहती है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सबसे बड़ी विपक्षी दल की नेता हैं, इसलिए उन्हें सभी विपक्षी पार्टियों से राष्ट्रपति चुनाव को लेकर बातचीत करनी चाहिए और सर्वसम्मति से एक सेक्यूलर उम्मीदवार को एनडीए के खिलाफ खड़ा करे.

नितीश के इस दांव को देखकर ये बात साफ़ है कि उनके मन से राष्ट्रीय स्तर का नेता बनने की महत्वकांक्षाएँ अभी कम नहीं हुई हैं और वो कांग्रेस व् अन्य दलों के साथ महागठबंधन बना कर अगला लोकसभा चुनाव बीजेपी व् मोदी के खिलाफ लड़ने के मूड में हैं. वहीँ कहा ये भी जा रहा है कि राहुल की जगह नितीश खुद को महागठबंधन का पीएम उम्मीदवार बनाकर सीधे पीएम मोदी को टक्कर देने सपना पाले बैठे हैं.

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