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अलगाववादियों के लिए डंडे लेकर जेल पहुंची जांच एजेंसी, उसके बाद जो हुआ, उसे देख आपकी रूह काँप उठेगी

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नई दिल्ली : कांग्रेस का राज कबका ख़त्म हो चुका है और कोंग्रेसी आँचल में फलफूल रहे देश को तोड़ने का सपना देखने वाले अलगाववादियों का भी वक़्त अब आखिरकार ख़त्म हो गया. पीएम मोदी ने अपना एक वादा आखिरकार निभा ही दिया. हुर्रियत नेताओं के गले में पड़ी कानूनी रस्सी को आधार मिल गया है और हवालात में अब उनकी डंडों से आवभगत की जानी शुरू हो चुकी है.


उलटा लटका कर की ऐसी धुलाई, सारा सच आ गया बाहर

टेरर फंडिग केस में एनआईए को हुर्रियत नेताओं के खिलाफ ‘पुख्ता सबूत’ मिल गए हैं. एक के बाद एक पकडे गए अलगाववादियों के हलक में ऐसा हाथ डाला गया कि देशद्रोहियों ने सारी सच्चाई उगल दी. बताया जा रहा है कि इन पुख्ता सबूतों के आधार पर अब सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और यासीन मलिक जैसे बड़े अलगाववादी नेताओं को सजा मिलना तय हो चुका है. कोई ताकत अब इन्हे नहीं बचा सकती.

जानकारी के मुताबिक़ इस केस के पांच आरोपियों के खिलाफ गवाहों ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराए हैं, जो अदालत में मान्य होते हैं. गवानों ने कबूल किया है कि किस तरह हुर्रियत के टॉप नेताओं ने पाकिस्तान से कश्मीर में आतंक और हिंसा फैलाने के लिए फंड हासिल किया.

सभी दस्तावेज भी लगे हाथ

गिरफ्तार किये गए अलगाववादियों की डंडों से ऐसी पूजा की गयी कि जांच एजेंसी के सामने ना केवल उन्होंने अपनी काली सच्चाई कबूली बल्कि कहाँ-कहाँ क्या-क्या दस्तावेज छिपा कर रखें हैं, ये भी उगल दिया. जिसके बाद गिरफ्तार किए गए एक शख्स के घर पर छापे मारकर एनआईए ने कई ऐसे दस्तावेज बरामद किये, जो हवाला के जरिए पाकिस्तान स्थित स्रोतों से हुर्रियत नेताओं तक फंड पहुंचाए जाने की पूरी दास्तांन बयां कर रहे हैं.


कुल मिलाकर इतने सबूत मिल चुके हैं कि हुर्रियत नेता आजादी की हवा में सांस लेने के लिए तरस जाएंगे. जांच एजेंसियों के सामने खुद को फंसता हुआ देख कई आरोपियों ने सरकारी गवाह बनना भी कबूल किया है और मैजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराने की इच्छा जाहिर की है. हालांकि एनअाईए उन्हें गवाह बनाए जाने के पक्ष में नहीं, वह उन्हें केस में आरोपी के तौर पर ही देखना चाहती है.

आजादी की हवा के लिए तरसेंगे देशद्रोही

वहीं, जानकारों का कहना है कि धारा 164 के तहत दर्ज किए गए बयान और दस्तावेजी सबूतों के आधार पर हुर्रियत के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी, नरम माने जाने वाले हुर्रियत चीफ मीरवाइज उमर फारूक और जेकेएलएफ चीफ यासीन मलिक का बचना अब नामुमकिन हो चुका है.

कश्मीर में मोदी सरकार का जादू चल चुका है. आतंकवादियों को भी तबियत से ठोका जा रहा है, जल्द ही घाटी फिर से स्वर्ग बन जायेगी.


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