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बिहार में खुद नितीश ही निकले सबसे बड़े खिलाड़ी, मोदी संग मिल कर ढहाया लालू का अवैध किला

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नई दिल्ली : आरजेडी प्रमुख और चारा चोर के नाम से मशहूर लालू यादव बेनामी संपत्ति के मकड़जाल में फंस चुके हैं. 1000 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति के मामले में कल (16 मई को) सुबह आयकर विभाग ने लालू के ठिकानों पर छापे मारे. छापेमारी देख लालू बुरी तरह से सकपका गए और बीजेपी को नया गठबंधन मिलने के लिए बधाई देने लगे. लेकिन अब इस मामले में जो खबर सामने आ रही है, उसने देश की राजनीति में बुरी तरह से खलबली मचा दी है.

नीतीश कुमार की देन है लालू का अवैध किला ढहाने की कार्रवाई!

दरअसल खबर है कि लालू के खिलाफ खुद नितीश कुमार के इशारों पर ही सबूत बीजेपी तक पहुचाये जा रहे हैं. बिहार बीजेपी अध्यक्ष सुशील कुमार मोदी के मुताबिक़ खुद जेडीयू के नेताओं ने ही उन्हें लालू के खिलाफ सबूत मुहैया करवाए हैं. गौरतलब है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कालेधन के खिलाफ पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले की तारीफ़ की थी और साथ ही पीएम मोदी से भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेकने के लिए बेनामी संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की थी.

मोदी सरकार द्वारा बेनामी संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई का शिकार खुद उन्ही के सहयोगी लालू यादव हो गए हैं. बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और बिहार बीजेपी अध्यक्ष सुशील कुमार मोदी के मुताबिक़ लालू यादव और उनका परिवार 1500 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति पर कुंडली मार कर बैठा हुआ है.

अब इसे महज एक संयोग ही कहा जाए या कुछ और कि लालू यादव के ठिकानों पर छापेमारी से ठीक एक ही दिन पहले नीतीश कुमार ने बीजेपी से कहा था कि यदि उन्हें लगता है कि लालू के खिलाफ उनके आरोपों में दम है और उनके पास पुख्ता सबूत हैं तो वो कानूनी कार्रवाई करें. इसके अगले ही दिन आयकर अधिकारी लालू पर टूट पड़े और लालू सकपकाते हुए अनर्गल प्रलाप करना शुरू हो गए.

नीतीश कुमार ने सोमवार (15 मई) को लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर शेल कंपनियों के जरिए बेनामी संपत्ति हड़पने के आरोपों पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा था कि लालू और उनके परिवार पर लगाये गये आरोप कम्पनी कानून से संबंधित हैं जो केन्द्र सरकार के दायरे में आता है. उन्होंने मोदी सरकार को उकसाते हुए कहा था कि यदि सरकार को यकीन है कि उनके आरोपों में ज़रा भी दम है और उनके पास लालू के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं, तो वो कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं.

बिहार की राजनीति में फिलहाल हड़कंप की स्थिति बनी हुई है, कयास लगाए जा रहे हैं कि नितीश खुद भी लालू के साथ गठबंधन तोड़ना चाहते हैं लेकिन अपने हाथ भी गंदे नहीं करना चाहते. लालू राज में बढ़ रही गुंडागर्दी के कारण नितीश की छवि धूमिल होती जा रही है, ऐसे में यदि लालू के खिलाफ आरोप सही साबित हो जाते हैं, तो नितीश को भी गठबंधन तोड़ने का एक बहाना मिल जाएगा. हालांकि नितीश बीजेपी के साथ दोबारा गठबंधन करेंगे या नहीं, इस बारे में फिलहाल कुछ निश्चित नहीं है.

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